- ग्रेटर नोएडा में सवर्ण स्वाभिमान मंच के बैनर तले गांधी जयंती पर मौन व्रत और विरोध प्रदर्शन हुआ
- प्रदर्शनकारियों ने UGC नीतियों, आरक्षण व्यवस्था और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्ति जताई
- जिला कलेक्ट्रेट परिसर में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन हुआ और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया
हात्मा गांधी जयंती के अवसर पर ग्रेटर नोएडा में सवर्ण स्वाभिमान मंच के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने मौन व्रत रखकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने UGC रोलबैक, आरक्षण व्यवस्था और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई. कार्यक्रम का आयोजन जिला कलेक्ट्रेट परिसर में किया गया, जहां लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सामने रखा.
राष्ट्रगान के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम
शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे राष्ट्रगान के साथ मौन व्रत की शुरुआत हुई. इसके बाद प्रदर्शनकारी निर्धारित स्थान पर शांतिपूर्वक बैठे रहे. करीब एक बजे मौन व्रत समाप्त किया गया. इस दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों के समर्थन में संदेश दिए और सरकार से संबंधित नीतियों पर पुनर्विचार करने की अपील की.
राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
मंच के संयोजक कपिल शर्मा ने बताया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रदर्शन के बाद महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया. उन्होंने कहा कि संगठन का मानना है कि कुछ नीतियों और कानूनों की वजह से समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो रही है. इसलिए सरकार को इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.
आगे बड़े आंदोलन की चेतावनी
कपिल शर्मा ने कहा कि मौन व्रत आंदोलन की केवल शुरुआत है. संगठन ने आगे की रणनीति भी तैयार कर ली है और आने वाले समय में बड़े स्तर पर जनजागरण एवं विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि UGC से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा.
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. आयोजकों ने इसे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का प्रयास बताया. वहीं प्रदर्शनकारियों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाएं गंभीरता से विचार करेंगी.
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