सपा संस्थपक मुलायम सिंह यादव ने कहा "यह सही है कि जो बाप का नहीं हुआ, वह किसी का नहीं हो सकता."
- कहा - 2012 में लोगों ने मुझे वोट दिया था, लेकिन मैंने अखिलेश को सीएम बना
- मुलायम ने कहा, "मेरा आज तक जिंदगी में कभी किसी ने इतना अपमान नहीं किया"
- बोले - मैंने किसी से कुछ नहीं कहा, क्योंकि मेरा बेटा ही मेरे खिलाफ था
लखनऊ:
समाजवादी पार्टी में जारी संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा है. चुनाव में मिली करारी हार के बाद यह झगड़ा और भी बढ़ता जा रहा है. अखिलेश और उनके चाचा शिवपाल तथा पिता मुलायम सिंह के बीच तल्खी जारी है. यूपी चुनाव के बाद मुलायम सिंह ने पहली बार अखिलेश पर करारा वार किया है. उन्होंने अखिलेश पर खुद को और अपने भाई शिवपाल यादव को अपमानित करने का आरोप अखिलेश पर लगाया. सपा संस्थापक ने कहा कि उन्हें जितना अखिलेश ने अपमानित किया, उतना किसी ने भी नहीं किया.
मुलायम ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कन्नौज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए बयान का हवाला देते हुए कहा, "यह सही है कि जो बाप का नहीं हुआ, वह किसी का नहीं हो सकता." गौरतलब है कि मोदी ने कन्नौज में अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा था कि 'जिसने अपने पिता का अपमान किया हो, वह राज्य के लोगों के साथ वफादार कैसे हो सकता है?'
मैनपुरी में एक होटल का उद्घाटन करने पहुंचे मुलायम ने दावा किया कि मोदी के बयान ने मतदाताओं को प्रभावित किया, जिसका खामियाजा सपा को उठाना पड़ा. उन्होंने कहा, "2012 में लोगों ने मुझे मुख्यमंत्री बनाने के लिए पार्टी को वोट दिया था, लेकिन मैंने अखिलेश को मुख्यमंत्री बना दिया. पर उसने मेरा अपमान किया. मुलायम ने कहा, "मेरा आज तक जिंदगी में कभी किसी ने इतना अपमान नहीं किया."
उन्होंने कहा, "लेकिन मैंने किसी से कुछ नहीं कहा, क्योंकि मेरा बेटा ही मेरे खिलाफ था." उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी त्रासदी है कि उनके बेटे ने कांग्रेस से हाथ मिला लिया. एक ऐसी पार्टी, जिसने उन पर एक बार नहीं, बल्कि तीन बार 'जानलेवा हमले' किए. गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने एक जनवरी को मुलायम को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटा कर खुद इस पद की कमान संभाल ली थी. अखिलेश ने राज्यसभा सांसद अमर सिंह को भी पार्टी से निकाल दिया था और अपने चाचा शिवपाल यादव को पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष पद से हटा दिया था.
मुलायम ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कन्नौज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए बयान का हवाला देते हुए कहा, "यह सही है कि जो बाप का नहीं हुआ, वह किसी का नहीं हो सकता." गौरतलब है कि मोदी ने कन्नौज में अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा था कि 'जिसने अपने पिता का अपमान किया हो, वह राज्य के लोगों के साथ वफादार कैसे हो सकता है?'
मैनपुरी में एक होटल का उद्घाटन करने पहुंचे मुलायम ने दावा किया कि मोदी के बयान ने मतदाताओं को प्रभावित किया, जिसका खामियाजा सपा को उठाना पड़ा. उन्होंने कहा, "2012 में लोगों ने मुझे मुख्यमंत्री बनाने के लिए पार्टी को वोट दिया था, लेकिन मैंने अखिलेश को मुख्यमंत्री बना दिया. पर उसने मेरा अपमान किया. मुलायम ने कहा, "मेरा आज तक जिंदगी में कभी किसी ने इतना अपमान नहीं किया."
उन्होंने कहा, "लेकिन मैंने किसी से कुछ नहीं कहा, क्योंकि मेरा बेटा ही मेरे खिलाफ था." उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी त्रासदी है कि उनके बेटे ने कांग्रेस से हाथ मिला लिया. एक ऐसी पार्टी, जिसने उन पर एक बार नहीं, बल्कि तीन बार 'जानलेवा हमले' किए. गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने एक जनवरी को मुलायम को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटा कर खुद इस पद की कमान संभाल ली थी. अखिलेश ने राज्यसभा सांसद अमर सिंह को भी पार्टी से निकाल दिया था और अपने चाचा शिवपाल यादव को पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष पद से हटा दिया था.
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