विज्ञापन

कौन हैं वो IAS, जिन्होंने मंत्री के 17 कॉल नहीं उठाए? एटा DM अरविंद सिंह पर भड़कीं कैबिनेट म‍िन‍िस्‍टर

यूपी के एटा में मंत्री बेबी रानी मौर्य का 17 बार फोन न उठाने पर डीएम आईएएस अरविंद सिंह घिर गए हैं. मंत्री ने कलेक्ट्रेट में गुलदस्ता लेने से मना कर नाराजगी जताई और मुख्यमंत्री से शिकायत की चेतावनी दी. जानिए पूरा मामला.

कौन हैं वो IAS, जिन्होंने मंत्री के 17 कॉल नहीं उठाए? एटा DM अरविंद सिंह पर भड़कीं कैबिनेट म‍िन‍िस्‍टर
ias arvind singh dm etah ignores cabinet minister baby rani maurya
  • उत्तर प्रदेश की महिला कल्याण मंत्री ने एटा में स्वागत व्यवस्थाओं में कथित लापरवाही पर नाराजगी जताई
  • मंत्री ने जिलाधिकारी अरविंद सिंह को सत्रह बार फोन किया, लेकिन उन्होंने न कॉल रिसीव किया न वापस कॉल किया
  • मंत्री ने कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी से गुलदस्ता लेने से साफ इनकार किया और प्रोटोकॉल की उपेक्षा पर सवाल उठाए

उत्तर प्रदेश सरकार की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य एटा में उस समय नाराज हो गईं, जब उन्हें रिसीव करने की व्यवस्थाओं में कथित लापरवाही सामने आई. मंत्री की ओर से जिलाधिकारी एटा, 2015 बैच के आईएएस अरविंद सिंह को एक-दो नहीं, बल्कि 17 बार फोन कॉल किए जाने की बात सामने आई है. आरोप है कि जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने न तो कोई कॉल रिसीव की और न ही बाद में कॉल बैक करके मंत्री को कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की जानकारी दी.

एटा कलेक्ट्रेट में डीएम का गुलदस्ता लेने से इनकार

इतना ही नहीं, मंत्री के स्वागत और उन्हें रिसीव करने के लिए किसी उपजिलाधिकारी को भी नहीं लगाया गया था. कार्यक्रम से पहले मंत्री एटा कलेक्ट्रेट पहुंचीं, जहां उन्हें सलामी दी जानी थी. इसी दौरान जिलाधिकारी अरविंद सिंह आगे बढ़कर मंत्री का स्वागत करने पहुंचे और उन्हें गुलदस्ता भेंट करना चाहा, लेकिन मंत्री ने गुलदस्ता लेने से साफ इनकार कर दिया. 

ias arvind singh dm etah ignores cabinet minister baby rani maurya

ias arvind singh dm etah ignores cabinet minister baby rani maurya

डीएम साहब! क्या आप प्रोटोकॉल में हमसे बड़े हैं?

मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वह व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के लिए लगातार फोन कर रही थीं, लेकिन उनकी कॉल रिसीव नहीं की गई. मंत्री ने यह भी कहा कि उनका पीए भी लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहा था, इसके बावजूद कॉल बैक तक नहीं किया गया. मंत्री ने डीएम अरविंद सिंह से सवाल किया, "क्या आप प्रोटोकॉल में हमसे बड़े हैं, जो हमसे बात नहीं करेंगे?" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की अव्यवस्था नहीं चलेगी और जरूरत पड़ने पर वह इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगी. 

बातचीत के दौरान जिलाधिकारी अरविंद सिंह अपनी सफाई देते नजर आए, वहीं मंत्री की नाराजगी देखकर मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी असहज दिखाई दिए. कार्यक्रम से पहले कलेक्ट्रेट परिसर में मंत्री और जिलाधिकारी के बीच हुई यह तीखी बातचीत अब चर्चा का विषय बनी हुई है.

अरविंद सिंह डीएम का जीवन पर‍िचय

आपको बता दें कि आईएएस अरविंद सिंह मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले हैं और उत्तर प्रदेश कैडर में 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. एटा से पहले वह राजस्व परिषद लखनऊ में तैनात रहे हैं और बलरामपुर के डीएम के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने बीटेक और लखनऊ से पीजी डिप्लोमा किया है. वह मई 2026 से एटा के डीएम पद पर कार्यरत हैं.  

-धनंजय भदौरिया की र‍िपोर्ट

यह भी पढ़ें- भाई के भरोसे ने बहन को UPSC टॉपर बनाया, IAS शक्ति दुबे की AIR-1 की कहानी

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Uttar Pradesh, IAS, DM, UP News, Etah
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com