नोएडा में मजदूरों के आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव को देखते हुए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बड़ा फैसला लिया है. गौतमबुद्ध नगर के इन औद्योगिक सेक्टरों में सुरक्षा के लिए अलग पुलिस सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया गया है. औद्योगिक क्षेत्रों से मजदूरों के अचानक सड़क पर आने और दिल्ली-नोएडा समेत प्रमुख रास्तों को जाम कर देने से अजीबोगरीब हालात पैदा हो गए थे. इस कारण अब पुलिसिंग में बदलाव का बड़ा निर्णय हुआ है. गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने श्रमिक आंदोलन के बाद इंडस्ट्रियल सेक्टरों के लिए अलग पुलिस व्यवस्था लागू की है. DCP (इंडस्ट्रीज) का नया पद बनाया गया है. DCP के साथ ACP, 3 इंस्पेक्टर और 25 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे. इसमें 15 हजार से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों पर नजर रखी जाएगी.
4 लाख श्रमिकों से संवाद की जिम्मेदारी
नए पुलिसिंग सिस्टम के तहत करीब 4 लाख श्रमिकों से सीधा समन्वय और संवाद स्थापित किया जाएगा. दरअसल, आंदोलन के दौरान यह देखा गया कि श्रमिकों की कई मांगें लंबी समय से चली आ रही थीं, लेकिन उन पर समय रहते कार्रवाई होती तो शायद आंदोलन ऐसा स्वरूप नहीं लेता. तमाम मजदूरों का कहना है कि इंडस्ट्री में उनके उत्पीड़न की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाता.
शिकायतों की मॉनीटरिंग और निपटारे पर जोर
नोएडा की 15 हजार से ज्यादा इंडस्ट्री में मजदूरों की रोजमर्रा से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों का तुरंत संज्ञान लिया जाएगा. शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर रहेगा. श्रमिक संगठनों और कंपनियों से लगातार संवाद रखा जाएगा, ताकि किसी प्रकार का कोई असंतोष न रहे. कानून व्यवस्था और श्रम कानूनों के पालन पर खास फोकस रखा जाएगा.
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पुलिस जोन में बेहतर समन्वय
सभी जोनों की पुलिस से बेहतर समन्वय की व्यवस्था की जाएगी. इंडस्ट्रीज पुलिस सेल तत्काल प्रभाव से लागू की गई है. तीन दिन में स्थायी प्रस्ताव डीजीपी और गृह विभाग को भेजा जाएगा. इसकी विस्तृत SOP जल्द जारी होगी. किसी इंडस्ट्रियल सेक्टर में खास समस्या को उसे साझा किया जाएगा ताकि कहीं और भी वैसा परेशानी न फैले.
नोएडा, ग्रेटर नोएडा में इंडस्ट्रियल पुलिसिंग
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के औद्योगिक इलाकों में विशेष पुलिस सिस्टम देश और दुनिया के बड़े इंडस्ट्रियल इलाकों की तरह ही है. बेंगलुरु, हैदराबाद जैसे तमाम शहरों में ऐसी पुलिसिंग अच्छा असर दिखा रही है. नोएडा, ग्रेटर नोएडा में जिस तरह से मैन्युफैक्चरिंग हब तैयार हो रहा है, उसको देखते हुए औद्योगिक मामलों को सीधे देखने के लिए एक विशेष पुलिस सेल समय की जरूरत है. इसे आगे विस्तार भी दिया जा सकता है.
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DCP इंडस्ट्रीज को जिम्मेदारी
नोएडा में नई पुलिस व्यवस्था के तहत DCP (इंडस्ट्रीज) का नया पद बनाया गया है. डीसीपी और एक एसीपी के साथ तीन पुलिस इंस्पेक्टर और लगभग 25 पुलिसकर्मियों की नियुक्ति रहेगी. औद्योगिक सेक्टर से जुड़े मुद्दों पर ही ये नजर रखेगी. 15 हजार से ज्यादा इकाइयों पर सीधी निगरानी रखी जाएगी. करीब 2 लाख कंपनियों और लगभग 4 लाख श्रमिकों से पुलिस का सीधा समन्वय रहेगा.
कानून व्यवस्था और श्रम कानूनों पर फोकस
इंडस्ट्रीज पुलिस सेल कानून व्यवस्था के साथ‑साथ श्रम कानूनों के अनुपालन पर फोकस करेगी. कंपनियों और श्रमिकों और यूनियनों के साथ गतिरोध के मुद्दों पर त्वरित निपटारे का तंत्र सक्रिय रहेगा. सभी पुलिस जोन के बीच बेहतर तालमेल रहेगा. बड़ी घटना या विवाद का अलर्ट पहले ही आला पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में लिया जाएगा.
गाइडलाइन जारी होगी
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने इंडस्ट्रीज पुलिस सेल को तत्काल प्रभाव से जिम्मेदारी दी है. तीन दिनों में इसका स्थायी प्रस्ताव पुलिस महानिदेशक को भेजा जाएगा. साथ ही ये इंडस्ट्रीज पुलिस कैसे काम करेगी, इसकी गाइडलाइन भी जारी होगी.
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