साल 2016 के बाद बिहार एक बार फिर भयंकर बाढ़ की चपेट में है. 10 साल बाद बिहार में एक बार फिर बाढ़ भयंकर कहर बन कर आई है. बिहार की लगभग नदियां इस वक्त खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, पटना में गंगा नदी अभी तक के अपने उच्चतम लेवल पर बह रही है. इस बाढ़ की चपेट में इस बार पूरा बिहार आ सकता है. बिहर की राजधानी पटना समेत, पूरा उत्तर बिहार और गंगा के किनारे बसे जिले इसकी मार झेल रहे हैं.
नेपाल में आई तबाही ने भी डाला प्रभाव
26 अगस्त को नेपाल में आए फ्लश फ्लड का असर भी बिहार पर पड़ा है. नेपाल के त्रिशूली नदी में आए ने सबसे पहले बिहार में गंडक नदी में भारी पानी आया. जिसके कारण नेपाल से सटे तमाम जिले चंपारण, बगहा, गोपालगंज में बाढ़ का पानी घुस गया. उसके बाद कोसी भी उफान पर है. कोसी में जलस्तर बढ़ने के कारण उत्तर बिहार के तमाम जिलों में इस वक्त भयंकर बाढ़ का असर है. यह दोनों नदियां आकर गंगा में मिलती है जिस कारण से गंगा नदी का जलस्तर अभी तक के इसके रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है. गंगा के दोनों ओर बसे तमाम जिले इस वक्त भयंकर बाढ़ की चपेट में हैं. राजधानी पटना समेत बेगूसराय, खगड़िया और भागलपुर ऐसे जिले हैं जो इस वक्त बाढ़ की तबाही का सबसे ज्यादा मार झेल रहे हैं.
बिहार के मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया है. बेगूसराय में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि गंगा नदी से आने वाली बाढ़ का स्थायी इलाज करेंगे. पटना के बॉर्डर से लेकर पूरे क्षेत्र में बाढ़ की हालत है. सीएम ने कहा कि सोन नदी में 5.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े गए हैं. सभी जगह प्रशासन अलर्ट है, आम लोगों को सुविधा दे रहे हैं. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज बाढ़ प्रभावित जिलों के संबंधित प्रभारी मंत्री और प्रभारी अधिकारी को जिले में रहने का आदेश दिया हैं।
बाढ़ की लगातार चल रही मॉनिटरिंग
बिहार में आई भयंकर बाढ़ को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और जल संसाधन विभाग हाई एलर्ट पर है. जल संसाधन विभाग के मंत्री और बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने भी बिहार में बाढ़ को लेकर समीक्षा बैठक की है और उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया साथी उन्होंने कहा है कि सरकार अलर्ट मोड पर है.
विपक्ष का सरकार पर हमला
बिहार में आई भयंकर बाढ़ के बीच बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर दियारा पहुंचे. राघोपुर इस वक्त पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में है. गंगा नदी के बीच में पड़ने वाला यह इलाका इस वक्त भयंकर बाढ़ झेल रहा है. इसको लेकर बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरते हुए कहा है कि सरकार इस वक्त खजाना लूटने में व्यस्त है और बिहार के लोग बाढ़ में बहाल हो रहे हैं.
पप्पू यादव भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पटना के दियारा इलाके में बाढ़ में फंसे लोगों के पास जाकर उनके बीच आर्थिक मदद की है. पप्पू यादव ने सरकार पर आरोप लगाया है कि बिहार में आई बाढ़ बिहार सरकार के विभाग के लिए लूट का खजाना बनी हुई है सरकार का कोई मंत्री और अधिकारी इन लोगों के पास मिलने नहीं आ रहा है.
बिहार के लिए खतरनाक है ये बाढ़
10 साल के बाद बिहार में एक बार फिर से बाढ़ तूफान पर है. बिहार के लिए खतरा आगे भी है. नेपाल से आई पानी में कई तरह के मलबे, लेड ,आर्सेनिक पदार्थ बहकर बिहार की नदियों में आ गए हैं. इसके अलावा बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां बिहार के नदियों में आई है जिसके वजह से बिहार की नदियों का पानी भी दूषित हुआ है. बिहार में नदियां इस वक्त तूफान पर है जिन इलाकों में बाढ़ का पानी घुसा है ,यह पानी अभी लंबे समय तक उस इलाके में रहेगा इसके बाद इस इलाके में रहने वाले लोगों के लिए ना तो बिजली है ना पीने का पानी है और ना खाने का राशन. कई सारे बाढ़ प्रभावित लोग और मवेशियों की जान बाढ़ में डूबने और भूखे रहने की वजह से हो सकती है. इसके अलावा जिन इलाकों में भी बाढ़ का पानी रहेगा उन इलाकों में बीमारियां फैलने का भी डर है जिससे बिहार की एक बड़ी आबादी प्रभावित हो सकती है.
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