भारत की एकमात्र विश्व कप विजेता महिला क्रिकेट कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को तीनों प्रारूपों की कप्तानी से इस्तीफा देते हुए कहा कि बतौर कप्तान उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाई है और अब वह “एक बार फिर सिर्फ खेल के प्यार और जुनून के लिए खेलने को तैयार हैं. 37 साल की हरमनप्रीत का यह फैसला गुवाहाटी में हुई बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के बाद आया, जिसमें पिछले कुछ महीनों में टीम के प्रदर्शन और उसकी आगे की दिशा का आकलन किया गया. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में हरमनप्रीत के अलावा उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी शामिल हुए.
अब जब हरमनप्रीत ने कप्तानी छोड़ दी है तो पूरी उम्मीद है कि बीसीसीआई जल्द ही मंधाना को कप्तानी पद पर नियुक्त करने का फैसला कर सकता है. स्मृति मंधाना भारतीय महिला टीम की उपकप्तान रही हैं और जब भी हरमनप्रीत उपलब्ध नहीं होती थीं, तो उन्होंने कप्तान की जिम्मेदारी संभाली है. जुलाई में उन्होंने कहा था कि जरूरत पड़ने पर वे जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं, कार्यवाहक कप्तान के तौर पर वनडे और T20I में 22 मैचों में 15 जीत का उनका रिकॉर्ड रहा है. मंधाना ने साल 2024 और 2025 में चार ODI मैचों में टीम की कप्तानी की है और सभी में जीत हासिल की है. उन्होंने 18 T20I मैचों में कप्तानी की है और उनमें से 11 में जीत दर्ज की है.
मंधाना का रिकॉर्ड, कप्तानी की दावेदारी को कर रहा मजबूत
स्मृति मधंना ने 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था और वह एक दशक से ज्यादा समय से भारतीय टीम का हिस्सा रही हैं, मंधाना टीम की कई पीढ़ियों के साथ खेल चुकी हैं और उन्हें सभी फॉर्मेट में खेलने का अनुभव है.पिछले महीने, मंधाना महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बैटर बनी थी. उन्होंने मिताली का रिकॉर्ड तोड़ा था. स्मृति इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली बैटर हैं.
सभी फॉर्मेट मिलाकर उनके नाम अब 18 शतक हैं. मंधाना ने भारत की सबसे भरोसेमंद ODI बैटरों में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है. साल 2024 में, वह महिला ODI में भारत के लिए सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली खिलाड़ी बनीं. उन्होंने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ अपना आठवां शतक लगाया और मिताली के 7 शतकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. कप्तानी के लिए मंधाना को पहले से ही काफ़ी समर्थन मिल रहा है, जुलाई में मिताली ने ODI और टेस्ट कप्तानी के लिए उनका समर्थन किया था, जबकि पूर्व कप्तान डायना एडुलजी ने कहा था कि उन्हें तीनों फॉर्मेट में कप्तानी संभालनी चाहिए.
दीप्ति शर्मा
वैसे, मंधाना रेस में सबसे आगे हैं और उनका मुकबला कोई नहीं है, लेकिन अगर मंधाना ने तीनों फॉर्मेट में कप्तानी बनने की बात स्वीकार नहीं की तो बीसीसीआई जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष, दीप्ति शर्मा और शेफाली वर्मा के बारे में सोच सकता है. हरमनप्रीत कौर की तरह ही अगर अनुभवी खिलाड़ी की तलाश हो तो दीप्ति शर्मा कप्तान के लिए मंधाना के बाद रेस में दूसरी सबसे बड़ी दावेदार बन सकती हैं, दीप्ति के पास अच्छा अनुभव , दीप्ति शर्मा महिला प्रीमियर लीग में यूपी वॉरियर्स की कप्तानी भी कर चुकी हैं.
जेमिमा रोड्रिग्स
जेमिमा रोड्रिग्स एक ऐसी खिलाड़ी हैं जिसके पास नेतृत्व की क्षमता नजर आती है .भविष्य के बारे में सोचकर बीसीसीआई जेमिमा रोड्रिग्स के बारे में सोच सकता है. जेमिमा के पास दिल्ली कैपिटल्स की महिला टीम की कप्तानी का अनुभव भी है.
शेफाली वर्मा
इसके अलावा शेफाली वर्मा भी कतार में हैं. अगर बीसीसीआई टीम के लिए अलग-अलग फॉर्मेट में अलग कप्तान के बारे में सोचता है तो शेफाली टी-20 में कप्तान बनने की सबसे बढ़िया विकल्प हैं. शेफाली के पास घरेलू क्रिकेट में कप्तानी करने का अनुभव है.
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