
Prayagaraj Mahakumbh 2025: प्रयागराज महाकुंभ अब पूरा हो चुका है. ऐसे में जिन लोगों की वजह से 45 दिनों का ये आयोजन बहुत कामयाब रहा, वैसे ज़मीनी कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज आकर सम्मानित किया. सीएम योगी आदित्यनाथ के इस काम ने लोगों का दिल जीत लिया. मुख्यमंत्री ने न सिर्फ सफाई कर्मियों के साथ खाना खाया बल्कि नाव चालकों के साथ बातचीत भी की. इसके बाद UP CM योगी आदित्यानाथ ने महाकुम्भ में काम किए स्वच्छताकर्मियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को बड़ी सौगात दी. उन्होंने सफाईकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों को उपहार के साथ ही स्वच्छ कुम्भ कोष से बीमा प्रमाण पत्र प्रदान किया और ऐलान किया कि जो भी स्वच्छताकर्मी और स्वास्थ्यकर्मी महाकुम्भ के महाआयोजन में सहभागी बने, उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त बोनस के रूप में 10 हजार रुपए की धनराशि प्रदान की जाएगी.
5 लाख के हेल्थ कवर का ऐलान
सीएम ने यह भी ऐलान किया कि अप्रैल से प्रदेश सरकार एक कॉर्पोरेशन का गठन करने जा रही है, जिसके माध्यम से हर स्वच्छताकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी और उन सभी कर्मियों को जिन्हें मिनिमम वेज नहीं मिल पाता था, उन्हें सरकार 16 हजार रुपए प्रतिमाह प्रदान करेगी. यह धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में भेजी जाएगी. सीएम ने यह भी कहा कि हर स्वच्छताकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी को आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना के माध्यम से ₹5 लाख की स्वास्थ्य बीमा से भी जोड़ा जाएगा.
वेलफेयर के लिए करते रहेंगे काम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित हुए इस भव्य और दिव्य आयोजन के बाद आज आप सभी का अभिनंदन करने के लिए पूरी प्रदेश सरकार आपके बीच में है." इस आयोजन को भव्य और दिव्य बनाने में स्वच्छता और स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष योगदान है. हमारी सरकार आपसे वादा करती है कि आपके वेलफेयर के लिए हम आगे भी लगातार काम करते रहेंगे.
आज प्रयागराज में स्वच्छता कर्मियों के साथ सहभोज कार्यक्रम में सहभाग किया।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 27, 2025
स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित महाकुम्भ-2025 हमारे स्वच्छता दूतों की अविराम श्रम साधना एवं प्रतिबद्धता का जीवंत प्रतीक है।
दिव्य और भव्य महाकुम्भ की संकल्पना को साकार करने में सहभागी सभी कर्तव्यनिष्ठ स्वच्छता… pic.twitter.com/HPZvLTc7Ra
उन्होंने कहा कि टीम भावना के साथ जब कोई कार्य होता है तो उसके परिणाम ऐसे ही होते हैं जैसे प्रयागराज महाकुम्भ में आज हमको देखने को मिल रहे हैं. आज आप सबने साबित कर दिया कि अगर थोड़ी भी इच्छा शक्ति हो और सही सपोर्ट मिले तो परिणाम कुछ भी लाया जा सकता है. "
सीएम योगी ने सभी स्वच्छताकर्मियों से अपील की कि स्वच्छता कार्यक्रम को अब नए सिरे से प्रस्तुत करना है. स्वच्छता का विशेष अभियान चलाना होगा. " आज हमने इसकी शुरुआत की है. अब सभी अधिकारी, कर्मचारी भी इस अभियान में जुटें. मां गंगा के प्रति हमारी कृतज्ञता ज्ञापित होनी चाहिए. " सीएम योगी ने कहा कि आपको सम्मानित करते हुए और आपके साथ सहभोज में हिस्सा बनते हुए हमारा मंत्रिमंडल अभिभूत है.
प्रयागराज स्मार्ट सिटी के रूप में चमक रहा
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को प्रयागराज महाकुम्भ के शुभारंभ के लिए यहां आए थे. उससे पहले भी और उस दौरान भी उन्होंने बहुत सारा मार्गदर्शन दिया. भारत सरकार के सभी अधिकारी, सभी मंत्रालय इस आयोजन को उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर सफलता की नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए प्राण प्रण से जुटे थे. हर विभाग में अपने स्तर पर इस आयोजन में भरपूर सहयोग किया और इसमें आर्थिक रूप से भी सहयोग करते हुए प्रयागराज के कायाकल्प को सुनिश्चित किया. उन्होंने कहा कि आज महाकुम्भ के बहाने प्रयागराज शहर एक स्मार्ट सिटी के रूप में चमक रहा है.
यूपी के लोगों ने प्रस्तुत किया आतिथ्य का उत्कृष्ट उदाहरण
सीएम ने कहा कि जो भी प्रयागराज आया उसने दो बातों की सराहना जरूर की. "एक स्वच्छता और स्वच्छता कर्मियों की तो दूसरी पुलिस के व्यवहार की. ऐसे लगता था जैसे यह सबका अपना आयोजन हो. पूरा परिवार मिलकर कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा हो."
सीएम ने प्रयागराज के लोगों की भी तारीफ की. उन्होंने कहा- "प्रयागराज वासियों ने भी इसे अपने घर का आयोजन बना लिया. जगह-जगह पर लंगर लगाए, अतिथियों का अभिवादन किया, अपनी परेशानी को भूल करके वह इस आयोजन का हिस्सा बने. जिस सिटी में 25 से 30 लाख लोग रहते हैं वहां अचानक 7-8 करोड़ लोग आ जाएंगे तो क्या स्थिति होती होगी. जिस घर में पांच सदस्य रहते हैं और अचानक 10 लोग आ जाएं तो हालत खराब हो जाती है और यहां तो 20-20 गुना लोग आ रहे थे, लेकिन प्रयागराज वासियों ने पूरे धैर्य के साथ, खुशी के साथ इसे अपना आयोजन बना दिया और प्रयागराज से प्रेरित होकर पूरे प्रदेश ने इसमें अपना योगदान किया."
महाकुम्भ ने आध्यात्मिक टूरिज्म का मार्ग प्रशस्त किया
सीएम योगी ने प्रदेश में पर्यटन की नई संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि महाकुम्भ ने उत्तर प्रदेश के अंदर आध्यात्मिक टूरिज्म के कई सर्किट प्रस्तुत किए हैं. एक प्रयागराज से मां विंध्यवासिनी का धाम होते हुए काशी का सर्किट बना. जिस प्रकार प्रयागराज में करोड़ों की संख्या में लोग जुटे थे, उसी तरह मां विंध्यवासिनी धाम में इस दौरान प्रतिदिन 5 से लेकर 7 लाख तक लोग जुटे थे.
इसी तरह, काशी में बाबा विश्वनाथ धाम में 10 से लेकर 15 लाख श्रद्धालु एक दिन में रहते थे. एक और सर्किट बना अयोध्या धाम और गोरखपुर का, अयोध्या धाम में प्रतिदिन इस दौरान 7 लाख से लेकर 12 लाख श्रद्धालु प्रतिदिन आ रहे थे और गोरखपुर में पहली जनवरी से लेकर कल तक प्रतिदिन 2 लाख से ढाई लाख श्रद्धालु जुटते थे.
तीसरा सर्किट बना प्रयागराज से ऋंग्वेरपुर होते हुए लखनऊ और नैमिषारण्य का, जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा. वहीं प्रयागराज से राजापुर और चित्रकूट का भी एक सर्किट बना तो पांचवां सर्किट प्रयागराज से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे होते हुए मथुरा, वृंदावन और शुकतीर्थ का रहा, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे.
विपक्षियों ने दुष्प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ पर टिप्पणी करने वाले विपक्षी राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा. योगी ने कहा कि आस्था का इतना विशाल समागम दुनिया के अंदर कभी नहीं हुआ.66 करोड़ 30 लाख श्रद्धालु किसी आयोजन का हिस्सा बने और कोई अपहरण की घटना नहीं, कोई लूट की घटना नहीं, कोई छेड़छाड़, कोई दुष्कर्म की घटना नहीं, कोई भी ऐसी घटना नहीं जिसके बारे में कोई सवाल उठा सके. दूरबीन लगाकर, माइक्रोस्कोप लगाकर भी ऐसी घटना को ढूंढा नहीं जा सकता. हालांकि, फिर भी विरोधियों ने दुष्प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ा.
महाकुम्भ-2025, प्रयागराज की पूर्णाहुति के उपरांत आज @Uppolice एवं विभिन्न सुरक्षा बल के कार्मिकों के साथ संवाद किया एवं बड़ा भोज कार्यक्रम में सहभाग किया।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 27, 2025
हमारे सुरक्षा बल के कर्मठ कार्मिकों के सामूहिक प्रयास का ही परिणाम है कि जितनी बड़ी 'चुनौती' थी, उतनी 'ऊंची चोटी' पर… pic.twitter.com/lViSnAOiIZ
"जिनको आस्था का यह समागम अच्छा नहीं लगा, उन्होंने कोई मौका नहीं छोड़ा. मौनी अमावस्या के दिन 8 करोड़ श्रद्धालु यहां पर थे, हमारी प्राथमिकता थी कि इन श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान कर उनके गंतव्य की ओर प्रस्थान कराया जाए. लेकिन विरोधी लगातार दुष्प्रचार कर रहे थे, बदनाम कर रहे थे. उनकी भाषा अपमानित करने वाली थी.कोई काहिरा की तो कोई काठमांडू की घटना का दृश्य दिखाकर प्रयागराज को बदनाम कर रहा था. " सीएम योगी ने कहा कि पहले की सरकारों ने भारत की आस्था का सम्मान नहीं किया.
महाकुम्भ ने दिया आस्था और आर्थिकी का नया संदेश
सीएम योगी ने महाकुम्भ की वजह से अर्थव्यवस्था में आई मजबूती का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुम्भ ने आस्था और आर्थिकी का एक नया संदेश दिया. "भगवान वेद व्यास ने 5000 साल पहले ही कहा था कि मैं बाहें उठा करके चिल्ला चिल्ला कर कह रहा हूं कि धर्म के मार्ग पर चलो, धर्म से ही अर्थ और कामनाओं की पूर्ति हो सकती है. प्रयागराजवासियों ने भगवान वेदव्यास की इस वाणी को सत्य साबित कर दिया. लाखों रोजगार मिले, उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था एक नया आयाम छूने के लिए उतावली दिखाई दे रही है."
उन्होंने कहा कि आज आस्था के साथ नई अर्थव्यवस्था का जो आधार बना है वह अद्भुत है. दुनिया यहां आने के लिए भौचक्की और लालायित है. यहां केवल भारत ही नहीं दुनिया के अंदर एक दर्जन देशों के मंत्री या राष्ट्राध्यक्ष भी इस आयोजन का हिस्सा बने और 74 देशों के एंबेसडर और हाई कमिश्नर भी यहां आए. यानी पहली बार 80 से अधिक देशों के लोग इस आयोजन में भागीदार बने. जो आया वह अभिभूत होकर गया.
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