- लखनऊ में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति को मौत के घाट उतारा
- सोते समय चाकू से की हत्या, शव ई-रिक्शा से नहर में फेंका
- 180 CCTV कैमरों की मदद से पुलिस ने सुलझाया ब्लाइंड मर्डर केस
लखनऊ के मोहनलालगंज में रामकिशोर वाल्मीकि हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक की पत्नी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को संरक्षण में लिया गया है. पुलिस के मुताबिक, पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर रामकिशोर की हत्या की साजिश रची थी. हत्या के बाद शव को लकड़ी के बाक्स में छिपाया गया और फिर ई-रिक्शा में लादकर नहर के नीचे फेंक दिया गया.
पुलिस ने चाकू और ई-रिक्शा बरामद किया
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल चाकू और वारदात में प्रयुक्त ई-रिक्शा बरामद किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. इकबाल उर्फ वसीर अहमद, मुन्ना उर्फ मुच्छड़ और सूफिया बानो के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, 17 सितंबर को रामकिशोर की पहली पत्नी कविता देवी की ओर से मोहनलालगंज थाने में तहरीर दी गई थी. इसमें सूफिया बानो और अन्य लोगों पर रामकिशोर की हत्या कर शव छिपाने का आरोप लगाया गया था. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.

पुलिस द्वारा पकड़ा गया ई-रिक्शा
चार साल से प्रेम संबंध, दो साल पहले किया था निकाह
पुलिस पूछताछ में सूफिया बानो ने बताया कि उसके रामकिशोर से करीब चार साल से प्रेम संबंध थे और करीब दो साल पहले दोनों ने निकाह कर लिया था. इसके बाद रामकिशोर उसके साथ रहने लगा. इसी दौरान रामकिशोर को सूफिया के मुन्ना उर्फ मुच्छड़ से संबंधों की जानकारी हो गई. इसे लेकर दोनों के बीच विवाद होने लगा. पुलिस के अनुसार, रामकिशोर अपनी पहली पत्नी के पास भी आने-जाने लगा था और उसे खर्च देता था. इसी बात को लेकर सूफिया और रामकिशोर के बीच आए दिन विवाद होता था. इसके बाद सूफिया ने अपने प्रेमी मुन्ना और उसके साथी इकबाल के साथ मिलकर रामकिशोर को रास्ते से हटाने की साजिश रची.
सोते समय चाकू से हमला कर हत्या
पुलिस के मुताबिक, 14/15 सितंबर की रात सूफिया ने मुन्ना और इकबाल को अपने घर बुलाया. उसने घर का दरवाजा खोलकर रखा था. दोनों अंदर पहुंचे और सो रहे रामकिशोर पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. हत्या के बाद आरोपियों ने फर्श पर लिपाई कर खून के निशान मिटाने की कोशिश की. शव को लकड़ी के बाक्स में रखकर बिस्तर के नीचे छिपा दिया गया. हत्या में इस्तेमाल चाकू को कपड़ों के नीचे छिपाया गया, जबकि खून से सनी झाड़ू और रामकिशोर के कपड़े भी कमरे में छिपा दिए गए.
ई-रिक्शा से शव को नहर के नीचे फेंका
पुलिस के अनुसार, 15/16 सितंबर की रात सूफिया, मुन्ना, इकबाल और एक नाबालिग ने शव को ई-रिक्शा लोडर UP 32 ST 9940 में रखा. इसके बाद शव को कनकहा के पास भावाखेड़ा नहर पुलिया के नीचे फेंक दिया गया. आरोपियों का मकसद शव की पहचान छिपाना और पुलिस से बचना था.
180 के करीब CCTV फुटेज खंगाले
हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस ने चार टीमें लगाई थीं. जांच के दौरान घटना में इस्तेमाल ई-रिक्शा के रूट को ट्रेस किया गया और रास्ते में लगे करीब 170 से 180 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई. तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के साथ स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से पुलिस ने ई-रिक्शा की पहचान की और इसके बाद आरोपियों तक पहुंच गई.
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया है. मामले में आगे की कार्रवाई जारी है.
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