- प्रयागराज के एक मकान में करोड़ों रुपए की नकदी मिलने पर अब खुदाई का वीडियो वायरल है
- जांच में मकान के हर कमरे में तीन से चार फीट तक गहरा गड्ढा खोदकरकुछ तलाश किया जा रहा है
- वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि जमीन के अंदर से काला धन निकाला जा रहा है
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के एक घर में जमीन के अंदर से भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के मामले में पल-पल नए मोड़ सामने आ रहे हैं. करोड़ों रुपए के कैश मिलने के बाद जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है. अब तक 10 करोड़ रुपये कैश मिलने की बात सामने आई है. इस मामले में शुक्रवार को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की एंट्री हो गई. देर रात मकान के हर कमरे के अंदर खुदाई की गई. इसी बीच शुक्रवार रात से एक 20 सेकंड का नया वीडियो सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है.वायरल वीडियो में मकान के कमरों के अंदर मजदूरों द्वारा गहरी खुदाई होते हुए देखी जा सकती है. हालांकि सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि एनडीटीवी नहीं करता है. घर के मालिक यादव परिवार के दो लोग राकेश और राजेश यादव पुलिस की हिरासत में बताए जा रहे है, उनसे पुलिस पूछताछ कर रही है. मामला गंगानगर जोन के नवाबगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बरईपुर, रामनगर गांव का है.
घर के अंदर फावड़े, हल से हो रही खुदाई
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि मकान के अंदर मजदूरों की एक टोली फावड़े, हल और अन्य उपकरणों के साथ फर्श की खुदाई में जुटी हुई है. वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि कार्रवाई शुक्रवार सुबह से लेकर देर रात तक चली. मकान के अलग-अलग कमरों में फर्श को तोड़कर करीब तीन से चार फीट तक गहरा गड्ढा खोदा जा चुका है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की टीम शुक्रवार सुबह से ही यादव परिवार के मकान में डटी हुई है. टीम को शक है कि घर के अंदर कहीं और भी पैसे छिपाए जा सकते है और यही वजह है कि पूरे घर के बाहर पुलिस का सख्त पहरा है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की टीम लगातार हर कमरों की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि जांच की दिशा आगे बढ़ सके. वहीं मकान के बाहर और अंदर दोनों जगह ही सीसीटीवी कैमरा लगवा दिए गए हैं.

कुर्सी पर बैठा शख्स आखिर कौन?
वीडियो का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि जब मजदूर फर्श की खुदाई कर रहे है ठीक उसी वक्त शख्स वहीं पास में एक प्लास्टिक की कुर्सी पर चुपचाप बैठा दिखाई दे रहा है. कुर्सी पर बैठा शख्स कौन है इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. लेकिन बताया जा रहा है कि ये इसी मकान का मालिक है जो यादव परिवार में से एक सदस्य है. उसके इर्द-गिर्द आयकर विभाग के अधिकारी और पुलिस भी मौजूद बताई जा रही है. अधिकारियों की सीधी निगरानी में यह खुदाई कराई जा रही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि जांच एजेंसियों को मकान के अन्य हिस्सों में भी संपत्ति या दस्तावेज छिपाए जाने का गहरा संदेह है. वीडियो और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही जानकारियों के अनुसार जब जांच टीम खुदाई के दौरान मकान मालिक से सवाल-जवाब कर रही थी तब वह बेहद शांत और असहज नजर आ रहा था. पूछताछ के दौरान उसने अधिकांश सवालों पर चुप्पी साधे रखी और केवल 'हां' या 'ना' में ही संक्षिप्त उत्तर दिए. वह किसी भी सवाल का खुलकर जवाब देने से बचता नजर आया.

हालांकि इसकी शख्स को दो पुलिसवाले घर से अपनी बाइक पर भी ले जाते हुए दिखे. इनकम टैक्स के अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी नकदी बिना किसी संगठित तंत्र के जमीन के नीचे नहीं दबाई जा सकती. ऐसे में घर के अन्य कमरों, तहखाने और आंगन के कोनों की भी तकनीकी उपकरणों की मदद से जांच की जा रही है. मेटल डिटेक्टर और अन्य स्कैनिंग मशीनों का सहारा लेकर फर्श के नीचे किसी अन्य खोखले हिस्से या बक्से की तलाश की जा रही है.
सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे, विभाग की जांच जारी
इंटरनेट पर यह वीडियो सामने आते ही लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. कोई इसे किसी बड़ी बेनामी संपत्ति से जोड़ रहा है तो कोई इसे हवाला नेटवर्क और काले धन का मामला बता रहा है. हालांकि जांच में जुटे अधिकारियों ने अभी तक इस वायरल वीडियो और खुदाई के दौरान मिले अतिरिक्त सामान को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. फिलहाल आयकर विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मकान के चप्पे-चप्पे की तलाशी ले रही है. दीवारों, सीलिंग और फर्श के हर उस हिस्से की बारीकी से जांच की जा रही है, जहां भी नकदी, आभूषण या बेनामी संपत्तियों के कागजात छिपाए जाने की जरा भी गुंजाइश हो सकती है. पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है और मामले की कानूनी व वित्तीय जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.
तीन ड्रम में भरे नोटों की भी गिनती का दावा
फिलहाल बरामद किए तीन ड्रम में भरे नोटों की भी गिनती किए जाने का दावा किया जा रहा है. अब तक 10 करोड़ रुपये बरामद किए जाने की बात सामने आई है. बाकी जांच एजेंसियों की भी नजरें इस मामले में टिकी हुई हैं. इस सनसनीखेज मामले में शनिवार को भी कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है. वहीं पुलिस को और भी संपत्ति का पता चला है. घर से कुछ दूर पहले ही यादव परिवार की नवनिर्मित करोड़ों रुपये की मार्केट बनी है, जहां से बालू, गिट्टी और सीमेंट का कारोबार किया जा रहा था और इसे परिवार का शख्स जिसका नाम महाकाल है वही इसे चला रहा था. इस मार्केट के पास भी पुलिस का सख्त पहरा बैठा दिया गया है और यहां भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सीसीटीवी कैमरा लगवा दिए है। अब इस मामले में कोई भी अधिकारी बोलने से साफ बच रहा है.
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