विज्ञापन
This Article is From Aug 06, 2017

यूपी पुलिस में 3500 से अधिक सब-इंस्पेक्टर की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी

वर्तमान योगी सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया कि पुलिसकर्मियों की अत्यंत आवश्यकता है, क्योंकि 6 साल से उपनिरीक्षकों के पदों के लिए कोई नियुक्ति नहीं हुई है.

यूपी पुलिस में 3500 से अधिक सब-इंस्पेक्टर की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी
मामले की अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी. (फाइल फोटो)
  • यूपी सरकार ने कोर्ट में पुलिसकर्मियों की कमी होने की दलील
  • 6 साल से उपनिरीक्षकों के पदों के लिए कोई नियुक्ति नहीं हुई है
  • सपा सरकार ने भी इस प्रक्रिया को आगे ले जाने के प्रयास किए थे
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस में छह साल से स्थगित 3,500 से अधिक उपनिरीक्षकों और प्लाटून कमांडरों के चयन एवं नियुक्तियों को हरी झंडी दे दी है. शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट की इलाहाबाद और लखनऊ स्थित दोनों पीठों द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों पर रोक लगा दी. साथ ही कोर्ट ने उन्हें 2011 में बसपा सरकार के समय शुरू हुई पुलिस अधिकारियों की चयन एवं नियुक्ति प्रक्रिया के संबंध में किसी भी याचिका पर विचार करने से रोक दिया.

यह भी पढ़ें : यूपी सरकार अगले 5 साल में 70 लाख लोगों को नौकरी देगी: योगी

सपा सरकार को नहीं मिली थी सफलता
पूर्ववर्ती सपा सरकार ने भी इस प्रक्रिया को आगे ले जाने के प्रयास किए थे. हालांकि कई मुकदमों के चलते सफलता नहीं मिली. वर्तमान भाजपा सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया कि पुलिसकर्मियों की अत्यंत आवश्यकता है, क्योंकि 6 साल से उपनिरीक्षकों के पदों के लिए कोई नियुक्ति नहीं हुई है. न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति आर भानुमति की पीठ ने कई अपीलों पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया जो 3,533 उम्मीदवारों में से आखिरी उम्मीदवार का प्रशिक्षण पूरा न होने तक जारी रहेगी. पीठ ने कहा, उपरोक्त परिस्थितियों में हमारा मत है कि यह उचित होगा यदि राज्य को पहले ही प्रशिक्षण शुरू कर चुके उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की अनुमतिऔर निर्देश दिया जाए. 

यह भी पढ़ें: राज्यपाल राम नाईक ने सीएम योगी को लिखा पत्र, कहा-तोमर को बर्खास्त करें

वीडियो देखें: देश का युवा बेरोजगार है या फिर सरकार?​



मामले की अगली सुनवाई 22 अगस्त को
शीर्ष अदालत ने कहा, उनकी सीधे भर्ती करना राज्य पर निर्भर करेगा. इसने स्पष्ट किया कि सफल प्रशिक्षण के बाद उनकी तैनाती होगी. न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 22 अगस्त के लिए निर्धारित की है. उत्तर प्रदेश पुलिस में 4010 रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया 19 मई 2011 को शुरू हुई थी, लेकिन अंतिम चयन सूची के बाद कुछ उम्मीदवारों ने समूची प्रक्रिया को चुनौती दी, जिससे अंतत: चयन एवं नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित हो गई. 

इनपुट : भाषा
 
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Supreme Court, Sub-Inspector
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com