Ratna Singh lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. 32 वर्षीय सैलून मैनेजर रत्ना सिंह ने फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. सुसाइड से पहले रत्ना ने एक ऐसा खौफनाक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसने पुलिस महकमे से लेकर शासन तक में हड़कंप मचा दिया. रोते हुए बनाए गए इस वीडियो में रत्ना ने अपनी मौत के लिए कुल 5 रसूखदार लोगों को जिम्मेदार ठहराया था. अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद तेज एक्शन देखने को मिला है और सभी 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.
मुख्य आरोपी के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर
मामले के मुख्य आरोपी और बिजनेसमैन शरद सिंह के अवैध निर्माण को बीते शनिवार को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया. इससे पहले एलडीए प्रवर्तन दल के अधिकारियों ने अवैध निर्माण को सील किया था. साथ ही, आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज किए गए थे.
सहेली को फोन करके बताई आपबीती
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली रत्ना सिंह लखनऊ में 'विरासत' कंपनी के एक नामी सैलून में मैनेजर के रूप में काम करती थीं. आत्महत्या करने से पहले रत्ना ने अपनी एक सहेली को फोन कर बताया था कि वह आत्मघाती कदम उठाने जा रही हैं. घबराई हुई सहेली ने बिना वक्त गंवाए तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी.
सूचना मिलते ही रात करीब 3 बजे गोमतीनगर विस्तार थाने की पुलिस अपार्टमेंट के फ्लैट पर पहुंची. दरवाजा अंदर से लॉक था और कई बार आवाज देने पर भी कोई हलचल नहीं हुई, जिसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़ा. अंदर दाखिल होते ही पुलिस के होश उड़ गए; रत्ना का शव पंखे से लटक रहा था.
वीडियो में रोते हुए इन पर लगाए आरोप
जांच के दौरान पुलिस के हाथ रत्ना सिंह का आखिरी वीडियो लगा है. इसमें मरने से पहले कैमरे के सामने रोते हुए रत्ना ने कहा, "आज मैं सुसाइड करने जा रही हूं. इसके लिए जिम्मेदार शरद सिंह और पल्लवी जोशी होंगे. शरद सिंह ने मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और पल्लवी जोशी ने मुझे पागल कर दिया." वीडियो में रत्ना ने बिजनेसमैन शरद सिंह, उसकी पत्नी पल्लवी जोशी (पल्लवी सिंह), मंगल यादव, वैशाली और प्रशांत शर्मा पर मानसिक और शारीरिक रूप से टॉर्चर करने के गंभीर आरोप लगाए हैं.
पिता ने सीएम योगी से लगाई थी गुहार
इस सनसनीखेज वारदात के बाद मृतका के पिता सुधीर कुमार सिंह ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी मुख्य आरोपी शरद सिंह के काले कारनामों के बारे में जान गई थी, जिसके बाद उसे प्रताड़ित किया जाने लगा. वह होटल की आड़ में चल रहे गलत कामों में शरद का साथ नहीं देती थी. पिता के मुताबिक, रत्ना काफी हिम्मती थी, लेकिन वह इस कदर टूट गई कि उसने मौत को गले लगा लिया. पिता ने 15 मई की शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और एक वीडियो जारी कर न्याय की गुहार लगाई कि मुख्य आरोपी शरद अपने रसूख का इस्तेमाल कर बचता फिर रहा है. सीएम योगी ने परिवार को त्वरित न्याय का पूरा भरोसा दिया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए.
अवैध निर्माण ध्वस्त, लग्जरी गाड़ियां भी हुईं सीज
शुक्रवार (15 मई) की रात को गोमतीनगर विस्तार पुलिस ने शहीद पथ के किनारे बने शरद सिंह के 'विरासत' होटल, सैलून और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों को पूरी तरह सील कर दिया था. इसके बाद शनिवार (16 मई) को एलडीए की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर आरोपी के अपार्टमेंट में बने अवैध निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया. यही नहीं, साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की तीन लग्जरी गाड़ियां (स्विफ्ट, स्कॉर्पियो और वोल्वो) भी सीज कर दी हैं.
डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए फरार मुख्य आरोपी शरद सिंह और उसकी पत्नी सहित अन्य आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था. पुलिस की 6 टीमों को सर्विलांस की मदद से लखनऊ, दिल्ली और अन्य राज्यों में छापेमारी के लिए लगाया गया था. आखिरकार लखनऊ पुलिस ने फरार चल रही दोनों महिला आरोपियों पल्लवी जोशी और वैशाली सिंह को क्रमशः मुंबई और लखनऊ के एक निजी होटल से गिरफ्तार कर लिया. मामले के मुख्य आरोपी शरद सिंह सहित सभी नामजद आरोपियों को अब जेल भेजा जा चुका है.
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