IPS चारु निगम को लगाई विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल ने सरेआम फटकार
- घटना करीमनगर की है, कुछ लोग शराब की दुकानों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे
- भाजपा विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल ने लगाई लेडी ऑफिसर को फटकार
- बातचीत के दौरान ही महिला अधिकारी रूमाल निकालकर आंसू पोंछने लगीं
गोरखपुर:
उत्तरप्रदेश के एक ओर जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहतर सुशासन देने के लिए कड़ी मशक्क्त कर रहे हैं, वहीं दूसरे ओर उनके विधायक अपनी गलत कारनामों से चर्चा में हैं. सीएम योगी के क्षेत्र गोरखपुर में रविवार को एक घटना की फुटेज इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें भाजपा के एक विधायक को महिला आईपीएस अधिकारी को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाते देखा गया. घटना करीमनगर की है, जहां कुछ लोग शराब की दुकानों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. इसी तनाव के बीच स्थानीय भाजपा विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल मौके पर पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने उनसे शिकायत की कि पुलिस अधिकारी चारू निगम ने उन्हें जबरन हटाया है.
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चारू ने एक महिला से मारपीट की और 80 साल के एक बुजुर्ग को घसीटा. इस पर विधायक ने महिला पुलिस अधिकारी से पूछा कि उन्होंने भीड़ के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया जबकि राज्य सरकार का आदेश है कि घनी बस्तियों में शराब की दुकान नहीं चलेगी. बातचीत के दौरान ही महिला अधिकारी रूमाल निकालकर आंसू पोंछने लगीं.
इसी का विजुअल टीवी चैनलों पर वायरल हुआ. चारू निगम का आरोप है कि विधायक ने सार्वजनिक रूप से उनकी बेइज्जती की. गोरखनाथ क्षेत्र की क्षेत्राधिकारी चारू ने कहा, "विधायक ने मेरे साथ बदसलूकी की और वह यह भूल गये कि वह एक महिला पुलिस अधिकारी से बात कर रहे हैं." फुटेज में आंसू पोछते दिखाये जाने के बारे में उन्होंने कहा कि वह रोयी नहीं बल्कि जब वरिष्ठ अधिकारी ने उनका समर्थन किया तो वह भावुक हो उठी थीं. घटना के बारे में चारू निगम ने पीटीआई भाषा को फोन पर बताया कि महिला प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया गया था क्योंकि वे यातायात बाधित कर रही थीं.
उन्होंने कहा कि विधायक जब तक वहां पहुंचते, सड़क प्रदर्शनकारियों से खाली हो गई थी. संभवत: इसी से वह नाराज हो गये क्योंकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि उनके आने तक वहीं रूकें. घटना की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि यह योगी के क्षेत्र गोरखपुर में घटी और इसमें चार बार के भाजपा विधायक और महिला आईपीएस अधिकारी शामिल थे. चारू एंटी रोमियो स्क्वायड में सक्रिय आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से जाना जाता है.
अग्रवाल ने आरोप लगाया कि आईपीएस अधिकारी प्रदर्शनकारियों से ज्यादती कर रही थीं. ये प्रदर्शनकारी क्षेत्र में शराब की दुकान बंद कराने की मांग कर रहे थे. वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन महिला पुलिस अधिकारी ने उन्हें जबरन हटाया. इस दौरान उन्होंने एक महिला से मारपीट की और 80 साल के बुजुर्ग को घसीटा. इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. अग्रवाल ने इस आरोप से इनकार किया कि उन्होंने महिला अधिकारी से बदसलूकी की. उन्होंने कहा कि क्या वीडियो में उनके हाव भाव से लग रहा है कि वह महिला से बदसलूकी कर रहे हैं. "मैं क्षेत्राधिकारी (चारू) से बात नहीं कर रहा था बल्कि पुलिस अधीक्षक (नगर) से बात कर रहा था."
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चारू ने एक महिला से मारपीट की और 80 साल के एक बुजुर्ग को घसीटा. इस पर विधायक ने महिला पुलिस अधिकारी से पूछा कि उन्होंने भीड़ के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया जबकि राज्य सरकार का आदेश है कि घनी बस्तियों में शराब की दुकान नहीं चलेगी. बातचीत के दौरान ही महिला अधिकारी रूमाल निकालकर आंसू पोंछने लगीं.
इसी का विजुअल टीवी चैनलों पर वायरल हुआ. चारू निगम का आरोप है कि विधायक ने सार्वजनिक रूप से उनकी बेइज्जती की. गोरखनाथ क्षेत्र की क्षेत्राधिकारी चारू ने कहा, "विधायक ने मेरे साथ बदसलूकी की और वह यह भूल गये कि वह एक महिला पुलिस अधिकारी से बात कर रहे हैं." फुटेज में आंसू पोछते दिखाये जाने के बारे में उन्होंने कहा कि वह रोयी नहीं बल्कि जब वरिष्ठ अधिकारी ने उनका समर्थन किया तो वह भावुक हो उठी थीं. घटना के बारे में चारू निगम ने पीटीआई भाषा को फोन पर बताया कि महिला प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया गया था क्योंकि वे यातायात बाधित कर रही थीं.

उन्होंने कहा कि विधायक जब तक वहां पहुंचते, सड़क प्रदर्शनकारियों से खाली हो गई थी. संभवत: इसी से वह नाराज हो गये क्योंकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि उनके आने तक वहीं रूकें. घटना की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि यह योगी के क्षेत्र गोरखपुर में घटी और इसमें चार बार के भाजपा विधायक और महिला आईपीएस अधिकारी शामिल थे. चारू एंटी रोमियो स्क्वायड में सक्रिय आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से जाना जाता है.
अग्रवाल ने आरोप लगाया कि आईपीएस अधिकारी प्रदर्शनकारियों से ज्यादती कर रही थीं. ये प्रदर्शनकारी क्षेत्र में शराब की दुकान बंद कराने की मांग कर रहे थे. वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन महिला पुलिस अधिकारी ने उन्हें जबरन हटाया. इस दौरान उन्होंने एक महिला से मारपीट की और 80 साल के बुजुर्ग को घसीटा. इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. अग्रवाल ने इस आरोप से इनकार किया कि उन्होंने महिला अधिकारी से बदसलूकी की. उन्होंने कहा कि क्या वीडियो में उनके हाव भाव से लग रहा है कि वह महिला से बदसलूकी कर रहे हैं. "मैं क्षेत्राधिकारी (चारू) से बात नहीं कर रहा था बल्कि पुलिस अधीक्षक (नगर) से बात कर रहा था."
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