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'₹5500 देकर मैंने 21 मिनट में बनवाया ड्राइविंग लाइसेंस, 1 दिन में 2 बार फेल, घूस देते ही हो गया पास' 

"Paid ₹5500 & Got License in 21 Minutes Bulandshahr UP: बुलंदशहर के खुर्जा स्थित वाईबी बिल्डर एवं ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर पर घूसखोरी का खुला खेल चल रहा है. बिना घूस दिए यहां आप ड्राइविंग टेस्ट में पास नहीं हो सकते. इससे पीड़ित व्यक्ति ने इस पूरे मामले का खुलासा किया है. पुलिस ने सेंटर के मैनेजर पर FIR कर ली है. जानिए पूरा मामला.

'₹5500 देकर मैंने 21 मिनट में बनवाया ड्राइविंग लाइसेंस, 1 दिन में 2 बार फेल, घूस देते ही हो गया पास' 
Paid ₹5500 & Got License in 21 Minutes Bulandshahr Candidate Reveals Corruption Driving Test Center Manager Fir. (AI Image)

Driving License Corruption Racket: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक युवक को ड्राइविंग टेस्ट में दो बार फेल किया गया. यह टेस्ट एक ही दिन में 34 मिनट में हुए थे. फेल होने के कारण युवक का लाइसेंस नहीं बन सका, लेकिन 5500 रुपये की घूस देने के बाद युवक को उसी दिन महज 21 मिनट में पास दिखाकर लर्निंग लाइसेंस दे दिया गया. अब इस मामले में ड्राइविंग टेस्टिंग के मैनेजर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. मामले की जांच की जा रही है. पीड़ित की जुबानी जानिए क्या है पूरा मामला? 

मेरा नाम शिशपाल शर्मा है और बुलंदशहर के करई थाना जहांगीराबाद का रहने वाला हूं. 19 जनवरी 2026 को मैं जिरौली गांव में रहने वाले अपने समधी विनोद कुमार शर्मा के बेटे कपिल कुमार शर्मा के लर्निंग लाइसेंस के लिए वाईबी बिल्डर एवं ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर खुर्जा पर गया. जहां दोपहर 11:40 और 12:14 बजे, यानी 34 मिनट में कपिल का दो बार टेस्ट लिया और उसे दोनों बार ही फेल कर दिया गया. 

मैनेजर ने कहा- इस नंबर पर 5500 रुपये भेजो 

इसे लेकर सवाल करने पर टेस्टिंग सेंटर के मैनेजर रमित सरदार के प्रतिनिधि ने कहा- अगर, लर्निंग लाइसेंस बनवाना है तो सबसे पहले मैनेजर साहब से मिलो और जैसा वो कहे वैसा करो. मैं कपिल को लेकर मैनेजर के कैबिन में गया तो उन्होंने एक मोबाइल नंबर बताते हुए कहा कि इस पर 5500 रुपये भेज दो. अगर, ऐसा नहीं करोगे तो कितनी बार भी टेस्ट करा लो वो पास नहीं हो पाएगा.  

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5500 रुपये देने के बाद, महज 12 मिनट में बना लाइसेंस 

समधी के बेटे कपिल कुमार को बाइक और कार चलाने के लिए लर्निंग लाइसेंस की जरूरत थी. ऐसे में हमने मजबूरी में मैनेजर रमित सरदार द्वारा दिए गए नंबर पर दोपहर 12:48 बजे तीन बार में 5500 रुपये ट्रांसफर किए. रुपये मिलने के बाद मैनेजर ने 13:09 बजे कपिल को टेस्ट में पास दिखाकर लर्निंग लाइसेंस बना दिया गया. यानी घूस देने के बाद महज 21 मिनट में ही काम हो गया. 

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पुलिस ने दर्ज किया केस 

घूस देकर लाइसेंस बनवाने की बात मुझे समझ नहीं आई. साथ ही, यह भी पता चला कि लाइसेंस के नाम पर खुर्जा ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर पर अवैध उगाही का खेल चल रहा है, जिसमें सेंटर के सभी कर्मचारी शामिल हैं. इसे लेकर मैंने सेंटर के मैनेजर रिमत सरकार को 6 फरवरी 2026 को एक नोटिस भी भेजा. इसके अलावा पुलिस समेत अन्य जगह शिकायत की. 6 मई 2026 को पुलिस ने वाईबी बिल्डर के शाहबाज दौलतपुर स्थित ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर के मैनेजर रमित सरदार और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ केस दर्ज किया. खुर्जा देहात थाना पुलिस अब मामले की जांच कर रही है.

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