विज्ञापन

राम मंदिर ट्रस्ट: CEO की नियुक्ति, ब्राह्मणों को साधने की युक्ति; क्या चढ़ावा चोरी विवाद से मिलेगी मुक्ति?

क्या राम मंदिर चंदा विवाद की काट बीजेपी ने ढूंढ ली है? क्या फौजी अफसर को राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ बनाकर चंदा चोरी विवाद का चूल्हा ठंडा कर दिया गया है? समझें.

राम मंदिर ट्रस्ट: CEO की नियुक्ति, ब्राह्मणों को साधने की युक्ति; क्या चढ़ावा चोरी विवाद से मिलेगी मुक्ति?
एयर मार्शल रहे जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का CEO बनाना गया है.
NDTV
  • राम मंदिर ट्रस्ट ने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को CEO नियुक्त किया है, जो फौजी अनुशासन और जवाबदेही लाएंगे.
  • जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति से यूपी सरकार पर लग रहे ब्राह्मण विरोधी राजनीतिक आरोपों भी कमजोर होंगे.
  • विपक्षी दल राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद को चुनावी मुद्दा बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं.
अयोध्या:

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी विवाद को लेकर बीते कुछ महीनों से भारी बवाल मचा है. यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सामने आए इस मामले को लेकर बीजेपी पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. विपक्ष इस मुद्दे को चुनाव तक जिंदा रखने की कोशिश में जुटा है. लेकिन इस बवाल के बीच राम मंदिर ट्रस्ट ने एयर मार्शल के पद पर रहे जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बना कर एक तीर से कई निशाने साधे हैं. जितेंद्र मिश्रा फौजी बैकग्राउंड हैं. इस कारण अनुशासन के साथ जवाबदेही को पूरा करने का उनका पुराना तर्जुबा यहां काम करेगा. दूसरी ओर विपक्ष के ब्राह्मण विरोधी नैरेटिव को भी जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति कम करेगी. 

चढ़ावा चोरी की बात होगी तो सामने ऑपरेशन सिंदूर के हीरो होंगे 

जानकारों का कहना है कि जितेंद्र मिश्रा फौजी बैकग्राउंड से हैं. इसलिए उनमें अनुशासन का भाव, करप्शन पर जीरो टॉलरेंस की नीति विपक्ष के चढ़ावा चोरी वाले मुद्दों को न्यूट्रल कर सकता है. जितेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर के हीरो रहे हैं. इसलिए जैसे ही बात राम मंदिर चंदा विवाद की होगी तो एक ऐसे सीईओ का नाम आगे होगा जिनका बेदाग रिकॉर्ड शानदार है. 

ब्राह्मण विरोध का नैरेटिव पड़ सकता है कमजोर

यूपी में एक धड़ा ऐसा है, जो लगातार राज्य की सरकार पर ब्राह्मण विरोधी होने की बात करता रहा है. समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी  ने इन मुद्दों को भुनाने के लिए ब्राह्मण संवाद और सम्मेलनों का सहारा भी लिया ताकि 12 परसेंट के आसपास का वोटबैंक साधा जा सके. अब चूंकि मंदिर के सीईओ के तौर पर एक ब्राह्मण चेहरे को तवज्जो दी गई है. तो हो सकता है सत्ता पक्ष से जो नाराजगी थी वो दूर हो जाए.

जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति से कई सवालों हुए खत्म 

क्या राम मंदिर चंदा विवाद की काट बीजेपी ने ढूंढ ली? क्या फौजी अफसर को राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ बनाकर चंदा चोरी विवाद का चूल्हा ठंडा कर दिया गया है? आखिर एयर मार्शल रहे जितेंद्र मिश्रा को ही राम मंदिर के सीईओ के तौर पर क्यों चुना गया? क्या अयोध्या में सियासत का नया कमांड सेंटर बनेगा?  इन सवालों के बीच एयर मार्शल रहे जितेंद्र मिश्रा अयोध्या पहुंचे तो उनका फूलों की माला से स्वागत हुआ. बात निकली तो भगवान राम की सेवा तक पहुंची. 

फौजी अफसर CEO क्यों?

  • ब्राह्मण विरोधी नैरेटिव का काउंटर 
  • SP, BSP ब्राह्मणों पर नजर 
  • यूपी में ब्राह्मण करीब 10-12% वोटबैंक
  • कथित नाराजगी दूर करने की कवायद
  • एयर मार्शल रहे अनुशासन मिस्टर क्लीन इमेज
  • चंदा चढ़ावा मुद्दा काउंटर करने में मदद
  • ऑपरेशन सिंदूर के हीरो 
  • ट्रैक रिकॉर्ड शानदार

राम मंदिर पहुंच कर सब कुछ समझ रहे जितेंद्र मिश्रा

अयोध्या पहुंचने के बाद जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद वह पहली बार अयोध्या आए हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की घोषणा से पहले वह कार्यभार को पूरी तरह समझना चाहते हैं. उन्होंने कहा, ‘यह नई जिम्मेदारी मिलने के बाद मैं पहली बार अयोध्या पहुंचा हूं. मुझे पहले जाने दीजिए, कार्यभार संभालने दीजिए और सब कुछ समझने दीजिए. इसके बाद सारी योजनाओं के बारे में आपको बताया जायेगा.' उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता संगठन और व्यवस्थाओं को समझना है, जिसके बाद आगे की रणनीति पर काम किया जाएगा.

अखिलेश की कोशिश राम मंदिर चदा चोरी का मुद्दा बना रहे 

दूसरी तरफ अखिलेश यादव हैं जो बार बार राम मंदिर चंदा विवाद वाले मुद्दों को जिंदा रखने की कोशिश कर रहे हैं..क्योंकि अखिलेश समेत कांग्रेस शायद दोनों को ये लगता है कि इस मुद्दे के दम पर सत्ताईस की वोट साधना को नया आयाम दिया जा सकता है. लेकिन अब इस पूरे सियासी बवाल के बीच एक फौजी बैकग्राउंड का अफसर केंद्र में अहम रोल में हैं. दरअसल एयर मार्शल रहे जितेंद्र मिश्रा जब सीईओ बने हैं तो एक नियुक्ति से कई सियासी मुद्दों का समाधान शायद बीजेपी को मिला है.

हिंदुत्व के साथ राष्ट्रवाद का सिस्टम रिसेट

यूपी की सियायत को समझने वाले लोगों का यह मानना हैं कि जितेंद्र मिश्रा को नियुक्त करके सत्ताईस की वोट साधना में हिंदुत्व के साथ राष्ट्रवाद का सिस्टम रीसेट कर दिया गया है. इस तरह की रिपोर्ट्स हैं कि अब राम मंदिर का सिस्टम बिल्कुल ट्रांसपेरेंट काम करेगा. खबरे हैं कि चंदा गिनने के लिए इंसान से ज्यादा तकनीक को तवज्जो भी दी जाएगी. पैसों के लिए काउंटिंग मशीनों की बात सामने आ रहे हैं. लेकिन सवाल ये भी है कि क्या एक नियुक्ति भर से ही रेस का विजेता घोषित किया जा सकता है. या फिर सियासी लडाई में अभी कई ट्विस्ट बाकी हैं.

यह भी पढ़ें - राम मंदिर पहले CEO जितेंद्र मिश्रा अयोध्या पहुंच संभाला कार्यभार; बोले- राष्ट्र सेवा के बाद अब रामलला की सेवा

यह भी पढ़ें - 5500 आवेदन, AI स्क्रीनिंग और फिर इंटरव्यू... एयर मार्शल (रि.) जितेंद्र मिश्रा ऐसे चुने गए राम मंदिर के CEO

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Ram Mandir Trust, Ram Mandir Trust CEO, Jitendra Mishra, Jitendra Mishra Air Marshal, Jitendra Mishra Ram Mandir CEO
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com