- अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई नहीं, उसकी आर्थिक कमजोरी पर दबाव बढ़ाने का संकेत दे रहे बैं
- ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए नई शर्तों की सूची जारी की है जो ट्रंप के लिए स्वीकार करना कठिन है
- ट्रंप ने कहा कि ईरान की आर्थिक हालत खराब है और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी ने उसकी आर्थिक समस्याएं और बढ़ा दी हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जंग तो उसे परमाणु बम लेने रोकने के दावे पर किया था, लेकिन 5 महीने बाद कहानी एकदम बदल चुकी है. 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ईरान होर्मुज के समुद्री रास्ते को पूरी तरह से फिर से खोल देता है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान के साथ बिना किसी परमाणु समझौते के पीछे हटने के लिए तैयार हो सकते हैं. दूसरी तरफ ट्रंप ने रविवार को यह भी संकेत दिया कि वह ईरान पर अब गोला-बारूद गिराकर नहीं, बल्कि उसकी खराब होती अर्थव्यवस्था का फायदा उठाकर उस पर दबाव बढ़ाना चाहते हैं. खास बात यह है कि सिर्फ एक हफ्ते पहले ट्रंप ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान को फिर से शुरू करने के करीब पहुंच गए थे. लेकिन अब उन्होंने अमेरिका की ओर से किसी नई सैन्य कार्रवाई की धमकी नहीं दी है.
ट्रंप का बदलता स्टैंड
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने इंटरव्यू में ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर भी कोई खास गुस्सा या नाराजगी नहीं दिखाई. ईरान, ओमान के साथ हुए एक समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से जहाजों के लिए खोलने के फैसले की घोषणा को रोक रहा है. शनिवार को ईरान ने इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही फिर शुरू करने के लिए अपनी नई शर्तों की लिस्ट जारी कर दी. शर्ते ऐसी हैं जिसे स्वीकार करना ट्रंप के लिए मुश्किल हो रहा है.
ईरान की सरकार के अंदर मतभेद?
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान की सरकार के अंदर भी अब मतभेद बढ़ते जा रहे हैं. एक पक्ष का नेतृत्व ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन कर रहे हैं. यह गुट ईरान की आर्थिक स्थिति बिगड़ने को लेकर बेहद चिंतित है और उसका मानना है कि ईरान को अमेरिका के साथ समझौता करना चाहिए. दूसरे पक्ष का नेतृत्व इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर अहमद वाहिदी कर रहे हैं. यह गुट अमेरिका को किसी भी तरह की रियायत देने के खिलाफ है.
होर्मुज खोलने के लिए ईरान की नई शर्तें
शनिवार को ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख मोहम्मद बाघेर जोलघद्र ने तेल व्यापार के लिए अहम होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए नई शर्तें रख दीं. जोलघद्र ने एक बयान में कहा कि होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका को किसी भी भाषा में ईरान को धमकी देना या उसका अपमान करना हमेशा के लिए बंद करना होगा. ट्रंप को अमेरिकी सेना को ईरान और उसके सहयोगियों के खिलाफ लेबनान, गाजा, यमन और इराक में चल रहे युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करना होगा.
खास बात है कि कुछ हफ्ते पहले तक ईरान की यही मांगें परमाणु समझौते के लिए जरूरी शर्तें थीं. लेकिन अब ईरान इन्हें सिर्फ होर्मुज को दोबारा खोलने की शर्तों के तौर पर पेश कर रहा है. यानी कहानी पूरी तरह बदल चुकी है, ईरान फिर से खुद के पास अपर हैंड देख रहा है.
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