उत्तर प्रदेश के इटावा स्वास्थ्य विभाग (Etawah Health Department) में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कानपुर विजिलेंस की टीम ने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) श्री निवास यादव को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. टीम ने उन्हें 55 हजार रुपये घूस लेते हुए पकड़ा. विजिलेंस की यह कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी.
लैब पंजीकरण के बदले मांगी थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, एक पैथोलॉजी लैब के पंजीकरण (Registration) को हरी झंडी देने के एवज में ACMO श्री निवास यादव काफी समय से रिश्वत की मांग कर रहे थे. पीड़ित का आरोप था कि वह पहले भी रिश्वत की एक किश्त दे चुका था, लेकिन बची हुई रकम के लिए अधिकारी द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था. परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत कानपुर विजिलेंस से की. शिकायत का सत्यापन करने के बाद विजिलेंस टीम ने रिश्वतखोर ACMO को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया.
कार्यालय परिसर में ही दबोचे गए ACMO
बुधवार को कानपुर विजिलेंस की करीब 12 सदस्यीय टीम इटावा पहुंची. जैसे ही पीड़ित ने सीएमओ कार्यालय परिसर के भीतर ACMO श्री निवास यादव को 55 हजार रुपये थमाए, वैसे ही सतर्क विजिलेंस टीम ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया और मौके से रिश्वत की रकम बरामद कर ली.
लंबे समय से इटावा में तैनात एसीएमओ श्री निवास यादव पर पहले भी विभागीय कार्यों के बदले रिश्वत लेने का आरोप लग चुका है. गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम आरोपी अधिकारी को सिविल लाइंस थाने लेकर आई, जहां उनके खिलाफ विधिक कानूनी कार्रवाई की गई. इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते आए.
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