- मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए संत कल से महायज्ञ करने वाले हैं.
- मंदिर निर्माण के लिए राजस्थान से पत्थर बुलवाए जा रहे हैं.
- इन पत्थरों पर नक्काशी के लिए ओडिशा से कारीगर बुलाए जाएंगे.
मथुरा में श्री कृष्ण जन्मस्थान को लेकर संतों ने कारसेवा करने का ऐलान किया है. इसको लेकर यहां तैयारियां भी दिख रही हैं. राजस्थान से पत्थर भी मंगाए गए हैं. यह पत्थर उसी पहाड़ी से आ रहे हैं जहां से अयोध्या राम मंदिर के पत्थर आए हैं. दरअसल, मथुरा के चित्रगुप्त पीठ में 9 अगस्त को संत समाज के प्रतिनिधि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति को लेकर कारसेवा का उदघोष करने की बात कही है, जहां चित्रगुप्त पीठ में 1000 से अधिक संत यज्ञ, हवन और पूजन करेंगे. ऐसे में मथुरा में फिलहाल अलर्ट जारी किया है.
हरिद्वार, काशी, प्रयागराज से संत आएंगे मथुरा
संतों के इस समागम में कारसेवा की रूपरेखा तय की जाएगी. हरिद्वार, काशी, प्रयागराज और अयोध्या समेत कई जगहों से बड़ी संख्या में संत मथुरा पहुंचेंगे. संतों का यज्ञ कल से शुरू होगा, जो मंदिर निर्माण होने तक जारी रखने की बात कही गई है. कारसेवा के लिए राजस्थान के भरतपुर स्थित बंसी पहाड़ से गुलाबी पत्थर मथुरा पहुंचने शुरू हो गए हैं.
राजस्थान से आ रहे पत्थर
इसी बंसी पहाड़ के पत्थरों का इस्तेमाल अयोध्या के राम मंदिर निर्माण में भी किया गया है. कारसेवा के लिए करीब 50000 घन फुट पत्थरों का ऑर्डर दिया गया है. अगले तीन महीनों में करीब 5000 घन फुट पत्थरों की डिलीवरी होने की बात कही गई है. फिलहाल करीब 350 घन फुट पत्थर चित्रगुप्त पीठ पहुंच चुके हैं. इन पत्थरों पर ब्रज संस्कृति और भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी नक्काशी की जाएगी.
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ओडिशा से आएंगे कारीगर
चित्रगुप्त पीठ पहुंचे इन गुलाबी पत्थरों पर भव्य कलाकारी देखने को मिलेगी. इन पत्थरों पर ब्रज संस्कृति और भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी आकर्षक नक्काशी की जाएगी. इस बारीक और भव्य नक्काशी को अंजाम देने के लिए विशेष रूप से ओडिशा से कुशल कारीगरों को बुलाया गया है. इन गुलाबी पत्थरों की कीमत करीब 800 से 1200 प्रति घन फुट बताई गई है.
फिलहाल, चित्रगुप्त पीठ में संतों के इस बड़े जमावड़े और पहुंच रहे पत्थरों के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक और धार्मिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है. कल होने वाली बैठक के बाद कारसेवा के आंदोलन और चरणबद्ध कार्यक्रमों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी.
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