- श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में दोनों पक्षों के बीच शुक्रवार को हुई वार्ता बेनतीजा रही.
- धर्म रक्षासंघ ने कहा- हजारों की तादाद में साधु-संत और धर्म योद्धा कारसेवा के लिए तैयारी कर रहे हैं.
- पुलिस की नोटिस के बाद भी धर्म रक्षासंघ ने कहा- संतों कार्यक्रम होगा, हम पुलिस की नोटिस को तवज्जो नहीं देते.
उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दोनों पक्षों के बीच स्थानीय स्तर पर शुक्रवार को वार्ता हुई, जो बेनतीजा रही. अधिवक्ताओं ने शनिवार को यह जानकारी दी. अधिवक्ताओं के मुताबिक, दोनों पक्षों ने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) की अदालत में अपनी-अपनी दलीलें रखीं. हालांकि, मामला किसी सहमति पर नहीं पहुंचा जा सका. अब दोनों पक्षों के बीच 18 अगस्त को फिर वार्ता होगी. वहीं, दूसरी तरफ श्री कृष्ण जन्म भूमि मुक्ति को लेकर 9 अगस्त को साधु-संतों ने कारसेवा का ऐलान किया है. इसके बाद, पुलिस ने उन्हें रेड नोटिस भेजा है, जिसमें से साध्वी रितंभरा सहित देवकीनंदन ठाकुर, स्वामी कृष्णानंद महाराज समेत कई संत शामिल हैं.
'पुलिस की नोटिस को तवज्जो नहीं...'
धर्म रक्षासंघ के अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने कहा कि वृंदावन से हजारों की तादाद में साधु-संत और धर्म योद्धा चित्रगुप्त पीठ जाकर कारसेवा के लिए तैयारी कर रहे हैं. यहां से सुबह तड़के सभी बसों में, अपनी-अपनी गाड़ियों में वृंदावन से कूच करेंगे और कल पीठाधीश्वर, चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी जी वृंदावन गए थे. उनके साथ धर्म रक्षा संघ के सभी साधु-संतों की बैठक हुई और बैठक में फैसला हुआ कि कारसेवा के कार्यक्रम को बहुत भव्य और दिव्य तरीके से किया जाएगा. मगर प्रशासन की तरफ से हमें रोकने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं. मुझे श्रीधाम वृंदावन के पुलिस स्टेशन और मथुरा, दोनों जगह से नोटिस मिला है कि हम इस कारसेवा में भाग न लें. मगर हम उस नोटिस को इस समय कोई तवज्जो नहीं दे रहे हैं क्योंकि यह भगवान श्री कृष्ण का कार्य है और हमें मथुरा में अयोध्या की तरीके से भगवान श्री कृष्ण के मंदिर का निर्माण कराना है.
आगे कहा गया कि हम इस कारसेवा में जरूर जाएंगे. अगर सरकार और प्रशासन हमें गिरफ्तार करना चाहे, तो भी हम डरने वाले नहीं हैं. हमारे साथ अनेकों साधु-संत और धर्माचार्य और हमारे धर्म योद्धा सभी लोग कल चित्रगुप्त धाम पहुंचेंगे.
हालांकि, कार्यक्रम आयोजित करने वाले चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर ने NDTV के साथ बातचीत में कहा है कि सभी संत चित्रगुप्त पीठ आएंगे और यज्ञ हवन वगैरह करेंगे लेकिन जन्म भूमि कूच करने का प्लान नहीं है.
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राजस्थान से मंगवाए गए पत्थर...
मौके पर राजस्थान से पत्थर भी मंगा लिए गए हैं. ये पत्थर उसी पहाड़ी से आ रहे हैं, जहां से अयोध्या राम मंदिर के पत्थर आए थे. मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ 5,000 मीट्रिक टन गुलाबी पत्थरों का ऑर्डर दिया गया है.
श्रीराम जन्मभूमि की तर्ज पर अब मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि में भी कारसेवा का ऐलान किया गया है. चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद ने NDTV से बात करते हुए कहा कि जो अयोध्या में किया गया, अब वही ब्रज में करना पड़ेगा.
12 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के जज दोनों पक्षों की याचिकाओं की समीक्षा करेंगे. इसी दौरान कोर्ट को ये भी बताया जाएगा कि स्थानीय स्तर पर सुलह वार्ता कहां तक पहुंची है. सुप्रीम कोर्ट 12 अगस्त की सुनवाई के बाद भी 18 अगस्त की स्थानीय वार्ता के नतीजों का इंतजार कर सकता है.
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