उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित कल्याणपुर थाना क्षेत्र से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहाँ कल्याणपुर थाने में तैनात एक सिपाही पर छात्रा से छेड़खानी करने और कई दिनों से उसका लगातार पीछा करने का गंभीर आरोप लगा है. घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी सिपाही को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है.
पीड़िता के परिजनों का आरोप और मंदिर के पास से भाग निकला सिपाही
पीड़ित किशोरी के परिजनों के मुताबिक आरोपी सिपाही पिछले कई दिनों से छात्रा का पीछा कर रहा था. आरोप है कि वह छात्रा के आने-जाने के रास्ते में खड़ा रहता था और उसे लगातार परेशान कर रहा था. शुक्रवार को आरोपी ने कथित तौर पर छात्रा का हाथ पकड़ लिया, जिससे घबराकर छात्रा ने तुरंत इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी.
परिजनों का आरोप है कि छात्रा के पिता ने आरोपी का पीछा किया, लेकिन वह नित्येश्वर धाम मंदिर के पास से भाग निकला. इस दौरान आरोपी के भागने का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बता दें कि आरोपी पुलिसकर्मी सुरेंद्र मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला है. वह उत्तर प्रदेश कांस्टेबल भर्ती 2025 का सिपाही है.
पुलिस ने आरोपी सिपाही को लिया हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपी की पहचान कल्याणपुर थाने में तैनात सिपाही के रूप में हुई. इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.
इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और स्थानीय लोग पूरे मामले में निष्पक्ष व कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं.

कल्याणपुर के सहायक पुलिस आयुक्त दिलीप कुमार सिंह
निष्पक्ष जांच के लिए सिपाही लाइन हाजिर: सहायक पुलिस आयुक्त
कल्याणपुर के सहायक पुलिस आयुक्त दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि थाना कल्याणपुर में एक व्यक्ति द्वारा प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की गई थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति उनके बच्चों का पीछा करता है. शिकायत के आधार पर स्थानीय पुलिस ने तत्काल जांच की, जिसमें एक रिक्रूट कांस्टेबल का नाम प्रकाश में आया, जो उसी मोहल्ले में किराए पर रहकर पैदल ड्यूटी आता-जाता है.
प्रकरण की निष्पक्ष जांच हेतु क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है. जांच में यदि कोई आपत्तिजनक तथ्य प्रकाश में आता है तो नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी. जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए संबंधित रिक्रूट कांस्टेबल को अग्रिम आदेश तक लाइन हाजिर किया जा रहा है.
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