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नेपाल को कम से कम 3 साल तक नहीं मिलेगी भारत की चीनी? PM बालेन शाह को परेशान करेगी यह रिपोर्ट

नेपाल चीनी की अपनी कुल मांग का लगभग 2/3 चीनी आयात करता है. अगर भारत अगले 3 साल तक चीनी निर्यात नहीं करता है तो नेपाल सरकार के लिए स्थिति हद से अधिक गंभीर हो सकती है.

नेपाल को कम से कम 3 साल तक नहीं मिलेगी भारत की चीनी? PM बालेन शाह को परेशान करेगी यह रिपोर्ट
India Sugar Export Ban: भारत के चीनी निर्यात पर बैन का असर नेपाल में (फोटो- NDTV)

भारत से चीनी निर्यात पर बैन लगने की मार झेलते पड़ोसी देश नेपाल की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है. एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जो नेपाल सरकार और पीएम बालेन शाह को और परेशान करेगी. कभी दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी निर्यातक भारत, अब आने वाले कम से कम तीन साल तक निर्यात के लिए बहुत कम अतिरिक्त चीनी बचा पाएगा. ऐसे में दूसरे आयातक देशों की तरह नेपाल को शायद भारत से चीनी नहीं मिले. वैसे भारत ने पहले ही आधिकारिक रूप से 30 सितंबर 2026 तक चीनी निर्यात पर रोक लगाई है. 

रिपोर्ट में क्या लिखा है?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत आने वाले कम से कम तीन साल (सीजन) तक निर्यात के लिए बहुत कम चीनी बचा पाएगा. इसकी बड़ी वजह यह है कि एल नीनो मौसम गन्ने के उत्पादन को प्रभावित कर सकता है, जबकि दूसरी तरफ एथेनॉल की बढ़ती मांग चीनी की उपलब्धता को और कम कर रही है. रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों कारणों से दुनिया के बाजार में लाखों टन चीनी कम पहुंच सकती है. इससे एशिया, अफ्रीका और मिडिल ईस्ट के वे देश प्रभावित होंगे जो चीनी आयात करते हैं. साथ ही यूके और अमेरिका में चीनी की अंतरराष्ट्रीय कीमतें ऊंची रह सकती हैं.

इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर भारत लंबे समय तक चीनी निर्यात के बाजार से दूर रहता है, तो दुनिया एक ऐसे बड़े सप्लायर को खो देगी जो मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने में अहम भूमिका निभाता था. मौसम से जुड़े खतरे और जैव-ईंधन (बायोफ्यूल) नीतियों में बदलाव पहले ही वैश्विक चीनी व्यापार को बदल रहे हैं, और भारत की अनुपस्थिति इस बदलाव को और बड़ा बना सकती है. 

नेपाल में पहले ही बढ़ने लगा है दाम

भारत सरकार की तरफ से चीनी की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए पहले ही 30 सितंबर 2026 तक चीनी निर्यात पर रोक लगाई गई है. 

काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार नेपाल में हर साल लगभग 1,55,000 टन चीनी का उत्पादन होता था लेकिन चीनी मिलों से पेमेंट में देरी के कारण किसानों ने गन्ने की खेती छोड़ दी. इससे उत्पादन घटकर लगभग 1,20,000 टन रह गया है. वहीं नेपाल में चीनी की सालाना मांग लगभग 3,00,000 टन है. यानी कुल मांग का लगभग 2/3 चीनी उसे आयात करना पड़ता है.

भारत के चीनी बैन के एक महीने के भीतर ही नेपाल में चीनी की कीमतें लगभग 15 नेपाली रुपए तक बढ़ गई हैं. लगभग एक महीने पहले नेपाल में जो चीनी लगभग 95 नेपाली रुपये प्रति किलो बिक रही थी, वह अब देश की ज्यादातर खुदरा दुकानों में 110 नेपाली रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रही है. 

यह भी पढ़ें: भारत ने रोकी चीनी तो नेपाल का बिगड़ा स्वाद, एक महीने में कीमत 15 रुपए बढ़ी

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Ashutosh Kumar Singh
Chief Sub Editor
आशुतोष कुमार सिंह NDTV इंडिया के साथ बतौर चीफ सब-एडिटर काम करते हैं. इससे पहले द क्विंट के साथ असिस्टेंट एडिटर के रूप में काम कर चुके हैं. देहाती यादो... और पढ़ें
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