केंद्र सरकार ने देशभर के छोटे और मझोले कारोबारियों के लिए बड़ा ऐलान किया है. कैबिनेट ने 10 हजार करोड़ के SME ग्रोथ फंड का ऐलान किया है. इससे छोटे और मध्यम उद्योगों की मदद की जाएगी. वहीं दूसरी ओर देश के ट्रांसपोर्ट-लॉजिस्टिक्स सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा फैसला लिया गया है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 10,000 करोड़ रुपये के SME ग्रोथ फंड (SGF) में सरकारी योगदान और इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक अथॉरिटी (ITLA) के गठन को मंजूरी दी गई है.
सरकार के मुताबिक, दोनों पहल का मकसद कारोबार के विस्तार, निवेश, आधुनिक तकनीक अपनाने और देश में लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को ज्यादा एकीकृत बनाने में मदद करना है.
10 हजार करोड़ के SME ग्रोथ फंड से ऐसे मिलेगी मदद
ग्रोथ-स्टेज पर पहुंच चुकी छोटी और मध्यम कंपनियों के सामने लंबे समय के इक्विटी रिस्क कैपिटल की कमी एक बड़ी चुनौती रही है. SME ग्रोथ फंड इसी कमी को दूर करने पर फोकस करेगा.
सरकार की ओर से इस फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता की गई है. इसका इस्तेमाल छोटे और मध्यम उद्योगों में सीधे इक्विटी निवेश के लिए किया जाएगा.
फंड का फोकस खास तौर पर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों और टियर-2 और टियर-3 शहरों के औद्योगिक क्लस्टर्स पर रहेगा.
इससे कंपनियों को कारोबार बढ़ाने, उत्पादन क्षमता का विस्तार करने और आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए पूंजी जुटाने में मदद मिल सकती है. इसके साथ ही इन कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए भी सपोर्ट मिलने की उम्मीद है.
लॉजिस्टिक्स के लिए बनेगी नई अथॉरिटी
कैबिनेट ने ITLA यानी इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक अथॉरिटी (Integrated Transport & Logistics Authority) के गठन को भी मंजूरी दी है. इसे परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े क्षेत्रों में रिसर्च, प्लानिंग, मॉनिटरिंग और नीतिगत समर्थन के लिए राष्ट्रीय स्तर की शीर्ष संस्था के तौर पर काम करने के लिए बनाया जाएगा.
ITLA के दायरे में सड़क, रेलवे, पत्तन, नागरिक उड्डयन और शहरी परिवहन जैसे क्षेत्र आएंगे. संस्था 10 साल या उससे ज्यादा की अवधि को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान तैयार करेगी.
500 करोड़ से बड़ी परियोजनाओं की तकनीकी जांच
ITLA की एक अहम जिम्मेदारी 500 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा लागत वाली इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की तकनीकी जांच करना भी होगी.
इसके अलावा संस्था अलग-अलग डिजिटल स्रोतों से ट्रांसपोर्ट डेटा जुटाकर नेशनल ट्रांसपोर्ट डेटा रिपॉजिटरी (NTDR) तैयार करेगी. इसमें GSTN ई-वे बिल, FASTag और वाहन से जुड़े डेटा जैसे स्रोतों का इस्तेमाल किया जाएगा.
इस डेटा के जरिए देश में माल और यात्रियों की आवाजाही को बेहतर तरीके से समझने और ट्रांसपोर्ट प्लानिंग को मजबूत करने में मदद मिलेगी.
सरकार का मानना है कि दोनों पहल कारोबार के विस्तार और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को ज्यादा प्रभावी बनाने में मदद कर सकती हैं. इनका उद्देश्य देश में औद्योगिक विकास, मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत करना है.
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