बोतल बंद यानी पैकेज्ड पीने का पानी उत्तर प्रदेश में खतरे की घंटी बन गया है. उत्तर प्रदेश में अधिकारियों को 15 से ज्यादा जिलों में सीलबंद पानी की बोतलों में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिले हैं. खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सीलबंद पीने के पानी के सैंपल इकट्ठा किए और लखनऊ में लैब टेस्ट करवाया. फूड सेफ्टी और ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की कमिश्नर ने संबंधित वॉटर प्लांट से पानी की बिक्री पर रोक लगा दी है और उन्हें बाजार में पहुंच चुकी पानी की सभी खेप वापस मंगाने का आदेश दिया है.
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इन जिलों में मिली शिकायत
अंबेडकर नगर, गोंडा, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, चित्रकूट, वाराणसी, उन्नाव, रामपुर, मैनपुरी, आजमगढ़, प्रयागराज, चंदौली आदि जिलों के पीने के पानी में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए हैं.
पिछले साल दिसंबर में, इंदौर के भागीरथपुर में पीने के पानी में एक खतरनाक वायरस मिलने के बाद पूरे देश में एक जांच की गई थी. अंबेडकरनगर के अकबरपुर में एक वाटर कंपनी के पैकेज्ड बोतल में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाया गया. कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी की पुष्टि के साथ-साथ, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल भी निर्धारित मात्रा से कम पाए गए.
कोलीफॉर्म बैक्टीरिया के साइड इफेक्ट | Side Effects of Coliform Bacteria
कोलीफॉर्म बैक्टीरिया, खासकर फेकल कोलीफॉर्म और ई. कोलाई से दूषित पानी या खाना खाने से सेहत से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें दस्त, उल्टी, क्रैम्प्स, दर्द, बुखार और जी मिचलाना शामिल हैं.
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ये आंतों में इन्फेक्शन पैदा करते हैं, जिससे पेचिश, टाइफाइड और हैजा जैसी बीमारियां हो सकती हैं. ई कोलाई के कुछ हानिकारक स्ट्रेन आंतों में गंभीर इन्फेक्शन, खून बहना और किडनी फेलियर का कारण बन सकते हैं.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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