- लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत
- मृतकों में कानपुर के दो दोस्त भी शामिल
- संयम और सूरजभान बिल्डिंग में डिजाइनिंग का करते थे काम
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में 15 लोगों की जान चली गई. मृतकों में कानपुर के दो दोस्त गोविंदनगर के स्व. पुष्पराज का बेटा संयम (28) और दूसरा बर्ग 7 के रहने वाले शिवराम का बेटा सूरजभान (22) शामिल हैं. बेटों की मौत की खबर जब घर पहुंची तो कोहराम मच गया. परिजनों ने बताया कि सूरजभान और संयम दोनों लखनऊ में डिजाइनिंग का काम करते थे. परिवार को ढांढस बंधाने के लिए रिश्तेदारों संग इलाके के लोग जमा हो गए.
संयम के मामा मोनू सेठी ने बताया कि दोनों दोस्त उसी बिल्डिंग में डी डिजाइनिंग का काम करते थे. संयम 10 दिन पहले ही दादी का निधन हो जाने पर घर आया था, उसके बाद अंतिम संस्कार के बाद वह वापस काम पर चला गया था. भाई की मौत से शुभम और भाभी पलक के साथ मां सोनिया का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, सूरजभान की मौत की जानकारी परिजनों ने मां मीरा को उस समय नहीं बताया गया था.

पाइप और तारों के सहारे नीचे कूदे लोग
लखनऊ के अलीगंज इलाके में बिल्डिंग में लगी आग में 15 बच्चों की जान चली गई. आवासीय इमारत को व्यावसायिक कामों में इस्तेमाल कर यहां गेमिंग जोन, पेट शॉप और दूसरी दुकानें चलाई जा रही थीं. आग की लपटों में पूरी तरह घिर चुकी इमारत से कुछ बच्चे बिल्डिंग के किनारे पाइपलाइन और लटके तारों के सहारे नीचे कूदे.

रेलिंग पर गिरा युवक, मौत
एक युवक ने आग में घिरी बिल्डिंग की खिड़की तोड़कर नीचे छलांग लगा दी, लेकिन वो सीधे नीचे नुकीली रेलिंग पर गिरा. रेलिंग सीधे पेट में घुसी और ज्यादा खून बहने से उसकी जान चली गई. इमारत से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता था. उसके तीनों ओर दूसरी इमारतें बनी हुई थीं. आग बिल्डिंग के आगे के हिस्से में लगी थी. ऐसे में दहशतजदा बच्चे पीछे की ओर चले गए, लेकिन धीरे-धीरे आग और धुआं पीछे के हिस्से तक पहुंच गया. ज्यादातर बच्चों की दम घुटने से मौत हुई.
सीएम योगी के निर्देश पर SIT गठित, 7 दिन में मांगी गई रिपोर्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ अग्निकांड प्रकरण पर देर रात उच्च स्तरीय बैठक की। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया। इस विशेष जांच दल में धर्मार्थ कार्य, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने जांच दल को सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
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