Uttar Pradesh High Court: लखनऊ में अलग-अलग चौराहे पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम को देखते हुए लखनऊ हाई कोर्ट ने सख्ती की है. हाइ कोर्ट ने अधिकारियों को 2 हफ्ते का समय देकर समस्या का स्थाई हल निकालने को कहा है. कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई की. वहीं कोर्ट में पेश हुए अफसरों को निर्देश दिया कि वो राजधानी में ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थाई समाधान निकालें.
HC को नहीं पसंद आया ट्रैफिक का प्लान, जल्द दुरुस्त के दिए आदेश
ट्रैफिक जाम की समस्या के संबंध में दिए गए पहले के आदेश के तहत ही DCP ट्रैफिक, DCP ईस्ट और लखनऊ नगर निगम के एक राजपत्रित अधिकारी शुक्रवार को लखनऊ HC खंडपीठ के समक्ष पेश हुए. इन अफसरों ने ट्रैफिक जाम को दूर करने के लिए हाल में किए गए उपायों की जानकारी भी न्यायालय को दी, जिससे HC संतुष्ट नहीं हुआ और अधिक प्रभावी तथा स्थाई उपाय करने का निर्देश भी दिया. उधर, राज्य सरकार की तरफ से पेश हुए मुख्य स्थाई एडवोकेट शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अदालत ने 2 हफ्ते में कारवाई रिपोर्ट मांगी है. इसके बाद ही मामले की अगली सुनवाई होगी.
लखनऊ के ट्रैफिक पर कोर्ट की टिप्पणी
न्यायालय ने इस मुद्दे पर कहा कि पिछले कई सालों से, लखनऊ में पॉलिटेक्निक से लेकर किसान पथ तक के सड़क मार्ग पर यातायात जाम और अन्य संबंधित समस्याएं आम जनता के लिए हमेशा भारी परेशानी का कारण बन रही हैं. इस तथ्य के बावजूद कि कई जनहित याचिकाओं के माध्यम से यह मामला न्यायालय के संज्ञान में लाया गया है, अभी तक संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई बेहतर समाधान नहीं निकाला गया है. लखनऊ हाई कोर्ट ने इस जनहित याचिका को एक अन्य समान मामले के साथ जोड़ने और अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का भी निर्देश दिया था.
पेशी से पहले फील्ड पर होकर आए
मामले में लखनऊ हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि उपस्थित होने से पूर्व, उपर्युक्त अधिकारी, याचिका और इसमें उल्लिखित संपूर्ण मार्ग/क्षेत्र( पॉलिटेक्निक से लेकर किसान पथ तक के सड़क मार्ग) का निरीक्षण करेंगे, ताकि असल समस्या का पता लगाया जा सके और उसके समाधान क्या हैं? यह भी निर्धारित किया जा सके और फिर यदि कोई समाधान उपलब हो तो फिर न्यायालय को सुझाया जा सके.
ट्रैफिक को लेकर डीजीपी कर चुके है पीसी
राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक की समस्या कोई नई-नई है जैसे-जैसे समय बदलता गया यह समस्याएं जड़ पकड़ चुकी हैं हाई कोर्ट का इलाका भी जाम से अछूता नहीं है कई बार हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं और न्यायमूर्ति को भी इस भीषण जाम का सामना करना पड़ा है. बीते कुछ दिन पहले लखनऊ में ट्रैफिक की समस्या को सुधारने के लिए उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्णा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मीडिया के सामने यह बात रखी थी जिसके बाद से लखनऊ पुलिस और लखनऊ की ट्रैफिक पुलिस लगातार ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अभियान चला रही है इस दौरान लखनऊ पुलिस ने कई ऐसी जगह पर पहले की गई बैरिकेडिंग को खोल दिया है जिसकी वजह से चौराहों पर जाम लगते थे हालांकि यह बैरिकेडिंग एग्जाम को नियंत्रित करने के लिए पहले लगाए गए थे.
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