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This Article is From Mar 27, 2026

प्रयागराज के पुलिस थाने में ही लगा दी अदालत... नाराज हाईकोर्ट ने दो इंस्पेक्टरों को हाजिर होने का दिया आदेश

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब शिकायतकर्ता अपने पैसे वापस पाने की कोशिश कर रहा था, उसी दौरान धूमनगंज थाना एक तरह से सिविल कोर्ट में तब्दील कर दिया गया.

प्रयागराज के पुलिस थाने में ही लगा दी अदालत... नाराज हाईकोर्ट ने दो इंस्पेक्टरों को हाजिर होने का दिया आदेश
Allahabad Highcourt: इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा आदेश
  • इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रयागराज के धूमनगंज थाना के दो पूर्व इंस्पेक्टरों की भूमिका पर कड़ी नाराजगी जताई है.
  • कोर्ट ने कहा कि पैसों की वसूली के एक दीवानी विवाद में पुलिस ने खुद को सिविल कोर्ट में बदल लिया.
  • कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि दोनों इंस्पेक्टरों को 31 मार्च को अदालत में उपस्थित किया जाए.

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रयागराज के धूमनगंज थाने में तैनात रहे इंस्पेक्टर रैंक के दो पूर्व थाना प्रभारियों की भूमिका पर कड़ी नाराजगी जताई है. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पैसों की वसूली के एक दीवानी विवाद में पुलिस ने खुद को सिविल कोर्ट में बदल लिया. इस मामले में कोर्ट ने प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि दोनों इंस्पेक्टर चाहे वे फिलहाल कहीं भी तैनात हों, उन्‍हें 31 मार्च 2026 को दोपहर दो बजे व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित किया जाए. 

जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की डिविजन बेंच ने संजय कुमार अग्रवाल और आयुष अग्रवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि विवाद मूल रूप से दीवानी प्रकृति का है, जिसमें पैसे उधार दिए गए थे और वापस नहीं किए गए. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामले में न तो एफआईआर दर्ज की जा सकती थी और न ही पुलिस जांच का कोई आधार था. 

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने की तीखी टिप्‍पणी 

हाई कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब शिकायतकर्ता अपने पैसे वापस पाने की कोशिश कर रहा था, उसी दौरान धूमनगंज थाना एक तरह से सिविल कोर्ट में तब्दील कर दिया गया. कोर्ट के अनुसार, उस समय थाने के लगातार दो पूर्व थाना प्रभारी इंस्पेक्टर वैभव सिंह और इंस्पेक्टर अमरनाथ राय ने इस पैसे की वसूली से जुड़े विवाद को अपने हाथ में ले लिया. आरोप है कि इस दौरान शिकायतकर्ता के साथ मारपीट की गई और उसका सिक्योरिटी चेक भी छीन लिया गया. 

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दोनों थाना प्रभारियों को प्रतिवादी बनाने का आदेश 

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने दोनों पूर्व थाना प्रभारियों को याचिका में प्रतिवादी के रूप में पक्षकार बनाए जाने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रयागराज के धूमनगंज थाने में तैनात रहे दोनों इंस्पेक्टर रैंक के पूर्व इंचार्ज को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है. दाखिल याचिका में राज्य सरकार, प्रयागराज पुलिस कमिश्नर, एसएचओ धूमनगंज थाना और संतोष कुमार वर्मा को प्रतिवादी बनाया गया है. 

एक हफ्ते में दाखिल करना होगा हलफनामा 

हाईकोर्ट ने कहा कि प्रतिवादियों के दोनों समूहों को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया जाएगा. साथ ही कोर्ट ने कहा है कि प्रतिवादी संख्या 5 और 6 के रूप में पक्षकार बनाएगए दोनों इंस्पेक्टर को प्रयागराज के पुलिस आयुक्त के माध्यम से 48 घंटे के अंदर नोटिस तामील कराने के लिए कदम उठाए जाएंगे. उन्हें जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय भी दिया जाएगा. 

याचिकाकर्ताओं की नहीं होगी गिरफ्तारी: कोर्ट 

कोर्ट ने आदेश दिया है कि कोर्ट के अगले आदेश तक याचिकाकर्ताओं यानी संजय कुमार अग्रवाल और आयुष अग्रवाल को धूमनगंज थाने में दर्ज केस क्राइम नंबर 410/2025 में बीएनएस की धारा 316(2), 352, 351(2) के तहत गिरफ्तार नहीं किया जाएगा. कोर्ट ने कहा है कि इस आदेश को रजिस्ट्रार (अनुपालन) के माध्यम से प्रयागराज के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर तक पहुंचाया जाए.

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