Driving License Corruption Racket: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक युवक को ड्राइविंग टेस्ट में दो बार फेल किया गया. यह टेस्ट एक ही दिन में 34 मिनट में हुए थे. फेल होने के कारण युवक का लाइसेंस नहीं बन सका, लेकिन 5500 रुपये की घूस देने के बाद युवक को उसी दिन महज 21 मिनट में पास दिखाकर लर्निंग लाइसेंस दे दिया गया. अब इस मामले में ड्राइविंग टेस्टिंग के मैनेजर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. मामले की जांच की जा रही है. पीड़ित की जुबानी जानिए क्या है पूरा मामला?
मैनेजर ने कहा- इस नंबर पर 5500 रुपये भेजो
इसे लेकर सवाल करने पर टेस्टिंग सेंटर के मैनेजर रमित सरदार के प्रतिनिधि ने कहा- अगर, लर्निंग लाइसेंस बनवाना है तो सबसे पहले मैनेजर साहब से मिलो और जैसा वो कहे वैसा करो. मैं कपिल को लेकर मैनेजर के कैबिन में गया तो उन्होंने एक मोबाइल नंबर बताते हुए कहा कि इस पर 5500 रुपये भेज दो. अगर, ऐसा नहीं करोगे तो कितनी बार भी टेस्ट करा लो वो पास नहीं हो पाएगा.

5500 रुपये देने के बाद, महज 12 मिनट में बना लाइसेंस
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पुलिस ने दर्ज किया केस
घूस देकर लाइसेंस बनवाने की बात मुझे समझ नहीं आई. साथ ही, यह भी पता चला कि लाइसेंस के नाम पर खुर्जा ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर पर अवैध उगाही का खेल चल रहा है, जिसमें सेंटर के सभी कर्मचारी शामिल हैं. इसे लेकर मैंने सेंटर के मैनेजर रिमत सरकार को 6 फरवरी 2026 को एक नोटिस भी भेजा. इसके अलावा पुलिस समेत अन्य जगह शिकायत की. 6 मई 2026 को पुलिस ने वाईबी बिल्डर के शाहबाज दौलतपुर स्थित ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर के मैनेजर रमित सरदार और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ केस दर्ज किया. खुर्जा देहात थाना पुलिस अब मामले की जांच कर रही है.
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