यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अवैध शराब के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए आबकारी विभाग का अभियान तेजी से जारी है. अक्टूबर माह के केवल 23 दिनों के दौरान प्रदेशभर में 68,117 छापेमारी की गई. इस दौरान 7,194 मामले दर्ज किए गए, 1,67,153 बल्क लीटर अवैध शराब बरामद की गई और 180 आरोपियों को जेल भेजा गया. योगी सरकार की अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की नीति के तहत विभाग ने प्रवर्तन गतिविधियों को और तेज कर दिया है. राज्यव्यापी अभियान के माध्यम से अवैध गतिविधियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
आबकारी मंत्री बोले- बड़े पैमाने पर चल रही कार्रवाई
आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई यह दर्शाती है कि विभाग प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अभियान को व्यापक स्तर पर चला रहा है. उन्होंने कहा कि छापेमारी और निरीक्षण जैसी प्रवर्तन गतिविधियां अवैध शराब के भंडारण, बिक्री और आपूर्ति के नेटवर्क का पता लगाने तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
आयुक्त बोले- किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने कहा कि राज्यभर में अवैध शराब के निर्माण, तस्करी और बिक्री के खिलाफ अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. 23 दिन में 180 लोगों क भेजा गया जेल उन्होंने बताया कि 1 से 23 अक्टूबर के बीच प्रदेशभर में 68,117 छापे मारे गए, 7,194 मामले दर्ज हुए, 1,67,153 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की गई और 180 लोगों को जेल भेजा गया. आबकारी आयुक्त ने दोहराया कि अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.
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