अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर के निर्माण कार्य तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहे हैं. राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक के दूसरे दिन निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर परिसर से जुड़े अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि भगवान राम का भव्य मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और लंबे समय से देखे गए सपने का प्रतीक है. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि मंदिर निर्माण में केंद्र या राज्य सरकार का कोई धन नहीं लगाया गया, बल्कि यह पूरा प्रकल्प श्रद्धालुओं के सहयोग और ट्रस्ट द्वारा जुटाए गए संसाधनों से तैयार किया गया है.
श्रद्धालुओं के सहयोग से पूरा हुआ भव्य निर्माण
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण केवल एक धार्मिक परियोजना नहीं, बल्कि देशभर के करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है. उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा एकत्रित की गई और उसी के माध्यम से निर्माण कार्य संचालित किए गए. उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि वर्षों की प्रतीक्षा के बाद श्रद्धालुओं का सपना साकार हुआ है.
#WATCH अयोध्या, उत्तर प्रदेश। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा, "भगवान का जो मंदिर और परिसर है, उसके बारे में मुख्य रूप से समीक्षा की गई। कुल मिलाकर करीब 70 निर्माण कार्य हैं जिसमें से 60 निर्माण जो हो चुके हैं, वो ट्रस्ट को दिया जा चुका है। उनकी देख-रेख… pic.twitter.com/kRCpQDDbW5
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 21, 2026
70 में से 60 निर्माण कार्य पूरे
निर्माण कार्यों की प्रगति पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर के लिए चिन्हित लगभग 70 कार्यों में से करीब 60 कार्य पूरे हो चुके हैं. इन परियोजनाओं को अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया गया है. उन्होंने कहा कि आगे इन सुविधाओं के रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी ट्रस्ट के पास रहेगी. निर्माण समिति अब शेष कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है.
#WATCH अयोध्या, उत्तर प्रदेश: राम मंदिर निर्माण समिति अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा, "मंदिर परिसर के अंदर निर्माण कार्य 30 सितंबर तक पूरा होने की उम्मीद है और लार्सन एंड टुब्रो तथा टाटा के कर्मचारी 30 अक्टूबर तक साइट खाली कर देंगे। स्टेट कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन द्वारा संभाला जा… pic.twitter.com/iT2pcTI0Qt
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जलभराव की समस्या के समाधान पर काम
मंदिर परिसर में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को लेकर भी चर्चा की गई. नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि इस विषय में मंडलायुक्त और नगर आयुक्त के साथ विस्तृत बैठक हुई है. उन्होंने कहा कि सीवेज और जल निकासी व्यवस्था को मुख्य नाले से जोड़ने का कार्य जारी है और उम्मीद है कि अगले दो महीनों में यह काम पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद बारिश के दौरान जलभराव जैसी समस्याओं में काफी कमी आएगी.
संग्रहालय और ऑडिटोरियम निर्माण पर विशेष ध्यान
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि अब निर्माण समिति का प्रमुख फोकस संग्रहालय, ऑडिटोरियम और ट्रस्ट कार्यालय के निर्माण पर है. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संग्रहालय की गैलरी नंबर-7 के निर्माण और विकास पर लगभग पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. हालांकि संग्रहालय में प्रवेश शुल्क लिया जाएगा या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा लिया जाएगा.
#WATCH अयोध्या, उत्तर प्रदेश। चंपत राय 9-पेज के पत्र की मीडिया रिपोर्टों पर, जिसमें उन पर मनमाने फैसले लेने का आरोप लगाया गया है, राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने कहा, "मैंने ऐसा कोई पत्र नहीं देखा है। जब तक मैं पत्र नहीं देख लेता, तब तक मैं यही जवाब दूंगा कि… pic.twitter.com/zhm0XlYblQ
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चंपत राय के पत्र पर दिया जवाब
बैठक के बाद पत्रकारों ने जब चंपत राय के कथित पत्र में उनका नाम शामिल होने को लेकर सवाल किया तो नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई पत्र नहीं देखा है. उन्होंने इस मुद्दे पर ज्यादा टिप्पणी करने से वे बचते नजर आए.
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