झारखंड के रामगढ़ से एक विधवा मां का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे जिसने भी देखा वह चौंक गया. दरअसल यह वीडियो रामगढ़ जिले में चल रही होमगार्ड भर्ती की तैयारी का है, जहां एक महिला ने पारंपरिक साड़ी पहनकर और नंगे पांव दौड़कर फिजिकल टेस्ट दिया. इस जांबाज महिला का नाम कविता कुमारी (महतो) है, जिन्होंने अपनी गरीबी और हालातों को अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया. वीडियो वायरल होने के बाद कविता के अद्भुत जज्बे को सलाम करने के लिए अंकित रनर अकादमी ने उन्हें सम्मानित करने उनके घर पहुंचे और उनके हौसले की सराहना की.
जूता और ट्रैक सूट खरीदने के पैसे नहीं थे, तपती धूप में नंगे पांव दौड़ी
मिली जानकारी के मुताबिक रामगढ़ के सोसो गांव की रहने वाली कविता महतो के घर की माली हालत बेहद खराब है. उनके पास दौड़ने के लिए नंगे पैर के अलावा कोई विकल्प नहीं था, क्योंकि ट्रैक सूट और जूते खरीदने के लिए पैसे नहीं थे. इसके बावजूद, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. तपती धूप और जलती हुई जमीन पर वह बिना जूतों के, साड़ी पहने हुए ही मैदान में उतर गईं. बता दें कि इस दौड़ के ट्रायल को पास करने के लिए उम्मीदवारों को 10 मिनट का समय दिया गया था. लेकिन कविता के भीतर अपने बच्चों के भविष्य को संवारने की जो आग है, उसने उन्हें असाधारण रफ्तार दे दी है. उन्होंने साड़ी पहनकर नंगे पैर दौड़ते हुए इस 10 मिनट की दूरी को महज 6 मिनट में ही पूरा कर लिया.
तीन साल पहले पति को खोया, सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी भी की
दरअसल रामगढ़ के सोसो गांव की रहने वाली 27 वर्षीय कविता कुमारी की कहानी सिर्फ एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे संघर्ष की एक लंबी दास्तान है. करीब तीन साल पहले लंबी बीमारी के बाद उनके पति दीपक महतो की मौत हो गई थी. पति के जाने के बाद दो छोटे बच्चों के साथ पूरे परिवार की जिम्मेदारी अचानक कविता के कंधों पर आ गई. परिवार चलाने के लिए कविता ने हिम्मत दिखाई और कुछ समय तक सिक्योरिटी गार्ड के रूप में भी नौकरी की.
बच्चों के भविष्य के लिए सुबह 4 बजे से तैयारी
मुश्किल परिस्थितियां भी कविता के इरादों को डिगा नहीं पाईं है. अपने बच्चों को एक बेहतर जिंदगी देने के लिए कविता ने सरकारी नौकरी हासिल करने की ठानी. वह रोज सुबह करीब 4 बजे घर से निकल जाती हैं और लगातार दो घंटे तक दौड़ लगाकर पुलिस या होमगार्ड भर्ती की तैयारी करती हैं.इसी कड़ी मेहनत के दौरान, एक निजी ट्रेनिंग सेंटर द्वारा आयोजित ट्रायल प्रतियोगिता में कविता साड़ी पहनकर ही मैदान में उतर गईं. होमगार्ड और पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे अन्य अभ्यर्थियों के बीच आयोजित इस परीक्षा में उन्होंने साड़ी पहनकर और नंगे पांव दौड़ते हुए 1600 मीटर की कठिन दौड़ को निर्धारित समय से बहुत पहले ही पूरा कर लिया. इस दौड़ का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर आया, वह तेजी से वायरल हो गया और लोग उनके इस बेमिसाल हौसले के मुरीद हो गए.
होमगार्ड भर्ती में विशेष आरक्षण का मिलेगा लाभ
रामगढ़ जिले में इस समय होमगार्ड के 284 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है, जिसके लिए शारीरिक परीक्षण 24 अक्टूबर से 5 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है. इस भर्ती में महिलाओं के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित रखी गई हैं. वहीं, कविता जैसी विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के लिए 5 फीसदी अतिरिक्त आरक्षण का विशेष प्रावधान है, जो उनके सरकारी नौकरी पाने के सपने को सच करने में मददगार साबित होगा.कुल मिलाकर कविता कुमारी आज उन सभी अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन चुकी हैं, जो जीवन में संसाधनों की कमी का रोना रोते हैं. विपरीत हालातों में भी मुस्कुराते हुए आगे बढ़ने की कविता की यह कहानी हर किसी को प्रेरित कर रही है.
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