- मायावती ने हिजाब विवाद में सभी पक्षों से संवेदनशीलता बरतने और ओछी राजनीति से बचने की अपील की
- उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों को अदालत में के बजाय स्थानीय स्तर पर सुलझाया जाना चाहिए
- बीएसपी चीफ ने कहा कि संविधान में सभी धर्मों और समुदायों को समान अधिकार मिला है
उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाई कोर्ट की हिजाब को लेकर टिप्पणी के बाद इस पर जमकर विवाद हो रहा है. इस मामले पर राजनीति भी तेज है. पहले ओवैसी और अब मायावती की भी मामले में एंट्री हो गई है. ओवैसी ने कोर्ट के फैसले को इस्लाम पर हमला करार दिया. वहीं अब बीएसपी चीफ मायावती का भी इस पर रुख सामने आया है. मायावती ने मामले में सभी पक्षों से संवेदनशीलता बरतने की अपील की.
हिजाब पर ओछी राजनीति न करें-मायावती
मायावती ने कहा कि किसी भी धर्म, धार्मिक ग्रंथ, धार्मिक प्रचलन और मान्यताओं से जुड़े संवेदनशील मामलों पर टीका-टिप्पणी से बचना देश और जनहित में होगा. साथ ही उन्होंने महिलाओं की अस्मिता, सम्मान और पर्दे से जुड़े मामलों को भी संवेदनशीलता के साथ देखने की बात कही. मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों को स्थानीय स्तर पर सुलझाया जाना चाहिए. इनका इस्तेमाल संकीर्ण राजनीति के लिए नहीं किया जाना चाहिए.
1. जैसाकि सर्वविदित है कि परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने मानवतावादी, कल्याणकारी व सभी जाति-धर्मों के मानने वालों को एक-समान समतामूलक अधिकार देने वाला सेक्युलर संविधान देकर पूरे देश को एक कड़ी में जोड़ कर सशक्त भारत बनाने की गारण्टी सुनिश्चित की है और इसके तहत् सभी…
— Mayawati (@Mayawati) August 26, 2026
कानूनी मुद्दा बनाने के बजाय स्थानीय स्तर पर सुलझाएं
उन्होंने बुधवार को एक्स पर पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि स्कूलों में यूनिफॉर्म, पर्दा, चादर और हिजाब पहनने जैसे मामलों को ज्यादा तूल देकर अदालत-कचहरी में विवाद का कानूनी मुद्दा बनाने के बजाय स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रबंधन तथा शासन-प्रशासन की आपसी समझ और सूझबूझ से सुलझाया जाना चाहिए.उन्होंने अपनी पार्टी को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकरवादी बताते हुए कहा कि सभी धर्मों और उनकी धार्मिक मान्यताओं का सम्मान किया जाना चाहिए.
संविधान में सभी धर्मों और समुदायों को समान अधिकार
यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि डॉ. बीआर. अंबेडकर के नेतृत्व में बनाया गया संविधान सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को समान अधिकार देता है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा, " हर किसी को सभी धर्मों के धार्मिक ग्रंथों, रीति-रिवाजों और मान्यताओं के आधार पर शांतिपूर्ण और खुशहाल जीवन जीने का अधिकार है.जिसकी अनदेखी करने और उसमें दखल देने के बजाय सभी को उसकी पवित्रता का सम्मान करना चाहिए.
बीएसपी मजहब की सुरक्षा की गारंटी वाली पार्टी
मायावती ने आगे कहा कि बीएसपी सर्वसमाज के सम्मान, उनके जान-माल, मजहब की सुरक्षा की गारंटी वाली अंबेडकरवादी पार्टी है और यही मानना है कि किसी भी धर्म, धार्मिक ग्रंथ व धार्मिक प्रचलन/मान्यताओं के संवेदनशील मामलों पर सभी लोग टीका-टिप्पणी करने से बचें तो यह देश व जनहित में होगा.
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