उत्तर प्रदेश में कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होना है. राजनीतिक दलों के साथ-साथ प्रशासन भी इसकी तैयारी में जुटी है. चुनाव से पहले यूपी में अधिकारियों के तबादले भी ताबड़तोड़ हो रहे हैं. बीती रात भी यूपी में 17 IAS अधिकारियों का तबादला हुआ. इन 17 आईएएस अधिकारियों के तबादले की लिस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा मुरादाबाद के कमिश्नर रहे आंजनेय सिंह को लेकर हो रही है. 2005 बैच के सिक्किम कैडर के IAS अधिकारी आंजनेय सिंह लंबे समय से यूपी में थे. उन्हें 7 बार सेवा विस्तार भी मिल चुका था. आंजनेय सिंह सपा नेता आजम खान टक्कर लेने के कारण लगातार चर्चाओं में रहते थे. कहा जाता है कि आजम का किला ढहाने में आंजनेय सिंह की भूमिका बहुत अहम थी. लेकिन अब यूपी चुनाव से पहले आंजनेय की मुरादाबाद से विदाई हो गई है.
5 साल 5 महीने तक मुरादाबाद के कमिश्नर रहे आंजनेय सिंह
आंजनेय सिंह की जगह पर अलीगढ़ की मंडलायुक्त रहीं संगीता सिंह को मुरादाबाद का नया मंडलायुक्त बनाया गया है. आंजनेय सिंह 6 मार्च 2021 से 14 अगस्त 2026 तक करीब 5 साल और 5 महीने मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर रहे. इससे पहले वो रामपुर में डीएम भी रहे. रामपुर जिलाधिकारी रहते हुए ही उनकी आजम खान से टक्कर होनी शुरू हो गई थी.
14 अगस्त को सेवा विस्तार की अवधि खत्म होने के बाद से छुट्टी पर आंजनेय सिंह
मिली जानकारी के अनुसार 14 अगस्त को आंजनेय सिंह के सेवा विस्तार की अवधि खत्म हो गई थी. जिसके बाद 15 अगस्त को वे मुरादाबाद डीएम राजेंद्र पेंसिया को अपना चार्ज देकर 2 माह की छुट्टी पर चले गए थे. अभी आधिकारिक रूप से आंजनेय सिंह छुट्टी पर हैं. केंद्र सरकार ने उन्हें कही प्रतिनियुक्त नहीं किया है. न ही यूपी सरकार की ओर से आधिकारिक चिट्ठी जारी की गई है. हां, इतना जरूर हुआ है कि उनकी जगह पर संगीता सिंह को मुरादाबाद का नया कमिश्नर नियुक्त कर दिया गया है. इधर प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि आंजनेय सिंह अब केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे.

IAS आंजनेय सिंह की आजम खान से टक्कर की कहानी
19 फरवरी 2019 को आंजनेय सिंह रामपुर के डीएम बने थे. रामपुर जिलाधिकारी के तौर पर उनका कार्यकाल काफी चर्चा में रहा, खासकर पूर्व सांसद और उप्र सरकार के पूर्व मंत्री आजम खान के खिलाफ दर्ज कई मामलों की वजह से. इन मामलों में आचार संहिता के कथित उल्लंघन, चोरी से जुड़े आरोप और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी जमीन के मामले शामिल थे.
फिर बाद में वो मुरादाबाद के कमिश्नर बनाए गए. अभी वो रामपुर में प्राधिकरण के उस आदेश के खिलाफ अपील की सुनवाई कर रहे हैं जिसमें आजम खान के जौहर विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को गिराने का निर्देश दिया गया था. आरोप हैं कि इन इमारतों को नियमों का उल्लंघन करके बनाया गया था. इस मामले पर अभी रोक लगी हुई है.
मऊ के रहने वाले हैं आंजनेय सिंह, अखिलेश सरकार में आए थे यूपी
आंजनेय सिंह मूल रूप से मऊ के रहने वाले हैं. फरवरी 2015 में तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल में इंटर-कैडर डेपुटेशन पर उत्तर प्रदेश आए थे. यूपी आने के बाद उन्हें सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी मिली. इसके बाद जुलाई 2016 में उन्हें बुलंदशहर का जिलाधिकारी बनाया गया.
इसके बाद उन्होंने अतिरिक्त आयुक्त वाणिज्य कर, फतेहपुर के जिलाधिकारी और फिर रामपुर के जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाली. मार्च 2021 में उन्हें प्रमोशन के बाद मुरादाबाद मंडल का मंडलायुक्त बनाया गया.
IAS आंजनेय सिंह को यूपी में कब-कब मिला सेवा विस्तार
- 2015: यूपी में 5 साल की प्रतिनियुक्ति
- 2020: पहली बार एक साल का सेवा विस्तार
- 2021: दूसरी बार एक साल का विस्तार
- 2022: तीसरी बार एक साल का विस्तार
- 2023: चौथी बार एक साल का विस्तार
- 2024: पांचवीं बार छह महीने का विस्तार
- 2024: छठी बार फिर छह महीने का विस्तार
- 2025: सातवीं बार एक साल का सेवा विस्तार, यह14 अगस्त 2026 को खत्म हुआ
अभी आईएएस आंजनेय सिंह दो महीने की छुट्टी पर है. अब उनको सेवा विस्तार नहीं मिलने को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही है. कई लोग इसे चुनाव से भी जोड़ रहे हैं. हालांकि आधिकारिक रूप से अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा.
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