उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित राम मंदिर के दान में हुए कथित गबन के मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह से एक्शन मोड में है. मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित की गई विशेष जांच टीम (SIT) अयोध्या पहुंच चुकी है. राम मंदिर ट्रस्ट के विशेष आग्रह पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन आनन फानन में कर दिया, जिस पर सीधे लखनऊ से नजर रखी जा रही है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने गबन के इस संवेदनशील मामले की तह तक जाने के लिए सीनियर अधिकारियों को मैदान में उतारा है. एसआईटी की इस टीम में लखनऊ के मंडलायुक्त (IAS) विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज (IPS) किरन एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन जैसे दिग्गज अधिकारी शामिल हैं. यह भारी भरकम टीम न सिर्फ वित्तीय हेराफेरी के सुराग तलाशेगी, बल्कि इस पूरे खेल के पीछे छिपे चेहरों को भी बेनकाब करेगी.
SIT ने शुरू की जांच
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी की टीम ने अयोध्या पहुंचते ही सीधे राम जन्मभूमि परिसर में अपना डेरा डाल दिया. इस मामले से जुड़े लगभग छह संदिग्ध आरोपियों को पिछले कई दिनों से राम मंदिर परिसर में ही कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बाहरी दखल से बचने के लिए आरोपियों से परिसर के भीतर ही बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है.
15 दिन में पूरी करनी होगी जांच
जांच के दौरान एक-एक ट्रांजैक्शन और रसीदों का मिलान कर गबन के तौर तरीकों को खंगाला जा रहा है. इस पूरे घोटाले की कड़ियों को जोड़ने और अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए महज 15 दिनों का वक्त दिया गया है. यानी आने वाले दो हफ्तों के भीतर इस जांच कमेटी की रिपोर्ट से साफ हो जाएगा कि रामलला के चढ़ावे और दान में सेंधमारी करने वाले असली गुनहगार कौन हैं.
हिंदूवादी नेता ने की ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग
राम जन्मभूमि वाद अयोध्या के पक्षकार शिशिर चतुर्वेदी ने एसआईटी गठन का स्वागत किया है. साथ ही उन्होंने राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पुनर्गठन की भी मांग की है. उन्होंने कहा कि चंदे की जांच हो और निष्पक्षता के साथ चंदे के पैसे का ख्याल रखा जाए.
यह भी पढ़ें- पंजाब कांग्रेस का झगड़ा सुलझाने बनाए गए सरपंच, मीनाक्षी नटराजन भी कमेटी में शामिल
सुप्रीम कोर्ट के वकील अनूप अवस्थी ने मुख्य न्यायाधीश से इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेने की मांग की है. इस संबंध में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र याचिका भेजी है. इसमें उन्होंने राम जन्मभूमि में दान की हुई चोरी के आरोपों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की है. अपनी पत्र याचिका में उन्होंने कहा है कि लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए FIR दर्ज करने और एक स्वतंत्र और कोर्ट की निगरानी में जांच के लिए निर्देश जारी किया जाए.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं