Bihar News: बिहार के वैशाली जिले में बीपीएससी शिक्षिका और उसके पति के बीच चल रहा हाई-प्रोफाइल विवाद अब नया मोड़ ले चुका है. पति अमन कुमार के लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद, अब शिक्षिका गुंजन कुमारी ने सामने आकर करारा पलटवार किया है. NDTV से बातचीत में गुंजन ने पति के सभी आरोपों को बेबुनियाद और बदनाम करने की साजिश करार दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे अपनी कड़ी मेहनत से शिक्षिका बनी हैं और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है.
'मेरे लिए नहीं, अपने टूटे पैर के लिए बेची थी जमीन'
पति अमन कुमार ने मीडिया में दावा किया था कि उन्होंने पत्नी गुंजन को पढ़ाने और BPSC की तैयारी करवाने के लिए अपनी जमीन बेच दी थी. इस दावे पर जवाब देते हुए गुंजन कुमारी ने कहा, 'उन्होंने मेरी पढ़ाई के लिए कोई जमीन नहीं बेची थी. सच्चाई यह है कि उनका पैर टूट गया था, और उन्होंने अपने पैर के इलाज से जुड़े खर्चों के लिए वह जमीन बेची थी. अगर उन्हें मेरी पढ़ाई के लिए जमीन बेचनी होती, तो वे उस वक्त बेचते जब मैं वास्तव में पढ़ाई कर रही थी. बिना किसी प्रमाण के मुझे सरेआम बदनाम किया जा रहा है.'
'मैंने अपना संघर्ष खुद किया, बच्चों को भी पाला'
शिक्षिका ने अपनी संघर्ष की कहानी बताते हुए कहा कि इंटरमीडिएट के बाद ही उनकी शादी हो गई थी. शादी के बाद उन्होंने तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए खुद ग्रेजुएशन पूरी की. इसके बाद B.Ed, CTET और BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा पास की. गुंजन ने बताया, 'साल 2023 में मेरी नियुक्ति सुपौल जिले में हुई थी. मैं वहां अपने बच्चों के साथ रह रही थी. नौकरी के साथ-साथ बच्चों की देखभाल, खाना बनाना और पढ़ाई जैसे सारे काम मैं खुद करती थी. इसके बावजूद मेरे पति वहां भी पहुंच गए और मेरे बारे में गलत बातें फैलाकर मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया.'
दार्जिलिंग ट्रिप की क्या है सच्चाई?
पति की तरफ से दार्जिलिंग यात्रा को लेकर उठाए गए सवालों पर भी गुंजन ने स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वे कोई अकेले नहीं, बल्कि कई महिला शिक्षिकाओं के साथ दार्जिलिंग घूमने गई थीं. उन्होंने कहा कि इस पूरी यात्रा के दौरान वे लगातार वीडियो कॉल के जरिए अपने परिवार के संपर्क में थीं और उन्हें हर जानकारी दे रही थीं.
'बेटे से दबाव में दिलवाया गया बयान'
गुंजन कुमारी ने खुलासा किया कि वे साल 2022 से ही अपने पति से अलग रह रही हैं, क्योंकि उन्हें लगातार मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उनके नाबालिग बेटे के बयान को लेकर गुंजन ने कहा, 'मेरे बेटे से दबाव में आकर बयान दिलवाया गया है. मैंने अपने बच्चे की कस्टडी के लिए कोर्ट में आवेदन दिया है. मुझे पूरा हक है कि मेरा बच्चा मुझे वापस मिले. जब वह मेरे पास आएगा, तो खुद सारी सच्चाई बयान कर देगा.'
पुलिस और प्रशासन का क्या कहना है?
इस पूरे पारिवारिक और कानूनी विवाद को लेकर सदर SDPO सुबोध कुमार ने स्थिति साफ की है. SDPO सुबोध कुमार ने NDTV को बताया, 'पति अमन कुमार की तरफ से एक आवेदन दिया गया है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है. पति-पत्नी दोनों थाने आए थे और दोनों का स्पष्ट कहना है कि वे अब एक साथ नहीं रहना चाहते. हालांकि, अभी तक पत्नी की तरफ से थाने में कोई औपचारिक आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है, क्योंकि उनका मामला पहले से ही कोर्ट में विचाराधीन है.'
'मीडियो के बजाय कोर्ट में पेश करें सबूत'
बहरहाल, पति-पत्नी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह ड्रामा अब अदालत की चौखट पर है. गुंजन कुमारी ने चुनौती दी है कि अगर उनके पति के पास कोई भी सच्चा सबूत है, तो वह उसे मीडिया के बजाय अदालत में पेश करें. अदालत बिना साक्ष्य के किसी को दोषी नहीं मानती, और अंतिम फैसला न्यायपालिका ही करेगी.
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