महानवमी और विजयादशमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए एक भावनात्मक पाती लिखी है. अपने संदेश में उन्होंने कहा कि अन्यायी और अधर्मी चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, आखिर विजय सत्य, न्याय और धर्म की ही होती है. मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा के पराक्रम और प्रभु श्रीराम के जीवन को समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बताते हुए लोगों से नकारात्मकता, अहंकार और अन्याय रूपी रावण का दहन करने का संकल्प लेने की अपील की.
सीएम योगी ने अपनी पाती में कहा कि शारदीय नवरात्र की महानवमी और विजयादशमी केवल धार्मिक पर्व नहीं हैं, बल्कि ये सत्य की असत्य पर और धर्म की अधर्म पर विजय का संदेश देने वाले उत्सव हैं. उन्होंने कहा कि मां दुर्गा का शौर्य और प्रभु श्रीराम का जीवन समाज को अन्याय के प्रतिकार, नारी सम्मान, कर्तव्यपालन और आदर्श जीवन मूल्यों की प्रेरणा देता है.
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों, शारदीय नवरात्र की महानवमी की हृदय से बधाई एवं विजयादशमी की अनंत शुभकामनाएं। मां दुर्गा का प्रबल पराक्रम और प्रभु श्रीराम का धर्मनिष्ठ जीवन हमें अन्याय के प्रतिकार, नारी-सम्मान तथा कर्तव्यपालन की प्रेरणा देता है। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप हमारी सरकार ने प्रदेश में कानून के शासन और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई भूमि पर गरीबों के लिए आवास बनाए गए हैं। मुझे संतोष है कि इसी क्रम में प्रयागराज के कसारी-मसारी में माफिया के कब्जे से मुक्त भूमि पर गरीबों के लिए आवास बनेंगे। यह क्षेत्र 'श्रीकृष्णपुरी' के रूप में विकसित होगा। मेरा आपसे विशेष आग्रह है कि इस विजयादशमी पर अहंकार, अन्याय, भेदभाव और नकारात्मकता रूपी रावण के दहन के साथ नशे की लत, पारिवारिक कलह, जातीय भेदभाव और दहेज-प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों से मुक्ति का संकल्प भी लें।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 19, 2026
भगवान राम केवल आस्था के प्रतीक नहीं: सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम के आदर्शों का खास जिक्र करते हुए कहा कि उनका जीवन मां और मातृभूमि के प्रति प्रेम, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का श्रेष्ठ उदाहरण है. उन्होंने कहा कि भगवान राम केवल आस्था के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि समरसता और सामाजिक एकात्मता के भी प्रतीक हैं. रामलीला जैसे आयोजनों में समाज के हर वर्ग और समुदाय के लोग बिना किसी भेदभाव के सहभागिता करते हैं, जो भारतीय सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्श केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विश्व के अनेक देशों की सांस्कृतिक परंपराओं में भी उनकी छाप दिखाई देती है. यही कारण है कि उनका जीवन आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा बना हुआ है.
लोगों का कानून पर भरोसा मजबूत: सीएम योगी
अपनी पाती में मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था और सुशासन का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप कानून का शासन और नागरिकों की सुरक्षा उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए निर्णायक कदम उठाए गए हैं. अपराधियों और माफिया के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति ने लोगों का कानून पर भरोसा मजबूत किया है.
सीएम योगी ने यह भी कहा कि माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों का उपयोग अब गरीबों और जरूरतमंदों के हित में किया जा रहा है. उन्होंने प्रयागराज के कसारी-मसारी क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि मुक्त कराई गई भूमि पर गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे. साथ ही इस क्षेत्र को 'श्रीकृष्णपुरी' के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है.
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने लोगों से विजयादशमी के पर्व को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि आत्ममंथन के अवसर के रूप में मनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए अहंकार, अन्याय, भेदभाव, हिंसा और नकारात्मकता रूपी रावण का दहन करना होगा. तभी रामराज्य के आदर्शों के अनुरूप समृद्ध, सुरक्षित और समरस समाज का निर्माण संभव होगा.
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