उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई. मुख्यमंत्री आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया. इसमें अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) अमृत अभिजात और एडीजी, लखनऊ जोन, प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है. एसआईटी को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. आइए जानते हैं कौन हैं ये दोनों अधिकारी?
कौन हैं अमृत अभिजात?
कौन हैं प्रवीण कुमार?
प्रवीण कुमार 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. प्रवीण कुमार का जन्म 26 जून 1972 को हुआ है. पिता का नाम शिव कुमार त्रिपाठी है. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के रहने वाले प्रवीण कुमार वर्तमान में लखनऊ में अपर पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं. प्रवीण कुमार ने इंजीनियरिंग बीई ऑनर्स, एलएलबी और एलएलएम की पढ़ाई की है.प्रवीण कुमार का नाम यूपी के तेज तर्रार पुलिस अधिकारियों में शामिल है.

सीएम योगी ने सभी कार्यक्रम किए रद्द
बता दें कि इस अग्निकांड में 15 लोगों की मौत हो गई है. घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस और आगरा के प्रस्तावित दौरे समेत मंगलवार के अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी शोक व्यक्त करते हुए मंगलवार के अपने संगठनात्मक कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अलीगंज अग्निकांड की जांच के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की छह सदस्यीय टीम मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे घटनास्थल पर पहुंची. टीम का नेतृत्व निदेशक आदर्श कुमार कर रहे हैं. विशेष जांच दल (एसआईटी) भी जल्द ही मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर सकता है.
यह भी पढ़ें- लखनऊ अग्निकांड: अगर 10 साल पहले गिरा दी जाती इमारत, तो बच जाती 15 मासूम बच्चों की जान!
स्थानीय लोगों ने लगाए ये आरोप
हादसे के एक दिन बाद मंगलवार को अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित उषा मेहता मार्ग पर मौजूद जली हुई इमारत के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई. पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर आवाजाही पर रोक लगा दी. इस बीच, रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई. स्थानीय निवासी हेमंत श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘यह एक टाइम बम की तरह है. नियमों की अनदेखी कर रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिसके परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं।'' कई लोगों ने आसपास की इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया।
यह भी पढ़ें- बायोमेट्रिक लॉक, एक ही एंट्री गेट... क्यों आग में 'मौत का कुआं' बनी लखनऊ की इमारत, 5 बड़ी वजहें
मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा
आग लगने की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अलीगढ़ में अपना कार्यक्रम बीच में छोड़कर लखनऊ लौट आए थे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
यह भी पढ़ें- लखनऊ अग्निकांड में जिंदा जले दो जिगरी दोस्त, दादी की 13वीं पर घर पहुंचा संयम का शव, बिलख पड़ा परिवार
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं