उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले ही राजनीतिक दल समीकरण तय करने में जुटे हैं. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लखनऊ दौरा कर चुके हैं. इसके अलावा योगी आदित्यनाथ खुद लगातार दौरे कर रहे हैं. वहीं सपा और कांग्रेस में सीटों की दावेदारी पर खींचतान शुरू हो गई है. कांग्रेस की ओर से प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और सांसद इमरान मसूद बैटिंग करने में जुटे हैं. इमरान मसूद ने तो यहां तक कह दिया कि 2024 में कांग्रेस के साथ आने से ही सपा 37 लोकसभा सीटें जीत पाई थी. उनका कहना है कि गठबंधन की जरूरत कांग्रेस से ज्यादा सपा को थी.
वहीं सपा की ओर से अब तक उदयवीर सिंह ने ही कांग्रेस को लेकर टिप्पणी की है, लेकिन शीर्ष नेतृत्व से सिर्फ इतना कहा गया है कि हम साथ चुनाव लड़ेंगे. समाजवादी पार्टी को यदि कांग्रेस इस तरह तेवर दिखा रही है तो उसकी वजह 143 सीटें मानी जा रही हैं, जहां मुस्लिम वोट बैंक का असर है. दरअसल मुस्लिमों का एक बड़ा तबका है, जो लंबे समय से कांग्रेस के साथ ही रहा है. इसके अलावा बीते कुछ सालों में भी कांग्रेस ने मुस्लिमों के बीच खुद को स्थापित करने की कोशिश की है. इमरान मसूद, इमरान प्रतापगढ़ी जैसे नेताओं की मौजूदगी के चलते मुस्लिमों का एक वर्ग कांग्रेस के साथ जाता दिखता है. वहीं आजम खां फिलहाल जेल में हैं, जो सपा के बड़े चेहरे थे.
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
ऐसे में इमरान मसूद यदि सपा की मजबूरी वाली बात कर रहे हैं तो उसका आधार यही सीटें जान पड़ती हैं. सपा के MY समीकरण में का M अब कुछ हद तक कांग्रेस के पाले में भी है या उससे प्रभावित है. ऐसे में सपा के लिए जरूरी है कि कांग्रेस का साथ उसे विधानसभा चुनाव में मिले. यूपी में मुस्लिम वोट बैंक का आंकड़ा भी ऐसा है कि दोनों दल शायद अलगाव न चाहें. कुल मिलाकर यूपी की 143 विधान सभा सीटें ऐसी हैं, जहां मुस्लिम वोटर का असर है। यही नहीं करीब 70 सीटें तो ऐसी हैं, जहां मुस्लिम आबादी 20 से 30 प्रतिशत के बीच है। इसके अलावा 43 सीटें ऐसी हैं जहां मुस्लिम आबादी 30 फीसदी से ज्यादा है।
यह भी देखें: यूपी चुनाव से पहले महा-संग्राम! क्या सीट शेयरिंग के लिए सपा पर दबाव बना रही कांग्रेस?
यादव के अलावा अन्य पिछड़ों के साथ मुस्लिम वोट मिले तो बनेगी बात?
यूपी की 36 सीटें ऐसी हैं जहां मुस्लिम प्रत्याशी अपने बूते जीत हासिल कर सकते हैं। 107 सीटें ऐसी हैं, जहां मुस्लिम जीत हार तय कर सकते हैं। इस तरह एकतरफा यदि मिल जाए तो मुस्लिम वोट बहुत कुछ तय करने की स्थिति में है. अखिलेश यादव जिस तरह से यादवों के अलावा अन्य पिछड़ों और यहां तक सवर्णों को भी साधने की जुगत में हैं, उसमें यह एकतरफा मुस्लिम वोट भी मिल जाए तो बड़ी सफलता उन्हें मिल सकती है. कम से कम 2024 दोहराने की तो वह उम्मीद करेंगे. लेकिन कांग्रेस भी साथ देने की पूरी कीमत विधानसभा चुनाव में ज्यादा सीटें लेकर वसूलना चाहती है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं