UP के शामली में महापंचायत के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे किसान, आदेश को किया दरकिनार 

शामली जिला प्रशासन ने कोविड-19 के चलते अप्रैल तक बड़े समारोह पर लगी रोक और किसानों द्वारा 'अनुशासनहीन व्यवहार की संभावना' का हवाला दिया.

UP के शामली में महापंचायत के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे किसान, आदेश को किया दरकिनार 

किसान महापंचायत के लिए शामली में बड़ी संख्या में एकत्र हुए किसान

शामली:

प्रशासन के इनकार के बावजूद बड़ी संख्या में किसान महापंचायत के लिए शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के शामली में इकट्ठा हुए. दरअसल, गुरुवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को महापंचायत करने की अनुमति देने से मना कर दिया था. इसके बावजूद किसान महापंचायत के लिए बड़ी संख्या में अन्नदाता यहां एकत्र हुए. जिला प्रशासन ने कोविड-19 से जुड़े प्रतिबंधों का हवाला दिया था. 

शामली जिला प्रशासन ने कोविड-19 के चलते अप्रैल तक बड़े समारोह पर लगी रोक और किसानों द्वारा 'अनुशासनहीन व्यवहार की संभावना' का हवाला दिया. हालांकि, भारतीय किसान यूनियन (BKU) और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) समेत आयोजकों ने कहा कि वे पीछ नहीं हट सकते. 

भीड़ एकत्र होने से रोकने के लिए लगाई जाने वाले धारा 144 को लेकर राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के नेता जयंत चौधरी ने ट्वीट में कहा, "144 कारणों की वजह से मैं कल शामली जाऊंगा." आज सुबह किसानों के समूहों को शामली की ओर जाता देखा गया और कई लोग ट्रैक्टर पर सवार होकर मैदान में पहुंचे. इस दौरान इंकलाब जिंदाबाद के नारे सुनाई दिए.

तीन कृषि कानूनों को लेकर विरोध कर रहे किसानों का समर्थन करते हुए पिछले कुछ हफ्तों में उत्तर प्रदेश और हरियाणा में कई महापंचायतों का आयोजन किया गया है. किसानों का कहना है कि इन कानूनों की वजह से वे कंपनियों की दया पर निर्भर हो जाएंगे और उनकी गारंटीड आय खत्म हो जाएगी.


कृषि कानून (Farm Law) का विरोध कर रहे राष्ट्रीय लोकदल की पूरे उत्तर प्रदेश में 5 फरवरी से 18 फरवरी तक कई पंचायतों का आयोजन कराने की योजना है. इसमें भारतीय किसान यूनियन भी उनके साथ है. ये पंचायतें दिल्ली सीमा के पास हो रहे किसान आंदोलन के समर्थन के लिए की जा रही हैं. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमा पर हजारों की संख्या में किसान कृषि कानूनों के खिलाफ नवंबर महीने से धरने पर बैठे हैं.

वीडियो: दिल्ली को छोड़कर पूरे देश में चक्का जाम : किसान नेता

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