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नोएडा मजदूर आंदोलन के बाद श्रम विभाग का एक्शन, 43 ठेकेदारों को नोटिस, 10 का लाइसेंस रद्द

नोएडा में मजदूरों के विरोध-प्रदर्शन को भड़काने के आरोप में कई लोगों की धरपकड़ के साथ-साथ मजदूरों के हितों की सुरक्षा और औद्योगिक शांति के मकसद से भी कई कदम उठाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में शनिवार को श्रम विभाग ने एक बड़ा एक्शन लिया है.

नोएडा मजदूर आंदोलन के बाद श्रम विभाग का एक्शन, 43 ठेकेदारों को नोटिस, 10 का लाइसेंस रद्द
नोएडा में बीते सोमवार को मजदूरों ने उग्र विरोध-प्रदर्शन किया था.
  • नोएडा में श्रम विभाग ने मजदूर प्रदर्शन के बाद श्रम कानून उल्लंघन के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई तेज की.
  • शनिवार को 43 ठेकेदारों को मजदूरों के वेतन और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर नोटिस जारी किए गए.
  • गंभीर उल्लंघन करने वाले 10 ठेकेदारों के लाइसेंस रद्द कर उन्हें काली सूची में डालने की सिफारिश की गई है.
नोएडा:

Noida Worker Protest: नोएडा में पिछले सोमवार को हुए मजदूरों के उग्र विरोध-प्रदर्शन के बाद अब एक्शन का दौर जारी है. इस विरोध-प्रदर्शन को भड़काने के आरोप में कई लोगों की धरपकड़ के साथ-साथ मजदूरों के हितों की सुरक्षा और औद्योगिक शांति के मकसद से भी कई कदम उठाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में शनिवार को श्रम विभाग ने एक बड़ा एक्शन लिया है. अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई है. 

मजदूरों के वेतन सहित अन्य नियम नहीं मानने वाले 43 ठेकेदारों को नोटिस

अपर श्रमायुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में लगातार निरीक्षण और प्रवर्तन की कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में शनिवार को 43 ठेकेदारों को श्रम कानूनों के उल्लंघन के आरोप में नोटिस जारी किए गए हैं. निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर श्रमिकों के वेतन, सुरक्षा मानकों, कार्य समय और अन्य श्रम नियमों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं.

गंभीर लापरवाही वाले 10 ठेकेदारों के लाइसेंस रद्द

उन्होंने आगे बताया कि जिन मामलों में उल्लंघन अत्यंत गंभीर पाया गया, उनमें कड़ी कार्रवाई करते हुए 10 संविदाकारों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं. इतना ही नहीं, इन संविदाकारों को काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डालने के लिए उत्तर प्रदेश के श्रमायुक्त को भी पत्र भेजा गया है, जिससे भविष्य में ये किसी भी सरकारी या निजी परियोजना में कार्य न कर सकें.

श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना सर्वोच्च प्राथमिकता

अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि पिछले कुछ समय से जारी अभियान का हिस्सा है. पूर्व में जारी नोटिसों के आधार पर भी समीक्षा की गई और जिन संविदाकारों ने सुधार नहीं किया, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए गए हैं. श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद की औद्योगिक इकाइयों में शांति व्यवस्था बनाए रखना और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है.

नियम नहीं मानने वालों पर होती रहेगी कार्रवाई

विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि जो भी संविदाकार या प्रतिष्ठान श्रम कानूनों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. अंत में अपर श्रमायुक्त ने सभी औद्योगिक इकाइयों, ठेकेदारों और संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे श्रम कानूनों का पूरी तरह पालन करें. उन्होंने कहा कि नियमों के अनुपालन में लापरवाही बरतने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में और भी कठोर कदम उठाए जा सकते हैं.

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लेखक के बारे में
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प्रभांशु रंजन
Chief Sub Editor
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