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मुरादाबाद-बिजनौर में तेंदुओं का आतंक! गन्ने के खेत बने ठिकाना, 2 हफ्ते में दर्जनों हमले और कई मौतें; प्रशासन अलर्ट

मुरादाबाद और बिजनौर में तेंदुओं के बढ़ते हमलों से सैकड़ों गांवों के लोग दहशत के माहौल में जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं. प्रशासन ड्रोन, पिंजरों और संयुक्त टीमों से अभियान चला रहा है.

मुरादाबाद-बिजनौर में तेंदुओं का आतंक! गन्ने के खेत बने ठिकाना, 2 हफ्ते में दर्जनों हमले और कई मौतें; प्रशासन अलर्ट
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा इलाके में तेंदुओं का सबसे ज्यादा खौफ है. (Photo: NDTV)
  • मुरादाबाद और बिजनौर के सैकड़ों गांवों में तेंदुओं के हमलों से दहशत है.
  • गन्ने के खेत तेंदुओं का ठिकाना बन गए हैं, जहां ग्रामीणों पर लगातार हमले हो रहे हैं.
  • तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग ड्रोन, पिंजरों और संयुक्त टीमों से अभियान चला रहा है.
मुरादाबाद/बिजनौर:

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और बिजनौर में तेंदुओं ने कहर बरपा रखा है. दो जिलों के दायरे में आने वाले सैकड़ों गांवों में दहशत का माहौल है. स्थानीय लोग डर के माहौल में जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं. तेंदुए गन्ने के खेतों को अपना ठिकाना बना रहे हैं और खेत में काम करने जाने वालों पर हमले कर रहे हैं. मुरादाबाद में सिर्फ पिछले दो हफ्ते में दर्जनों हमले हुए. चार तेंदुओं को वन विभाग की टीम ने पकड़ा है. वहीं, मुरादाबाद के पड़ोसी जिले बिजनौर में तेंदुओं के हमलों से अब तक तीन दर्जन से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं. प्रभावित इलाकों में वन विभाग की टीम ड्रोन कैमरे से निगरानी कर रही है. बिजनौर में अब तक करीब 6 तेंदुए पकड़े गए हैं. 

अब तक कई तेंदुओं को पकड़ा जा चुका है.

अब तक कई तेंदुओं को पकड़ा जा चुका है.
Photo Credit: NDTV

मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा तहसील में सबसे ज्यादा तेंदुओं ने आतंक बरपा रखा है. जिले में तेंदुए के हमलों में अब तक 12 लोग घायल हो चुके हैं. वहीं,  कुछ दिन पहले संतोष देवी नाम की एक महिला की मौत हो गई थी. इसके अलावा, बिजनौर में एक दस साल के मासूम की मौत का मामला सामने आया है. 

महिला की मौके पर मौत 

मुरादाबाद में ठाकुरद्वारा के लालापुर पीपलसाना की रहने वाली संतोष देवी जंगल में चारा लेने गई थीं. वे इलाके से गुजरने वाली रामगंगा नदी पार करके जा रही थीं, तभी तेंदुए ने उनके गर्दन पर हमला कर किया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. वन विभाग ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए इलाके में पिंजरा लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है. 

महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे, जिसके बाद तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया. मृतका अपने पीछे दो बेटे, शीतल और योगेंद्र, दो बेटियां, रितु और बबीता छोड़ गई हैं. 

घटनाएं सामने आने के बाद वन विभाग, जिला और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीमें कई दिनों से ऑपरेशन चला रही हैं. महिला की मौत के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर डॉ. विनय कुमार सिंह खुद ट्रैंक्विलाइजर गन के साथ मैदान में उतरकर हालात की निगरानी करने लगे. लेकिन अभी भी दर्जनों तेंदुए विभाग की पकड़ से दूर हैं.

स्थानीय प्रशासन ड्रोन के जरिए तेंदुओं के तलाशने की कोशिश कर रहा है.

स्थानीय प्रशासन ड्रोन के जरिए तेंदुओं के तलाशने की कोशिश कर रहा है.
Photo Credit: NDTV

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प्रशासन पर गांव वालों का आरोप

गांव के लोगों का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी मुरादाबाद के अलग-अलग इलाकों में तेंदुए बच्चों और महिलाओं पर हमला कर चुके हैं. वन विभाग कई तेंदुओं को पकड़कर अमानगढ़ के जंगलों में छोड़ चुका है, लेकिन तेंदुए का आतंक अब भी खत्म नहीं हुआ है.

गांव वालों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद वन विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया गया. उनका कहना है कि एक जगह पिंजरा लगाया जाता है, तो तेंदुआ दूसरी जगह दिखाई देने लगता है. 

प्रभावित इलाकों में पुलिस बल तैनात है.

प्रभावित इलाकों में पुलिस बल तैनात है.
Photo Credit: NDTV

खेत में काम करने गए युवक पर हमला

ठाकुरद्वारा के मुनीमपुर गांव का युवक अपने परिवार के साथ खेत में काम करने गया था. इसी दौरान खेत के पास तेंदुआ दिखाई दिया और अचानक युवक पर हमला कर दिया. हमले में युवक के सिर और चेहरे पर चोटें आईं. शोर सुनकर परिवार और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो तेंदुआ जंगल की तरफ भाग गया. घायल युवक को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया.

गांव के लोगों का कहना है कि सुबह एक तेंदुआ पिंजरे में फंसने के बाद उन्हें लगा था कि खतरा कम हो गया है, लेकिन बाद में फिर तेंदुए दिखाई देने से डर का माहौल बन जाता है.

गांव वालों से प्रशासन की अपील!

डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने गांव वालों से अपील की है कि वे खेतों में काम करने, चारा लेने या किसी भी काम से बाहर जाते वक्त अकेले न जाएं. सभी लोग समूह बनाकर जाएं, हाथ में लाठी-डंडा रखें और रास्ते में एक-दूसरे से बात करते रहें, जिससे किसी खतरे की जानकारी तुरंत मिल सके.

डीएम ने बताया कि रामगंगा नदी के किनारे गन्ने के खेत ज्यादा हैं, इसलिए वहां तेंदुओं के छिपने की जगह ज्यादा मिल जाती है. इसी वजह से वन विभाग ने उस पूरे इलाके में विशेष निगरानी बढ़ा दी है.

मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में दहशत का माहौल है.

मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में दहशत का माहौल है.
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प्रशासन चला रहा कैंपेन

जिला प्रशासन तेंदुओं को पकड़ने का कैंपेन चला रहा है. मुरादाबाद के डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि थर्मल इमेजिंग के जरिए एक मादा तेंदुआ और उसके दो अल्पवयस्क शावकों की मौजूदगी सामने आई थी. इसके अलावा कुछ और तेंदुओं की भी आशंका जताई जा रही है. तेंदुओं को पकड़ने के लिए अब तक 16 पिंजरे लगाए गए हैं. 

गांव के लोगों को जागरूक करने के लिए गांव-गांव चौपाल लगाई जा रही हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अकेले खेतों में न जाएं, रात में खेतों की तरफ न जाएं और दिन में भी समूह बनाकर ही खेतों में काम करें. लोगों को लाठी-डंडे साथ रखने और खेतों में आवाजाही बनाए रखने की सलाह दी गई है.

मुरादाबाद वन विभाग की टीम तेंदुओं को पकड़ने का कैंपेन चला रही है.

मुरादाबाद वन विभाग की टीम तेंदुओं को पकड़ने का कैंपेन चला रही है.
Photo Credit: NDTV

जिलाधिकारी ने बताया कि तेंदुओं के खतरे को देखते हुए 10 एक्स्ट्रा पिंजरे खरीदने का ऑर्डर दिया गया है. इस कैंपेन में प्रशासन, पुलिस और वन विभाग के करीब 60 से 70 कर्मचारी लगे हुए हैं.

प्रभावित गांवों में पहुंचे स्थानीय विधायक 

ठाकुरद्वारा विधानसभा से समाजवादी पार्टी विधायक नवाब जान खान भी प्रभावित गांवों में पहुंचे. उन्होंने घायलों से मुलाकात करके हर घायल को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया. विधायक ने मृतका संतोष देवी के घर भी पहुंचे और परिवार को 50 हजार रुपये की मदद दी. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि तेंदुओं को जल्द नहीं पकड़ा गया तो वे किसानों के साथ मिलकर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे.

एसपी विधायक नवाब जान खान ने फोन कॉल पर एनडीटीवी के साथ बातचीत में बताया, "मैं कुल ग्यारह पीड़ितों के घर गया, जिसमें से एक संतोष देवी हैं, जिनकी मौत हो चुकी है. मैंने पीड़ितों की आर्थिक मदद भी की. राज्य सरकार ने अभी तक कोई मदद नहीं की है."

कहां से आ रहे तेंदुए?

मुरादाबाद का ठाकुरद्वारा क्षेत्र कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और रामगंगा नदी के आसपास होने की वजह से वन्यजीवों की आवाजाही वाला इलाका माना जाता है. 

विधायक नवाब जान खान बताते हैं, "मुरादाबाद जिले के अंदर बिजनौर से सैकड़ों की तादाद में तेंदुए आ रहे हैं, क्योंकि वहां पर इनकी तादाद बहुत ज्यादा हो गई है. मैंने मुरादाबाद डीएम से बात की, उन्होंने मुझे बताया कि बिजनौर के जंगल में तेंदुओं की तादाद 100 से ज्यादा हो गई और वहां शिकार कम हो गया है, इसलिए वे मुरादाबाद की तरफ पलायन कर रहे हैं."

बता दें कि तेंदुओं का सबसे ज्यादा प्रकोप नदी के आस-पास के गांवों में है. यह नदी बिजनौर की तरफ से आती है.

एसपी विधायक कहते हैं कि इलाका ऐसा है कि तेंदुए छिप जा रहे हैं. गन्ने के खेत में घुस जाते हैं. हमने प्रशासन से और ज्यादा जाल और पिंजरों की मांग की है. क्योंकि इनको कंट्रोल करना जरूरी है, क्योंकि अगर ये नरभक्षी हो जाएंगे, तो मनुष्यों पर हमला करेंगे. हम सरकार से मांग करते हैं कि घायलों का अच्छा इलाज हो और आर्थिक मदद की जाए. 

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