- गंगा में बहकर बिहार से यूपी पहुंची महिला कई दिनों बाद बलिया में मिली.
- महिला बिहार के बक्सर में पूजा करने के बाद नदी में डुबकी लगाते वक्त डूबी थी.
- यूपी के बलिया में कुछ मछुआरों ने महिला का आवाज सुनकर उसे बचाया.
क्या आपने कभी ऐसी सच्ची घटना से जुड़ी कहानी सुनी है कि कोई नदी में डूबा और बहते हुए एक राज्य से दूसरे राज्य पहुंच गया. और कुदरत का करिश्मा ऐसा कि उसे सही सलामत नदी से निकाला गया. कुदरत के कहर के सामने इंसानी हिम्मत की मिसाल पेश करते हुए, गंगा में डुबकी लगाते वक्त बह गई एक महिला को दो हफ्ते बाद उत्तर प्रदेश के बलिया में बचाई गई. वह बाढ़ के पानी से घिरी एक झोपड़ी में फंसी हुई थी. जानकारी के मुताबिक, महिला सिर्फ नदी का पानी पीकर जिंदा थी.
महिला की पहचान बिहार के बक्सर जिले की रहने वाली सुनैना देवी के तौर पर हुई है. कई दिनों तक कोई मदद न मिलने पर उसने तैरकर सुरक्षित जगह पर पहुंचने की कोशिश की. सोमवार को उत्तर प्रदेश के बलिया में चैनछपरा गांव के पास नाव चलाने वालों ने उसे बचाया, जब डूबते हुए उसने मदद के लिए जोर-जोर से आवाज लगाई.
नदी का पानी पीकर जिंदा रही महिला
बलिया के हल्दी पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) राजीव राय ने मंगलवार को बताया कि महिला ने पुलिस को बताया कि बक्सर में पूजा-पाठ करने के बाद गंगा में डुबकी लगाते वक्त तेज बहाव में वह बह गई थी.
लेकिन जब कोई नहीं आया, तो सुनैना सोमवार को मदद की उम्मीद में अपनी झोपड़ी से बाहर निकलीं. हालांकि, वे बाढ़ के गहरे पानी में डूब रही थीं. उन्होंने पुलिस को बताया, "मैं 'शिवगुरु-शिवगुरु' पुकारती रही और मदद के लिए चिल्लाती रही."
उनकी चीखें सुनकर, पास ही मछली पकड़ रहे नाविक वहां पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
पुलिस ने सुनैना देवी के हवाले से बताया कि वह कई दिनों तक बेहोश थीं और नदी की धारा के साथ बहती चली गईं.
SHO राय ने बताया कि जब सुनैना के परिवार को इस मामले की जानकारी दी गई, तो वे सोमवार को हल्दी पुलिस स्टेशन पहुंचे.
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मिलने के बाद भावुक हुए घर के लोग...
सुनैना और उनके परिवार के सदस्यों का मिलन बहुत भावुक था. उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने सुनैना को बहुत ढूंढा था, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर उन्होंने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
परिवार के एक सदस्य ने बताया कि भले ही परिवार को भगवान पर भरोसा था, लेकिन उन्हें सुनाना के जिंदा मिलने की उम्मीद खत्म हो चुकी थी.
सुनाना देवी के बेटे कमलेश ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, "31 अगस्त को वे (सुनाना देवी) नदी में डुबकी लगाने गई थीं, जिसके बाद वह लापता हो गईंय 1 सितंबर को बक्सर के एक पुलिस स्टेशन में उनके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. जब हम उनसे (हल्दी पुलिस स्टेशन में) मिले, तो वह काफी कमजोर दिख रही थीं, लेकिन उन्होंने हमें तुरंत पहचान लिया."
उन्होंने बताया कि सुनाना ने उन्हें बताया कि नदी की तेज लहरों में बह जाने के बाद, वह तैरकर सुरक्षित जगह पर पहुंचीं.
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कमलेश ने कहा, "करीब 10-15 दिनों तक वह गंगा का पानी पीकर जिंदा रहीं. उन्हें बक्सर लाने के बाद हम उन्हें डॉक्टर के पास ले गए, जिन्होंने कहा कि वह कमजोर हैं और उन्हें सही दवाएं दी जाएंगी."
21 साल के कमलेश ने आगे कहा कि बलिया से अपनी मां के घर लौटने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है.
बैरिया के सर्कल ऑफिसर आलोक कुमार गुप्ता ने बताया, "महिला ने दावा किया था कि जब तक स्थानीय लोगों और पुलिस ने उसे बचाया, तब तक वह गंगा का पानी पीकर जिंदा रही."
उन्होंने कहा, "मिलने के बाद बक्सर में उसके परिवार को जानकारी दी गई और उसे उसके परिवार वालों को सौंप दिया गया."
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