- वाराणसी MLC चुनाव में BJP ने मानी हार! तीसरे दिन भी मतगणना, आशुतोष सिन्हा की बढ़त से बदला सियासी समीकरण
- PM मोदी के संसदीय क्षेत्र में BJP को झटका, आशुतोष सिन्हा की बढ़त ने BJP की बढ़ाई मुश्किलें
- अखिलेश यादव की अपील और कार्यकर्ताओं की पहरेदारी के बीच बढ़त बरकरार
उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में शामिल वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में तीसरे दिन भी मतगणना जारी रही. हालांकि निर्वाचन अधिकारी की ओर से अंतिम परिणाम की औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा की लगातार बढ़त के बीच भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने हार स्वीकार कर ली है. केदारनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर जनादेश को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करने की बात कही. इस घटनाक्रम ने वाराणसी की चुनावी लड़ाई को प्रदेश की राजनीति का बड़ा विषय बना दिया है.
भाजपा प्रत्याशी ने स्वीकार किया जनादेश
वाराणसी स्नातक सीट पर मंगलवार सुबह शुरू हुई मतगणना गुरुवार तक जारी रही. नौवें चक्र की मतगणना तक समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा मजबूत बढ़त बनाए हुए थे. इसी बीच भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर मतदाताओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी. उन्होंने लिखा कि वह जनादेश को पूर्ण विनम्रता और लोकतांत्रिक मर्यादा के साथ स्वीकार करते हैं.

बीजेपी प्रत्याशी की पोस्ट
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केदारनाथ सिंह ने पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों का भी धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि जीत और हार लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन जनसेवा का उनका संकल्प आगे भी जारी रहेगा.
सपा खेमे में उत्साह
आशुतोष सिन्हा की बढ़त के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है. पार्टी नेताओं का दावा है कि वाराणसी स्नातक सीट पर सपा की जीत तय हो चुकी है और अब केवल आधिकारिक घोषणा का इंतजार है. आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि आशुतोष सिन्हा लगभग 16,990 वोटों से जीत चुके हैं और उन्हें जीत का प्रमाणपत्र दिया जाना चाहिए. निर्वाचन अधिकारियों की ओर से अभी अंतिम परिणाम घोषित नहीं किया गया है.
मतगणना के दौरान हुआ था विवाद
वाराणसी में बुधवार शाम से मतगणना को लेकर विवाद भी सामने आया था. भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह धरने पर बैठ गए थे और उन्होंने मतगणना पर्यवेक्षक प्रांजल यादव पर धांधली के आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की थी.
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा था, "सब डटे रहें और जीत का प्रमाणपत्र लेकर ही उठें." उन्होंने कार्यकर्ताओं से भोजन, पानी और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं बनाए रखने तथा मतगणना की निगरानी करने की अपील भी की.
भाजपा-सपा में आरोप-प्रत्यारोप
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुजीत यादव ने दावा किया कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और मतदाताओं के समर्थन से पार्टी को बढ़त मिली है. उन्होंने कहा कि अगर यही माहौल बना रहा तो 2027 में प्रदेश में सपा सरकार बनाएगी. वहीं सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर प्रशासनिक स्तर पर चुनाव प्रभावित करने की कोशिश की गई.
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