विज्ञापन

UP की उस बुजुर्ग महिला की क्या कहानी? जिनका जिक्र IAS दिव्या मित्तल ने इस्तीफे के बाद किया

IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद मिर्जापुर के लहुरिया दह गांव की कहानी फिर चर्चा में है. आजादी के 75 साल बाद पहाड़ी पर बसे इस दलित बहुल गांव में नल से जल पहुंचाकर दिव्या मित्तल ने इतिहास रचा था, जहां एक बुजुर्ग महिला के भावुक स्पर्श ने उनका दिल छू लिया था.

UP की उस बुजुर्ग महिला की क्या कहानी? जिनका जिक्र IAS दिव्या मित्तल ने इस्तीफे के बाद किया
IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद मिर्जापुर के लहुरिया दह गांव की कहानी फिर चर्चा में है.
  • IAS दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया और इसे सोशल मीडिया पर साझा किया
  • मिर्जापुर में DM रहते हुए उन्होंने गांव लहुरिया दह में पेयजल संकट को दूर करने का प्रयास किया
  • गांव के कठिन भौगोलिक हालात के बावजूद दिव्या मित्तल ने हार नहीं मानी थी

IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा की नौकरी छोड़ दी. उन्होंने अपने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की और उसी की आखिरी लाइनों में यूपी के गांव लहुरिया दह की एक महिला का जिक्र करते हुए लिखा-"वो वृद्ध मां कांपते हाथों से मेरा सिर छूकर आशीर्वाद दे गई. पद तो आज छूट गया, पर वह स्पर्श जीवन भर नहीं छूटेगा."

यूपी कैडर में 2013 बैच की वरिष्ठ आईएएस अफसर और वर्तमान में उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत दिव्या मित्तल ने इस्तीफा देने के बाद जिस छोटे से गांव लहुरिया दह और वहां की बुजुर्ग महिला का जिक्र किया, उनकी पूरी कहानी वाकई हर किसी के दिल को छू लेने वाली है. इस कहानी की शुरुआत सितंबर 2022 से होती है, जो अब उनके इस्तीफे के बाद फिर से चर्चा में आ गई है.

मिर्जापुर की कमान संभालते ही लहुरिया दह पहुंची थीं दिव्या मित्तल

दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्या मित्तल को 17 सितंबर 2022 को संत कबीर नगर डीएम पद से स्थानांतरित करके मिर्जापुर डीएम की जिम्मेदारी सौंपी थी. बतौर डीएम दिव्या मित्तल की यह दूसरी पोस्टिंग थी. मिर्जापुर जिला कलेक्टर बनने के बाद दिव्या मित्तल पहली बार गांव लहुरिया दह पहुंचीं. मध्य प्रदेश सीमा के पास एक पहाड़ी की चोटी पर बसा हलिया ब्लॉक का गांव लहुरिया दह, मिर्जापुर जिला मुख्यालय से महज 49 किलोमीटर दूर था. 

आजादी के 75 साल बाद भी पानी को तरसता था गांव

गांव लहुरिया दह के हालात देखकर मिर्जापुर कलेक्टर दिव्या मित्तल दंग रह गई थीं. तकरीबन 1500 की आबादी वाले इस दलित बहुल गांव में आजादी के 75 साल बाद भी पेयजल नहीं पहुंचा था. यहां लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे थे. कोई भी यहां अपनी बेटी को दुल्हन बनाकर भेजने को तैयार नहीं था और गांव के हर दूसरे घर में लड़कों की शादी नहीं हो पा रही थी. लोग टैंकरों के भरोसे प्यास बुझाने को मजबूर थे. गांव लहुरिया दह में पानी के टैंकर पहुंचाने का हाल भी यह था कि एक तो पहाड़ी का दुर्गम रास्ता और दूसरा टैंकरों का बिल भरते-भरते ग्राम पंचायत कर्ज में डूब चुकी थी.

सर्वे की पुरानी रिपोर्टों को खारिज कर नए सिरे से बनाया प्लान

जब दिव्या मित्तल ने गांव लहुरिया दह में पेयजल पहुंचाने की ठानी और सरकारी फाइलें खंगालीं, तो हर एक फाइल में रिपोर्ट का नतीजा यही लिखा मिला कि विपरीत भौगोलिक स्थिति की वजह से लहुरिया दह में नल से पेयजल पहुंचाना मुमकिन नहीं है. मतलब सरकारी योजनाएं बनती तो थीं, मगर सर्वे के बाद दम तोड़ देती थीं. 

ias divya mittal resigns lahuria dah mirzapur elderly woman story 
इस बार गांव लहुरिया दह में पेयजल पहुंचाने की जिम्मेदारी दिव्या मित्तल के पास थी. ऐसे में उन्होंने पूर्व के अफसरों से हटकर सोचा और नए सिरे से सर्वे करवाया. जल निगम के इंजीनियरों ने ढलान और चढ़ाई के विपरीत जाकर लिफ्ट सिस्टम को फिर से री-डिजाइन किया. इस पूरे प्रोजेक्ट को चार स्पष्ट चरणों स्रोत, पंपिंग, भंडारण और वितरण में बांटा गया. एसी कमरों की औपचारिक बैठकों के बजाय हर हफ्ते सीधे ऑन-साइट जाकर जमीनी समीक्षा की गई. 'हर घर जल' योजना के तहत पाइपलाइन को उस दुर्गम पहाड़ी पर सफलतापूर्वक बिछाया गया और लहुरिया दह में पानी पहुंचाने में कामयाबी भी मिली.
Latest and Breaking News on NDTV

पानी पहुंचते ही रो पड़ी थीं बुजुर्ग महिला, दिया था आशीर्वाद

करीब 9 माह की मशक्कत के बाद लहुरिया दह में पानी पहुंचा. दिव्या मित्तल दोबारा गांव में पहुंचीं, तब वहां के 125 घरों के नलों में पानी आ रहा था. लोग बहुत खुश थे और वे दिव्या मित्तल को लहुरिया दह की 'भागीरथी' तक कह रहे थे. उसी दौरान एक बुजुर्ग महिला ने उनका हाथ पकड़कर रोना शुरू कर दिया. खुद दिव्या मित्तल भी अपने आंसू नहीं रोक पाई थीं. उस बुजुर्ग महिला ने सिर पर हाथ रखकर दिव्या मित्तल को आशीर्वाद भी दिया, जिसे वे इस्तीफा देते समय भी नहीं भूल सकीं. पानी वाली यह पूरी भावुक कहानी दिव्या मित्तल ने पूर्व में भी सोशल मीडिया पर शेयर की थी. 

द‍िव्‍या म‍ित्‍तल के इस्‍तीफे से संबंध‍ित खबरें 

यह भी पढ़ें-  IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर स‍ियासत: राहुल गांधी से मुलाकात, UP चुनाव 2027 से कनेक्शन की सच्‍चाई क्‍या?

यह भी पढ़ें-   कर्ज चुकाना था... IIT दिल्ली, IIM बेंगलुरु से पढ़ीं IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा, कई जिलों में रहीं DM

यह भी पढ़ें-  कोई ट्रिगर मोमेंट नहीं... IAS दिव्या मित्तल ने इस्तीफे पर तोड़ी चुप्पी, कहा-'यह नौकरी मेरे जीवन का सिर्फ एक चैप्टर'

यह भी पढ़ें-  'करप्शन इतना है क‍ि ईमानदार अधिकारी काम नहीं कर पा रहे हैं', IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर बोले अखिलेश यादव

यह भी पढ़ें-  IIT-IIM से पढ़ाई, फिर UPSC की तैयारी, ऐसे IAS बनीं दिव्या मित्तल; पढ़ें Success Story 

यह भी पढ़ें-  
IAS दिव्या मित्तल से पहले ये अफसर भी छोड़ चुके नौकरी, कोई बना एक्टर तो किसी ने बनाई करोड़ों की कंपनी

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
IAS Divya Mittal, Uttar Pradesh, Mirzapur, Ias Divya Mittal Resign Reason
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com