Child Rescue Operation: गुजरात के सूरत जिले में 2 अप्रैल की शाम घर के बाहर खेल रही एक 4 वर्षीय बालिका अचानक लापता हो गई. चाइल्ड ट्रैफिकिंग की शिकार हुई मासूम को ढूंढने में पुलिस को चार दिन लगे. पुलिस ने मासूम को उसके घर से 200 किलोमीटर दूरी से बरामद किया. मासूम बच्ची की बरामदगी में सफल रही पुलिस ने बताया कि ट्रैफिकिंग गैंग लापता बच्ची को भीख मंगवाने के लिए अगवा किया था.
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घर के बाहर खेलते समय अचानक गायब हो गई थी 4 साल की मासूम
रिपोर्ट के मुताबिक सूरत जिले के अमरोली के छापराभाठा इलाके की रहने वाली महिला की बेटी गत 2 अप्रैल की शाम घर के बाहर खेलते समय अचानक गायब हो गई थी. सूरत पुलिस ने सूचना के बाद बच्ची को चुराने वाले चाइल्ड ट्रैफिकिंग गैंग का पीछा किया और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मासूम बच्ची का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया और फिर बच्ची को महिला को सौंप दिया.
लापता मासूम की जांच की शुरुआत सीसीटीवी फुटेज से शुरू की हुई
अमरोली पुलिस ने बताया कि लापता मासूम जांच की शुरुआत एक सीसीटीवी फुटेज से शुरू हुई, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति बच्ची को सायण रेलवे स्टेशन की तरफ ले जाता हुआ दिखा है. यहां मिले एक सुराग की मदद से पुलिस ने अपनी पूरी रणनीति तैयार की और चाइल्ड ट्रैफिकिंग गैंग से जुड़े गुर्गों को पकड़ने के लिए रेस्कयू ऑपरेशन चलाया और मासूम को गैंग से सफलतापूर्वक छुड़ा लिया.
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ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से की गई आरोपियों के हुलिए की पहचान
सूरत पुलिस ने जांच के दौरान ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से आरोपियों के हुलिए की पहचान करने के बाद लंगर, मंदिर या रेलवे स्टेशन के आसपास वाले इलाकों की निगरानी शुरू कर दी, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा. इसी बीच अहमदाबाद के नारोल इलाके से एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया. कॉल करने वाले व्यक्ति ने बताया कि उसने एक संदिग्ध व्यक्ति को एक बच्ची के साथ एक ऐसी जगह पर देखा था, जहां फ्री में खाना बांटा जा रहा था.

बच्ची के सुरक्षित घर वापसी प्रसन्नता जताते हुए परिजन
3 बच्चों के साथ दिखे संदिग्ध के पास थी लापता 4 वर्षीय मासूम
संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी को गंभीरता से लेते हुए सूरत क्राइम ब्रांच के डीसीपी भावेश रोजिया ने तुरंत नारोल पुलिस से संपर्क किया और पूरे इलाके को घेरने के निर्देश दिए. नारोल पहुंची सूरत क्राइम ब्रांच की टीम ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया और कुछ ही समय बाद संदिग्ध तीन बच्चों के साथ दिखाई दिया, जिनमें से एक मासूम बच्ची भी थी. बिना देर किए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और मासूमों को कब्जे में ले लिया.
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आरोपी के साथ मौजूद दो अन्य बच्चों को गैंग ने अपना बताया हैं
उल्लेखनीय है सूरत पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले 4-5 दिनों से बच्ची की मां से इधर-उधर की बातें कर रहा था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा. आरोपी के साथ मौजूद दो अन्य बच्चों को आरोपी ने बताया कि वोके अपने बच्चे हैं. करीब 4 दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्ची की घर वापसी से पुलिस और परिवार दोनों ने खुश हैं.
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