काश... लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया इलाके के जिस निजी कोचिंग सेंटर में आग लगी है, उसमें एडमिशन लेने से पहले बच्चों और उनके अभिभावकों ने कोचिंग सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया होता. अगर इस छोटी सी चीज को दिमाग में रखा गया होता, तो कई बच्चों की जान बच सकती थी. लखनऊ कोचिंग अग्निकांड ने एक बार फिर से कोचिंग सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था पर कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं. बच्चे अपना उज्जवल भविष्य का सपना लेकर कोचिंग सेंटर में दाखिला लेते हैं. दाखिला लेते हुए अधिकतर बच्चे और अभिभावक केवल कोचिंग सेंटर के पुराने रिजल्ट, फैकल्टी और फीस पर ध्यान देते हैं. इन सब के बीच एक जरूरी चीज नजरअंदाज कर देते हैं. जो सुरक्षा व्यवस्था है.

किसी भी कोचिंग सेंटर में दाखिला लेने से पहले नीचे बताई गई 6 बातों का ध्यान जरूर रखें. अच्छे से सुरक्षा व्यवस्था जांचने के बाद ही दाखिला लें. आइए जानते हैं वो कौन सी 6 जरूरी चीजें हैं, जिनकी जांच करना बेहद जरूरी है.
1.फायर सेफ्टी के इंतजाम
कई कोचिंग सेंटर में फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म और आपातकालीन सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं होते हैं. ऐसे कोचिंग सेंटर खतरनाक साबित हो सकते हैं. ये उपकरण बेहद ही जरूरी होते हैं. इसलिए कोचिंग सेंटर के चुनाव से पहले ये जरूर चेक करें कि वहां पर फायर एक्सटिंग्विशर और फायर अलार्म जैसी सुविधा है कि नहीं. अगर है तो वो क्या सही से काम करते हैं कि नहीं. क्योंकि कई जगहों पर ये उपकरण खराब होते हैं. ऐसे में इनका होना या न होना एक ही बात है.
2. इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था
किसी भी भवन में आपातकालीन निकास होना बेहद जरूरी है. इमारत में एक ही रास्ता होना सुरक्षा के हिसाब से खतरनाक साबित हो सकता है. दुर्घटना की स्थिति में केवल एक ही रास्ता होना, जोखिम को ओर बढ़ देता है.
3. इमारत बनाने की मंजूरी और वैधता
कोचिंग संस्थान जिस भवन में संचालित हो रहा है, उसे स्थानीय प्रशासन से अनुमित मिली है कि नहीं? गलत तरह से इमारत का निर्माण तो नहीं किया गया है? ये सब चीजें भी जरूर चेक कर लें. सब कुछ सही होने पर ही दाखिले की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं.
4. भीड़भाड़ की स्थिति
एक बैच में कितने छात्रों को पढ़ाया जाता है, ये भी चेक कर लें. कई बार अधिक पैसे कमाने के लालच में क्लासरूम में क्षमता से अधिक छात्रों को बैठ दिया जाता है. क्षमता से अधिक भीड़ किसी भी आपदा का कारण बन सकती है.
5. बिजली और वायरिंग की स्थिति
आग लगने से जुड़े अधिकतर हादसे शॉर्ट सर्किट के कारण ही होते हैं. इसलिए इमारत में बिजली की वायरिंग और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की स्थिति कैसी है, ये भी जरूर जांच लें.
6. सुरक्षा ड्रिल और स्टाफ की तैयारी
कोचिंग में सुरक्षा ड्रिल कितने समय पर की जाती है? क्या स्टाफ को आपात स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग दी गई है? इन सब चीजों को भी नजरअंदाज न करें. दाखिले के समय इनके बारे में जरूर पता कर लें. इसके अलावा सीसीटीवी और निगरानी व्यवस्था कैसी है इसको भी ध्यान में रखें.
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