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'नीला ड्रम' वाली मुस्कान और 'सांप कांड' वाली रविता... जेल में रखेंगी करवा चौथ व्रत? जानिए क्या कहता है नियम

Karwa Chauth 2026 : मुस्कान और रविता ने चूड़ियां, बिंदी समेत श्रृंगार का सामान मांगा था, जिसे संस्था ने उपलब्ध करा दिया.

'नीला ड्रम' वाली मुस्कान और 'सांप कांड' वाली रविता... जेल में रखेंगी करवा चौथ व्रत? जानिए क्या कहता है नियम
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  • मेरठ जिला जेल में बंद मुस्कान और रविता ने करवा चौथ का व्रत नहीं रखा लेकिन श्रृंगार सामग्री मांगी थी.
  • संजीवनी महिला संस्था ने महिला बंदियों को पूजा और श्रृंगार का सामान उपलब्ध कराते हुए उनकी जरूरतों का ध्यान रखा.
  • जेल प्रशासन के अनुसार महिला बंदियां अपनी इच्छा से व्रत रख सकती हैं और पूजा तथा फलाहार की व्यवस्था होती है.

यूपी के मेरठ जिला जेल में बंद मुस्कान और रविता ने करवा चौथ का व्रत नहीं रखा है. हालांकि, उन्होंने चूड़ियां, बिंदी और अन्य श्रृंगार का सामान मांगा है. संजीवनी महिला संस्था ने अन्य महिला बंदियों के साथ मुस्कान और रविता को भी फल, मिठाई और श्रृंगार सामग्री उपलब्ध कराई है. करवा चौथ से पहले संस्था की टीम ने महिला बंदियों को पूजा और श्रृंगार का सामान वितरित किया था. इस दौरान मुस्कान और रविता ने भी अपनी जरूरत की चीजों की जानकारी दी थी.

जेल प्रशासन के अनुसार, महिला बंदियां अपनी इच्छा से करवा चौथ का व्रत रख सकती हैं. जेल मैनुअल के तहत उनके लिए पूजा और फलाहार की व्यवस्था की जाती है. वहीं, जिन मामलों में महिला और पुरुष के बीच पति-पत्नी का संबंध नहीं होता, उनमें मुलाकात की अनुमति नहीं दी जाती. संजीवनी महिला संस्था की निशी जैन अपनी टीम के साथ जिला जेल पहुंचीं और महिला बंदियों को पूजा के लिए मिट्टी के करवे औऱ श्रृंगार का सामान वितरित किया. इस दौरान बंदियों से उनकी जरूरतों के बारे में भी जानकारी ली गई.

'मुस्कान और रविता ने श्रृंगार का सामान मांगा था'

निशी जैन ने बताया कि मुस्कान और रविता ने चूड़ियां, बिंदी समेत श्रृंगार का सामान मांगा था, जिसे संस्था ने उपलब्ध करा दिया. उन्होंने बताया कि संजीवनी महिला संस्था लंबे समय से महिला जेल में सामाजिक कार्य कर रही है. संस्था महिला बंदियों को वोकेशनल ट्रेनिंग देती है और उनके बच्चों की शिक्षा और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी काम करती है.

करवा चौथ से पहले संस्था हर वर्ष महिला बंदियों को पूजा और श्रृंगार का सामान उपलब्ध कराती है, ताकि वे अपनी इच्छा के अनुसार त्योहार मना सकें. वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जेल में बंद महिलाएं चाहें तो करवा चौथ का व्रत रख सकती हैं. जेल मैनुअल के अनुसार उनके लिए फलाहार और पूजा की व्यवस्था की जाती है. उन्होंने बताया कि अगर पति-पत्नी दोनों जेल में बंद हैं और करवा चौथ पर पूजा करना चाहते हैं, तो नियमानुसार उनकी मुलाकात कराई जाती है.

उन्होंने कहा कि जिन महिला बंदियों के पति बाहर हैं, उनके जेल मिलने आने पर दोपहर में मुलाकात की व्यवस्था की जाती है. इसी तरह, यदि पुरुष बंदियों की पत्नियां जेल आकर पूजा करना चाहें तो उन्हें भी नियमानुसार मुलाकात की अनुमति दी जाती है.

पति की फोटो या निशानी रखकर भी करती हैं पूजा

जेल अधीक्षक के अनुसार, कुछ महिला बंदियों के पति दूसरे शहरों में रहते हैं. ऐसी महिलाएं पति की फोटो या उनकी किसी निशानी को सामने रखकर भी पूजा करती हैं. जेल में व्रत और पूजा की सभी व्यवस्थाएं नियमों के अनुसार की जाती हैं और बंदियां अपनी इच्छा के अनुसार व्रत रख सकती हैं.

उन्होंने स्पष्ट किया कि साहिल-मुस्कान और रविता-अमरदीप जैसे मामलों में यदि संबंधित महिला और पुरुष के बीच पति-पत्नी का संबंध नहीं है, तो उनकी मुलाकात नहीं कराई जा सकती. जेल अधीक्षक ने बताया कि करवा चौथ के मौके पर जेल में बंद 65 महिलाओं में से 37 महिलाओं ने व्रत रखा है. जिन महिलाओं के पति मुलाकात के लिए आए, उनकी नियमानुसार मुलाकात कराई गई. वहीं, जिनके पति भी जेल में बंद हैं, उन्हें भी नियमों के तहत मिलने की अनुमति दी गई. उन्होंने बताया कि मुस्कान और रविता ने करवा चौथ का व्रत नहीं रखा है. हालांकि, उन्होंने अहोई अष्टमी का व्रत रखने की इच्छा जताई है.\

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