- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले मुख्यमंत्री नोएडा आने से डरते थे और कुर्सी जाने की बातें होती थीं
- योगी आदित्यनाथ ने 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद नोएडा जाकर जनता की सुनवाई करने का फैसला किया था
- उन्होंने कहा कि जो कुर्सी कल जानी थी, वह आज चली जाए लेकिन जनता की सेवा प्राथमिकता होनी चाहिए थी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्रियों के नोएडा न आने वाले टोटके की बात की और तंज कसा. उन्होंने कहा कि एक समय था, जब मुख्यमंत्री नोएडा आने से डरते थे. कहा जाता था कि यदि नोएडा गए तो फिर कुर्सी चली जाएगी. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैं जब 2017 में आया और नोएडा का कार्यक्रम लिया तो मुझे भी कहा गया कि वहां नहीं जाना है. मैंने कहा कि ऐसी क्या बात है. इस पर बताया गया कि वहां जाने वालों की कुर्सी चली जाती है. मैंने कहा कि जो कुर्सी कल जानी है, आज चली जाए. लेकिन हम जनता की सुनवाई करेंगे.
उन्होंने कहा कि क्या 2017 से पहले मुख्यमंत्री नहीं होते थे. आखिर वे नोएडा क्यों नहीं आते थे. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वे नोएडा नहीं आते थे. उन्हें लगता था कि कुर्सी खिसक जाएगी. मैं जब मुख्यमंत्री बना और नोएडा के लिए कार्यक्रम बनाया तो मुझे भी कहा गया कि वहां मत जाइए, कुर्सी खिसक जाएगी. मैंने कहा कि जो कुर्सी कल जानी है, आज चली जाए. लेकिन हम जनता की सुनवाई करेंगे. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन लोगों को कुर्सी चली जाने की चिंता थी और जनता ने इन्हें विदा ही कर दिया. इस दौरान उन्होंने अखिलेश यादव की दिनचर्या पर भी तंज कसा.
हमने कहा- जो कुर्सी कल जानी है, वह आज चली जाए...
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 7, 2026
लेकिन जनता के लिए आए हैं, जनता की सुनवाई करेंगे... pic.twitter.com/cLLnJyqbM9
मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 बजे सोकर उठेंगे और 2 बजे बबुआ तैयार होंगे. इसके बाद उनके चच्चू उन्हें कुछ सिखाएंगे, फिर एक ट्वीट करेंगे. फिर जिम जाएंगे और तब तक महफिल जम जाएगी. इसके बाद उन्हें होश ही नहीं रहता कि वे इस देश में हैं या कहीं बाहर हैं. जो लोग खुद ही नहीं संभल पाते, वे प्रदेश को क्या संभालेंगे. इसीलिए दंगे होते थे. संभल में समाजवादी पार्टी के एक गुंडे ने दंगा फैलाने की कोशिश की थी. आज उसे घुटनों पर लाकर सरकार नाक रगड़वा रही है. बता दें कि पहले भी कई बार सीएम योगी आदित्यनाथ नोएडा वाले टोटके की बात कर चुके हैं. इसके अलावा भी वह ऐसे कई जिलों में गए हैं, जहां मुख्यमंत्री रहते हुए न जाने की बात कही जाती थी.
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