विज्ञापन

आजम खान के लिए जंतर-मंतर पर डटी सपा, जौहर यूनिवर्सिटी गिराने का भी विरोध; रामपुर की लड़ाई दिल्ली पहुंची

समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खाम की रिहाई की मांग को लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आज दिल्ली के जंतर-मंतर में विरोध-प्रदर्शन किया है. इसका वीडियो भी सामने आया है.

आजम खान के लिए जंतर-मंतर पर डटी सपा, जौहर यूनिवर्सिटी गिराने का भी विरोध; रामपुर की लड़ाई दिल्ली पहुंची
दिल्ली के जंतर-मंतर में आजम खान की रिहाई के लिए प्रदर्शन करते सपा कार्यकर्ता.
PTI
नई दिल्ली:

कुछ महीनों बाद यूपी में विधानसभा का चुनाव होना है. इस चुनाव को लेकर अब सभी राजनीतिक दलें अपनी-अपनी तैयारियों  और रणनीतियों को अंतिम रूप में देने में जुटे हैं. इस बीच रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर में कुछ ऐसा नजारा दिखा, जिसमें हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. दरअसल रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर समाजवादी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता जुटे थे. इन कार्यकर्ताओं के हाथों में बैनर-पोस्ट भी थे. बैनर पर लिखा था- मोहम्मद आजम खान को रिहा करो. साथ ही कुछ दूसरे पोस्टरों में जौहर यूनिवर्सिटी के 38 कमरों को गिराने के फैसले को वापस लेने की मांग की थी. कुछ समर्थक आजम खान के बेटे के लिए भी आवाज बुंलद करते नजर आए. 

सपा ने दिल्ली में आजम खान के लिए किया प्रदर्शन

बीते कुछ समय में यह पहली बार दिखा कि आजम खान के लिए सपा ने दिल्ली में कोई विरोध-प्रदर्शन किया हो. लिहाजा इसे देख लोग हैरान हो गए. प्रदर्शन करने जुटे सपा कार्यकर्ताओं में एक ने बताया कि 20 सितंबर को हमें यहां प्रदर्शन करने की प्रशासनिक इजाजत मिली हुई थी. लेकिन आज जब हम लोग वहां पहुंचे तो पुलिस के जवान बढ़ा दिए गए, बैरिकेडिंग कर दी गई. अब हम ज्ञापन सौंपने जा रहे हैं. 

प्रदर्शनकारियों की मांग- जौहर यूनिवर्सिटी को गिराने का आदेश वापस लिया जाए

उन्होंने आगे कहा कि हमारी मांग है कि जौहर यूनिवर्सिटी के 38 कमरों को गिराने का जो आदेश पारित हुआ है, उसे वापस लिया जाए. साथ ही आजम खान पर जितने भी मुकदमे दर्ज है कि उसकी सुप्रीम कोर्ट एक जज के नेतृत्व में एसआईटी बनाकर 3-4 महीने में सुनवाई करवाई जाए. उन्होंने उम्मीद जताई कि आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को सभी मामलों में बरी कर दिया जाएगा.  

Latest and Breaking News on NDTV

बताते चले कि बीते दिनों समाजवादी पार्टी ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के नोटिस और मोहम्मद आजम खान, अब्दुल्ला आजम खान तथा उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया था. पार्टी ने इस संबंध में राष्ट्रपति को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की भी की थी.

सपा के राष्ट्रीय सचिव और जौनपुर सदर के पूर्व विधायक मोहम्मद अरशद खान की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से केवल इमारतों का मामला नहीं जुड़ा है, बल्कि इससे विद्यार्थियों की शिक्षा, शिक्षकों के रोजगार और शोध कार्य का भविष्य भी प्रभावित हो सकता है. पार्टी ने ध्वस्तीकरण नोटिस के वैधानिक आधार की स्वतंत्र समीक्षा होने तक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है.

पत्र में वर्ष 2019 में मोहम्मद आजम खान, अब्दुल्ला आजम खान और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ लगभग 350 मुकदमे दर्ज किए जाने का दावा किया गया था. सपा का आरोप है कि करीब तीन से चार महीने की अवधि में इतनी बड़ी संख्या में मुकदमे दर्ज होना राजनीतिक प्रतिशोध और प्रशासनिक दुरुपयोग की आशंका पैदा करता है.

पार्टी ने राष्ट्रपति से मांग की है कि इन सभी मामलों की एक साथ और समग्र जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवारत या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र विशेष जांच दल SIT गठित किया जाए. सपा का कहना है कि जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध होनी चाहिए, ताकि वास्तविक तथ्यों के आधार पर दोष और निर्दोषता निर्धारित हो सके.

यह भी पढ़ें - आजम खान की बढ़ सकती हैं मुश्किलें; जौहर ट्रस्ट से 500 करोड़ से ज्यादा वसूली की तैयारी, आयकर विभाग का शिकंजा

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Azam Khan, Azam Khan Bail, Azam Khan Bail Plea, Azam Khan Case, Jauhar University
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com