- नोएडा के सेक्टर-94 में परीक्षा के बाद पिकनिक मनाने आए 23 वर्षीय हर्षित भट्ट की गहरे गड्ढे में डूबने से मौत
- हर्षित भट्ट बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन का छात्र था और तैराकी में भी कुशल था, फिर भी उसकी जान नहीं बच पाई
- पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य किया, हर्षित का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया
Noida Harshit Bhatt Drowning Case: दिल्ली से सटे हाईटेक शहर नोएडा में एक बार फिर प्रशासनिक अनदेखी ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया. दरअसल बुधवार को सेक्टर-94 में एग्जाम खत्म होने के बाद दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने पहुंचे एमिटी यूनिवर्सिटी के 23 वर्षीय छात्र हर्षित भट्ट की गहरे गड्ढे में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई. यह घटना तब और भी हैरान करने वाली लगती है जब पता चलता है कि हर्षित न केवल 'बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन' का छात्र था, बल्कि वह तैराक भी अच्छे से जानता था. उसके इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर मौजूद उसकी तैराकी की तस्वीरें इस बात की तस्दीक करती हैं, लेकिन नोएडा अथॉरिटी के इस 'डेथ ट्रैप' के आगे उसकी स्किल नाकाम साबित हुई.

Noida Harshit Bhatt Drowning Case: नोएडा सेक्टर 94 के इसी गड्ढे में डूबने से हर्षित की मौत हुई.
पिकनिक के दौरान मातम: NDRF-SDRF की टीमें भी पहुंची
घटना बुधवार की है जब हर्षित अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ परीक्षा खत्म होने की खुशी में सेक्टर-94 के पास पिकनिक मनाने गया था. पार्टी के दौरान छात्र वहां बने एक गहरे गड्ढे में भरे पानी में नहाने के लिए उतर गए. हर्षित जैसे ही पानी में कूदा, वह दोबारा सतह पर नहीं आ सका. सूचना मिलते ही पुलिस, फायर विभाग, SDRF और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया.
इंजीनियर युवराज मेहता की मौत से भी नहीं लिया सबक
यह हादसा नोएडा अथॉरिटी की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान है. कुछ समय पहले ही इंजीनियर युवराज मेहता की इसी तरह के गड्ढे के कारण हुई मौत के बाद अथॉरिटी ने दावा किया था कि शहर के सभी खतरनाक गड्ढों को चिह्नित कर वहां बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे. लेकिन सेक्टर-94 की यह तस्वीर गवाह है कि अथॉरिटी के ये दावे केवल घोषणाओं तक सीमित रहे. न वहां कोई बैरिकेडिंग थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड, जिसके चलते एक और जान चली गई.
नोएडा में बदस्तूर जारी है लापरवाही का खेल
गौरतलब है कि नोएडा में असुरक्षित निर्माण और खुले गड्ढे लगातार काल बन रहे हैं. हाल ही में सेक्टर-115 में एक निर्माणाधीन नाले के गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय धीरज नामक युवक की मौत हो गई थी. उस वक्त भी स्थानीय लोगों ने नोएडा अथॉरिटी और ठेकेदारों के खिलाफ जमकर गुस्सा जाहिर किया था. लेकिन धीरज से लेकर युवराज और अब हर्षित तक, मौतों का यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है, पर जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम साबित हो रहे हैं.
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