स्टील पाइप्स और प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी जिंदल सुप्रीम (इंडिया) लिमिटेड के आईपीओ पर निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया है. 18 सितंबर को बोली लगाने का आखिरी दिन था और शाम होते-होते यह इश्यू 181.07 गुना भरकर बंद हुआ. एनएससी (NSE) के डेटा पर नजर डालें तो कंपनी ने केवल 93.99 लाख शेयर मार्केट में उतारे थे, लेकिन इसके बदले करीब 170 करोड़ शेयरों के लिए एप्लीकेशन आ गईं.
किसने कितनी लगाई बोली?
इस आईपीओ में हर कैटेगरी के इन्वेस्टर्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. नॉन-इन्स्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) ने सबसे ज्यादा तेजी दिखाई और उनका कोटा 327.99 गुना भर गया. रिटेल निवेशकों के लिए रखे गए हिस्से को 149.34 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. वहीं, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा भी 126.41 गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ.
33% लिस्टिंग गेन का अनुमान
अनऑफिशियल मार्केट में कंपनी के शेयरों को लेकर जबरदस्त तेजी बनी हुई है. 19 सितंबर को ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम (GMP) 31 रुपये प्रति शेयर तक पहुंच गया है. IPO के ऊपरी प्राइस बैंड 93 रुपये के आधार पर देखें तो यह करीब 33.33 फीसदी के लिस्टिंग गेन का इशारा कर रहा है. अगर यही ट्रेंड बना रहता है, तो इसके शेयर बाजार में लगभग 124 रुपये के आसपास लिस्ट हो सकते हैं.
रिटेल निवेशकों के लिए इसमें न्यूनतम लॉट साइज 161 शेयरों का रखा गया था, जिसके लिए 14,973 रुपये का निवेश जरूरी था.
कब होगा अलॉटमेंट और लिस्टिंग
जिंदल सुप्रीम का यह पूरा इश्यू 124.88 करोड़ रुपये का है. इसमें 99.89 करोड़ रुपये मूल्य के 1.07 करोड़ फ्रेश शेयर शामिल हैं. साथ ही प्रोमोटर ग्रुप संस्था वीवीजे एंटरप्राइज की तरफ से 24.99 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) रखा गया है. शेयरों का अलॉटमेंट 21 सितंबर 2026 को फाइनल होगा. इसके बाद 23 सितंबर को शेयर बीएसई और एनएसई पर ट्रेड करने के लिए लिस्ट हो जाएंगे. इस इश्यू के बुक-रनिंग लीड मैनेजर सारथी कैपिटल एडवाइजर्स हैं, जबकि बिगशेयर सर्विसेज इसके रजिस्ट्रार हैं.
कंपनी ने साफ किया है कि IPO से जुटने वाले फ्रेश फंड में से करीब 71 करोड़ रुपये का इस्तेमाल पुराना कर्ज चुकाने में किया जाएगा. बाकी बची रकम को कंपनी कामकाज के सामान्य खर्चों और कॉरपोरेट जरूरतों में लगाएगी.
कैसा है कंपनी का बिजनेस और कमाई?
साल 1974 से काम कर रही यह कंपनी एमएस ब्लैक पाइप्स, गैल्वेनाइज्ड पाइप्स, मेटल बीम क्रैश बैरियर और जीआई ट्यूबलर पोल्स का निर्माण करती है. इनका इस्तेमाल हाईवे, वाटर सप्लाई, कंस्ट्रक्शन और ऑयल एंड गैस सेक्टर में होता है. वित्तीय नतीजे की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की कुल आय बढ़कर 675.94 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो इससे पिछले साल 604.74 करोड़ रुपये थी. हालांकि इस दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 24.27 करोड़ रुपये से मामूली घटकर 22.53 करोड़ रुपये रहा है.
ये भी पढ़ें- टाटा संस बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन को फिर से चेयरमैन नियुक्त किया, 5 साल बढ़ा कार्यकाल, IPO लाने पर भी बड़ा फैसला
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं