बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में मछली पालकों को कार्रवाई और मुकदमे का डर दिखाकर रुपये वसूलने वाले गिरोह का बरेली पुलिस ने खुलासा किया है. गिरोह के सदस्य कभी खुद को पत्रकार तो कभी मत्स्य विभाग का अधिकारी बताकर लोगों के तालाबों पर पहुंचते थे. इसके बाद कार्रवाई कराने, मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने का डर दिखाकर रुपये मांगे जाते थे. भोजीपुरा और देवरनियां में सामने आए मामलों के आधार पर पुलिस ने साजिद और मोहम्मद आजम को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि गिरोह अलग-अलग लोगों से अब तक दो लाख रुपये से अधिक की रकम वसूल चुका है. पुलिस को ऑनलाइन लेनदेन के स्क्रीनशॉट भी मिले हैं.
दरअसल, बरेली के भोजीपुरा निवासी सालिम रजा ने पुलिस को बताया कि नौ सितंबर को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई थी. फोन करने वाले ने खुद को मत्स्य विभाग का अधिकारी बताया. इसके बाद कुछ लोग उनके तालाब पर पहुंचे और वहां फोटो खींचे. आरोप है कि इन लोगों ने मत्स्य विभाग की कार्रवाई, मुकदमे और दूसरे गंभीर परिणाम भुगतने का डर दिखाकर रुपये मांगे.
मत्स्य विभाग का अधिकारी बताकर पहुंचे लोग
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने सालिम से 70 हजार रुपये ले लिए. इसके बाद दोबारा रुपये लेने के लिए साजिद पहुंचा तो उसे पकड़ लिया गया. उसके साथ मौजूद अन्य लोग मौके से भाग निकले. सालिम की शिकायत पर भोजीपुरा थाने में चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है. जांच के दौरान पुलिस को देवरनियां क्षेत्र में भी इसी तरह का मामला मिला. भूला भुलनिया गांव निवासी प्यारे लाल ने बताया कि छह सितंबर को कुछ लोग खुद को मत्स्य विभाग का अधिकारी बताकर उसके पास पहुंचे.
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कार्रवाई का डर दिखाकर 13 हजार रुपये ठगे
आरोप है कि कार्रवाई का डर दिखाकर उससे 13 हजार रुपये लिए गए. इस मामले में देवरनियां पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मोहम्मद आजम को गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, देवरनियां रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ा गया. पूछताछ में गिरोह के काम करने का तरीका सामने आया. पुलिस के मुताबिक, आरोपी कभी पत्रकार तो कभी किसी विभाग का अधिकारी बनकर लोगों के पास जाते थे और कार्रवाई का डर दिखाकर रुपये लेते थे. वसूली की रकम आपस में बांट ली जाती थी. जांच में रिजवान खान निवासी कर्मपुर चौधरी, बसंत शर्मा निवासी कासगंज और अरविंद के नाम भी सामने आए हैं. पुलिस इनकी भूमिका की जांच कर रही है. गिरोह ने जिले में और कितने लोगों को निशाना बनाया, इसका भी पता लगाया जा रहा है.
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
मत्स्य विभाग की सहायक निदेशक गायत्री पांडेय के मुताबिक, देवरनियां, भोजीपुरा समेत कई क्षेत्रों से फर्जी मत्स्य अधिकारी बनकर वसूली की शिकायतें मिली थी. मीरगंज में प्रतिबंधित मछली के मामले की जांच के दौरान भी मछली पालकों ने ऐसी शिकायत की थी. विभाग को एक वीडियो भी मिला था, जिसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई. बरेली एसपी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और मिले ऑनलाइन लेनदेन के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है. अब तक दो लाख रुपये से अधिक की वसूली की जानकारी सामने आई है. पुलिस पुराने मामलों और अन्य पीड़ितों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है.
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